बेटियां भले लेक्चरर हो जाएं लेकिन सिस्टम के आगे लाचार ही रहती हैं – सोनिया की स्टोरी

मेरा नाम सोनिया है। मैं एक कॉलेज में लेक्चरर हूं। फिजिक्स पढ़ाती हूं। मेरा दम घुट रहा है इसलिए मुझे अपनी स्टोरी किसी को बतानी है तो आपसे शेयर कर रही हूं। मेरी ज्वाइंट फैमिली है। मेरे फादर पांच भाई हैं और सभी एक साथ रहते हैं। मेरे फादर किसान हैं और घर का सब लेन-देन, पैसों का काम चाचा के जिम्मे है।

मेरी मां ने बचपन से मुझे सिखाया कि बेटी कोई ऐसा काम मत करना जिससे यह परिवार टूटे। हलांकि मेरी फैमिली में मां-पापा को छोड़ अन्य लोग मुझे पढ़ाने को राजी नहीं थे लेकिन मैं पढ़ने में इंटिलिजेंट थी इसलिए मैं घर के विरोध के बावजूद पढ़ती रही और एमएससी करने के बाद अब लेक्चरर हूं। तीन साल हो गए जॉब को लेकिन मेरे चाचा ने मेरी शादी नहीं होने दी।

मैं जब एमएससी कर रही थी तो चाचा की बेटी 13 साल की थी। मेरे चाचा चाहते थे कि उनकी बेटी और मेरी शादी एक साथ हो इसलिए उन्होंने 5 साल तक मेरी शादी के मामले को लटका दिया। अब उनकी बेटी 18 साल की हो चुकी है और मेरी एज बढ़ती जा रही है लेकिन चाचा कहीं रिश्ते की बात करते ही नहीं।soniya real life story

मेरे लिए कई सरकारी नौकरी वाले लड़कों के रिश्ते आए लेकिन पिछले पांच सालों में चाचा ने सबको मना कर दिया। मेरी मां रोज रात को चुपके-चुपके रोती रहती है। मुझसे उनका रोना देखा नहीं जाता। मेरी सभी फ्रेंड्स की शादी हो चुकी है और अब तो उनके बच्चे भी हो चुके हैं।

मैं अपने ही घर में घुटती रहती हूं। मेरे मां-पापा कुछ नहीं कर सकते हैं क्योंकि कई सालों से ये पांचों भाई एक साथ रह रहे हैं इसलिए वे इस संयुक्त परिवार को तोड़ नहीं सकते। मेरे चाचा पता नहीं मेरी शादी किसी ठीक जगह पर करेंगे या नहीं, इसकी भी मुझे चिंता होती है। मैं घर के खिलाफ कदम नहीं उठा सकती क्योंकि कोई ऐसा काम नहीं कर सकती कि जिससे यह घर टूटे क्योंकि मां यही चाहती है।

मैं काफी लाचार महसूस करती हूं। मैं एरेंज मैरिज ही करूंगी लेकिन मेरा फ्यूचर क्या होगा, मुझे खुद पता नहीं है? ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए।

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