neha story

एक खराब शादी के बाद मैं किसी तरह जिंदा बची तो प्यार ने मेरा सबकुछ छीन लिया…

मैं अंजू हूं और यूपी के एक शहर में छोटी सी जॉब करती हूं। अभी 26 साल की हूं। मैं अपनी तकलीफ किसी से कह नहीं पा रही हूं इसलिए आप सबसे शेयर कर रही हूं। जब 18 साल की थी तब मेरी शादी मां-बाप ने एक सप्ताह में ही कर दी थी। लड़केवालों ने मेरे मां-बाप से कहा कि लड़के की दादी की हालत बहुत नाजुक है और वो दुनिया छोड़ने से पहले पोते की शादी देखना चाहती है, इसलिए जल्दी से जल्दी शादी करनी है। मेरे मां-बाप ने देखा कि लड़क इकलौता है और घर भी ठीक है तो उन्होंने भी हां कर दी। लेकिन जब मैं शादी करके ससुराल गई तो वहां पता चला कि लड़केवालों ने झूठ बोला था और मेरे साथ धोखा हुआ था।

मेरा पति नकारा था और बहुत नशा करता था। पहले ही दिन से उसने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। रोज मेरे साथ मारपीट होती और मेरे सास-ससुर बस देखते रहते। मैंने डर के मारे अपने मम्मी पापा को कुछ नहीं बताया। मैंने सोचा कि अगर वो जानेंगे तो उनको तकलीफ होगी। फिर एक दिन सबकुछ मेरे बर्दाश्त से बाहर हो गया। वो मुझे अपने मां-बाप के सामने ही मार रहा था। मेरे सर से खून निकलने लगा। पता नहीं मुझमें कहां से हिम्मत आई, मैंने पति को धक्का दिया और घर से बाहर भाग गई और भागती रही। रास्ते में मुझे भगवान के रूप में एक इंसान मिला। उसने एक गाड़ी में मुझे बैठाया और ड्राइवर को पैसे देकर कहा कि जहां ये कहे, इसे छोड़ देना। मैं उस गाड़ी से मां-बाप के घर चली गई।

मेरे मां-बाप मुझे इस हाल में देखकर रोने लगे। फिर ससुरालवाले आए और समझा-बुझाकर मुझे ले गए लेकिन वहां कुछ भी नहीं बदला। मैंने मां को सारी बात बताई तो वो फिर आकर मुझे ले गई। मैं इस बार मां के घर आठ महीने तक रही। मां-पापा कहने लगे कि बेटी अब ससुराल ही तुम्हारा घर है। ससुरालवाले फिर आए और मुझे ले गए। मेरा पति नहीं सुधरा। इस बार मैं प्रेग्नेंट हो गई तो मां ने सोचा कि बच्चा होगा तो सब ठीक हो जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। मेरी बेटी हुई। एक साल तक किसी तरह मैंने ससुराल में बिताया। मेरी बच्ची का बर्थडे था, उस दिन मैंने काफी तैयारी की थी लेकिन रात में मेरा पति शराब पीकर आया और बहुत नाटक किया।

मैंने अपने भाई को फोन कर बुलाया और ससुराल से बेटी को लेकर मायके आ गई। मैंने उस रात नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की लेकिन बच गई। दो दिन बाद जब होश आया तो ठान लिया कि अब मैं ससुराल नहीं जाऊंगी। मेरे पापा कहने लगे कि ऐसा नहीं होता बेटा, लोग क्या कहेंगे। मैंने भी कह दिया कि अब ससुराल मेरी लाश जाएगी। मैंने तलाक का केस दायर किया और केस अभी चल रहा है। मैंने मां के घर अपनी बेटी को छोड़ा और खुद जॉब तलाशने दूसरे शहर में चली आई। यहां मेरी सहेली की मदद से मुझे एक नौकरी मिल गई। लेकिन बदकिस्मती ने फिर भी मेरा पीछा नहीं छोड़ा। मेरी दोस्त हमेशा अपने भाई के बारे में बात किया करती थी जो प्यार में बहुत दुखी था।

मैं अपनी दोस्त के यहां आती-जाती थी। उसके भाई का एक लड़की से ब्रेकअप हुआ था और वो बहुत परेशान रहता था। उसके भाई से मेरी बात होने लगी और वो अपना दर्द मुझसे शेयर करने लगा। मैं उसके तकलीफ को अपना समझने लगी और फिर एक दिन उसने मुझे प्रपोज कर दिया। उसने कहा कि तुम्हारे बारे में मुझे सब पता है लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उसने कहा कि मैं हमेशा तुम्हारा साथ दूंगा लेकिन तुमसे शादी नहीं कर सकता। मेरे अंदर भी उसके लिए प्यार था इसलिए हां बोल दिया।

कुछ दिन बाद हम दोनों की लड़ाई होने लगी क्योंकि वो और भी लड़कियों से बात करता था जो मुझे अच्छा नहीं लगता था। वो अपने दोस्त की पत्नी से अफेयर करने लगा तो मैं बहुत परेशान रहने लगी। वो फोन पर दोस्त की बीवी से लगातार बात करता था, इसी बात पर हमारी लड़ाई होती थी। इस बीच हम दोनों के बीच फिजिकल रिलेशन बन गए जिस वजह से मैं प्रेग्नेंट हो गई। उसने मुझे अबॉर्शन कराने को कहा लेकिन पहले मैंने मना किया तो मुझे सुसाइड करने की धमकी देने लगा। मजबूर होकर मैंने बच्चा गिरा दिया जिसके बाद से मैं काफी गिल्ट फीलिंग के साथ जी रही हूं कि मैंने अपने ही बच्चे को मार दिया।

उसने मुझसे कहा कि तुम जिसकी भी लाइफ में रहोगी, वो बर्बाद हो जाएगा। उसने सारा ब्लेम मेरे ऊपर डाल दिया। कहने लगा कि तुम्हारे हसबैंड की कोई गलती नहीं होगी, तुम ही गलत हो। मैंने उसके लिए क्या नहीं किया। उसने मुझसे जब-जब पैसे मांगे, मैंने किसी तरह इंतजाम करके उसे दिया। मैंने दूसरों से कर्ज तक लिया। फिर भी उसने मेरे साथ ऐसा किया। कहने लगा कि अपनी मां से बहुत प्यार करता हूं, उनके खिलाफ नहीं जाऊंगा, तुमसे शादी नहीं करूंगा।

उसकी बहन यानी मेरी दोस्त और उसकी मां को बस ये पता है कि हम दोनों के बीच कुछ अफेयर जैसा था लेकिन ब्रेकअप हो चुका है। अब उनको लगता है कि हम दोनों के बीच कुछ भी नहीं है। मेरी दोस्त और उसकी मां भी नहीं चाहती थी कि हम दोनों का रिश्ता आगे बढ़े। लेकिन हम दोनों रिश्ते में इतने आगे बढ़ चुके थे, ये उन लोगों को नहीं मालूम।

मैं आज भी उसे बहुत प्यार करती हूं और उसके बिना नहीं जी सकती। पहले पति खराब मिला और उसके बाद ये भी वैसा ही निकला। मैं जिंदगी से बहुत थक चुकी हूं। मैं बर्बाद हो चुकी हूं। मुझे बहुत अफसोस होता है कि मैंने अपने ही बच्चे को मार दिया। उसको इस बात का अहसास तक नहीं है कि उसने कितना गलत किया।

मैंने अपने ही बच्चे को मार दिया, यह अहसास भी मुझे जीने नहीं दे रहा। दूसरी तरफ, जिंदगी में फिर मुझे धोखा मिला, मैं क्या करूं….

पेज एडमिन राजीव का जवाब

अंजू से मेरी बात हुई है तो मैंने उनको डिप्रेशन का इलाज कराने को कहा है ताकि वो नॉर्मल हो सके। जब तक वो इमोशंस में बहती रहेगी, तब तक बुरे-बुरे ख्याल आते रहेंगे। जब डिप्रेशन से निकलेगी तब जाकर वो कुछ बेहतर सोच सकती है। साथ ही, मैंने उनको वही कहा है जो अब तक कई बार कहता आया हूं। लड़की अक्सर लड़के की खराबी सामने आने के बाद भी यही कहती है कि उसके बिना नहीं जी सकती तो सबसे ज्यादा बुरा मुझे लगता है।

मुझे कभी ये मानसिकता समझ में नहीं आई कि लड़की किसी धोखेबाज को पहचानकर भी उसके साथ रिश्ता आगे क्यों रखना चाहती है? खैर जीवन के इस रहस्यभरे सवाल का जवाब मेरे पास भी नहीं है। फिलहाल सबसे यही कहूंगा कि जैसे ही पता चले कि लड़का धोखेबाज है, आप उनका साथ छोड़ें चाहे प्यार कितना भी गहरा हो। ऐसे प्यार का अंजाम बुरा ही होगा।

और अंजू, आपकी एक बेटी जो मां के पास बड़ी हो रही है, आप अब उनकी जिंदगी संवारने के लिए जीते चलिए। आप कमा रही हैं, बेटी की परवरिश कीजिए। धोखेबाजों से बचकर रहिए। आगे कोई बेहतर इंसान मिले तो पति से तलाक केस फाइनल होने के बाद शादी कर लीजिएगा नहीं तो सिंगल लाइफ भी खराब नहीं है, कई लोग जी रहे हैं। और बच्चे को आपने नहीं मारा, मैं एक मां की भावना को समझा तो नहीं सकता लेकिन जो हो गया, उसे बदल तो नहीं सकते…आगे कुछ बुरा न हो, इसका ख्याल रखिए, यही जिंदगी है। गीता में भगवान कृष्ण ने कहा है कि जो होता है, अच्छे के लिए होता है…मैं भी यही मानता हूं।

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