उसने मारपीट करनेवाले लड़के के लिए मेरा साथ छोड़ दिया – विशाल की लव स्टोरी

मेरा नाम विशाल है। फिलहाल मैं झारखंड में टीचर हूं। मैंने बीएड दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया है। बात उसी समय की है। 2008 में मैं बीएड कर रहा था तो मेरी क्लास में एक खामोश सी एक लड़की थी, उसका नाम सोनम था। मेरी मां बचपन में ही गुजर गई इसलिए मुझे मां का प्यार नहीं मिला। मैं हमेशा प्यार की तलाश किया करता था।

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वो खामोश सी लड़की मुझे अच्छी लगने लगी। दिल्ली यूनिवर्सिटी के बीएड में लड़के-लड़कियों का एक ही हॉस्टल है। इसमें एक साइड लड़के रहते हैं, दूसरी तरफ लड़कियां। किचन और कैंटीन सबका एक ही था। वो भी हॉस्टल में रहती थी और मैं भी। क्लास के साथ-साथ कैंटीन में भी हमारी मुलाकात हो जाया करती थी।
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हम दोनों की बातें होने लगी। सोनम और मेरी मुलाकातें ज्यादा होने लगीं। हम दोनों क्लास और हॉस्टल में जब भी मौका मिलता तब एक दूसरे के साथ रहते थे। मैं उसे देखकर ही खुश हो जाता था। मैं उसके प्यार में डूब गया। हर परिस्थिति में मैं उसका साथ देने लगा। घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन छोड़ने से लेकर कैंटीन में उसके लिए चाय बनाने तक। उसको खुश रखने के लिए और उसकी उदासी को दूर करने में मैं अपनी तरफ से सारी कोशिशें करता था।
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एक दिन सोनम हॉस्टल से बाहर निकली तो उसके साथ क्लास के ही एक लड़के ने छेड़खानी कर दी। उसने हॉस्टल में आकर मुझे ये बात बताई तो मैंने कहा कि अच्छा, देखता हूं। मैं जल्दी किसी से झगड़ा या मारपीट नहीं करता। थोड़ा सॉफ्ट किस्म का इनसान हूं। मैंने दूसरे दिन उस लड़के को समझाया लेकिन अगले दिन फिर उसने सोनम के साथ बदतमीजी कर दी। तभी मेरे क्लास के एक लड़के ने उसकी पिटाई कर दी।
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अगले दिन से सोनम का रवैया मेरे प्रति बदल चुका था। मेरे लिए उसका प्यार खतम हो चुका था। वो बदली-बदली सी लग रही थी। कैंटीन, हॉस्टल और क्लास में वो मुझसे कतराने लगी। उसने उस लड़के के साथ घूमना शुरू कर दिया जिसने छेड़ने वाले लड़के की पिटाई की थी। अब वो हर समय उसी लड़के के साथ दिखने लगी और मैं गम में डूब गया। अचानक ऐसा लगा जैसे मेरी दुनिया उजड़ गई।

मुझे शॉक लगा। मैं बहुत दिनों तक सो नहीं पाया। मुझे देखकर लोग समझ जाते थे कि मेरे साथ कुछ हुआ है। मेरी आंखें खाली-खाली सी हो गई थीं। मैं बहुत दिनों तक डिप्रेशन में रहा। यह सोचता रहा कि आखिर मैंने भी तो सोनम को उस लड़के को बचाने की कोशिश की थी और उसे बचाता ही, फिर उसने अचानक मारपीट करनेवाले लड़के का हाथ क्यों थाम लिया। उसने सिर्फ इस वजह से मुझे छोड़ दिया कि मैं हिंसक नहीं हुआ?

मेरी हालत यह हो गई थी कि मुझे किसी लड़की के बाल सोनम की तरह लगते थे तो मैं देर तक उसके पीछे चलता था। इस प्यार का सदमा मुझे गहरा लगा था। फिर भी मैं उबर गया और आज मैं शादीशुदा हूं। मेरी पत्नी मुझे बहुत प्यार करती है और मां की कमी को वो पूरा कर रही है। आज तक मुझे इस सवाल का जवाब नहीं मिला कि आखिर सोनम ने मुझे क्यों छोड़ा? क्या आपके पास कोई जवाब है? क्या औरत मारपीट करनेवाले मर्द से मोहब्बत करती है?

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