love pic

एक लव स्टोरी जो आपकी आंखें खोल देंगी…यही है सच्चा प्रेम

मैं पेज एडमिन राजीव हूं। बिहार के कोसी इलाके की एक रियल लाइफ स्टोरी बताना चाहता हूं जिसे सुनकर मुझे लगा कि आपलोगों से शेयर करूं। आपने कबीर का वो दोहा तो सुना होगा…पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय, ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय। अपने आसपास की जिंदगी में मैंने भी देखा कि यह बात सच है।

एक अनपढ़ महिला की शादी आज से करीब 30 साल पहले एक पढ़े-लिखे पायलट से हुई थी। 1990 में शादी का वही हाल था कि लड़के-लड़कियों का रिश्ता मां-बाप तय कर देते थे। पायलट के मां-बाप गांव में रहते थे और वहीं पास के गांव में उन्होंने बेटे की शादी कर दी थी। पायलट पत्नी को लेकर वहां चला आया जहां वह जॉब करता था।

rajeev real life story

पायलट अपनी अनपढ़ पत्नी से नाखुश और दुखी रहता था। वजह सिर्फ एक कि वो पढ़ी-लिखी नहीं थी। एक बेटी हुई और पायलट ने कुछ सालों बाद पत्नी को उसके मायके में लाकर छोड़ दिया और फिर अगले कई सालों तक पलटकर नहीं देखा। बेटी को पायलट ने अपने साथ ही रखा। इधर गांव में उसकी पत्नी 15 साल तक पति का इंतजार करती रही।

उधर पायलट भी अपनी बेटी के साथ जिंदगी जीता रहा। पायलट के मां-बाप गांव में बुजुर्ग हो गए और वहां अन्य बेटों ने उनको नहीं रखा तो उन दोनों को पायलट अपने पास ले आया लेकिन उनको संभालना काफी मुश्किल काम था। उसे फिर अपनी पत्नी का ख्याल आया। 15 साल बाद वह मायके में रह रही पत्नी को साथ ले गया। उस अनपढ़ महिला ने सास-ससुर और पति का प्रेमभाव से इतना केयर किया कि आज वही पायलट पति अपनी अनपढ़ पत्नी के साथ खुश है। उसे घुमाने के लिए जगह-जगह ले जाता है।

पायलट ने पोथी पढ़ी लेकिन ढाई आखर प्रेम का पाठ नहीं पढ़ा। अनपढ़ महिला ने पोथी नहीं पढ़ी लेकिन प्रेम करना उसे आता था। फिर भी पायलट की कमबुद्धि की वजह से दोनों के वे कीमती 15 साल बर्बाद हो गए जब वो एक-दूसरे के साथ दांपत्य जीवन हंसी-खुशी बिता सकते थे। अब सोचिए कि दोनों ने कितना दुखी जीवन जिया…सिर्फ इस वजह से एक पढ़ा-लिखा इंसान अनपढ़ इंसान की इंसानियत को नहीं समझ सका…

Advertisements

One thought on “एक लव स्टोरी जो आपकी आंखें खोल देंगी…यही है सच्चा प्रेम”

  1. Baat to sahi hai lekin aaj kl new generation me ladki aisa kr he nhi sakti kyoki uska igo usko aisa karne nhi deta

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.