natasha real love story

वो बिना वजह बताए ही मुझसे दूर चला गया – नताशा की लव स्टोरी

मैं नताशा हूं। मैं 23 साल की हूं। मेरे पिता बचपन में गुजर गए। मैं और मां फैमिली में हैं। जब मैं छोटी थी तब ताऊ जी के परिवार साथ थे। मैंने घर में कभी प्यार नहीं पाया। ताऊ जी का परिवार मां पर जुल्म करते थे। मैंने बचपन से ये सब देखा था और देखते-देखते बड़ी हुई। फिर मैं और मां अलग रहने लगे। मैंने खुद मेहनत करके अपनी कमाई से एमए तक की पढ़ाई पूरी की है। मैं प्यार और लड़कों में शुरू से इंट्रेस्ट नहीं रखती थी। मेरे अंदर लड़कों के लिए नफरत थी क्योंकि कइयों ने मुझे परेशान किया था।

तीन साल पहले की बात है। मेरे रिश्तेदार की शादी थी जिसमें एक लड़के से मेरी मुलाकात हुई जो दूर का रिश्तेदार है। वो ताई के मायके से था। शादी में उसने साथ डांस करने के लिए फोर्स किया, मैं नहीं मानी तो मेरा हाथ पकड़कर ले गया। वो मेरी फैमिली से था इसलिए कोई उसको कुछ कह नहीं सकता था। उसी रात उन्होंने किसी से मेरा नंबर ले लिया और सबके सोने के बाद मुझे मैसेज किया।

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जब वो भी फ्लर्ट करने लगा तो मुझे गुस्सा आया लेकिन वो रिश्तेदार था इसलिए उसको कुछ नहीं कहा। उस दिन के बाद फिर उसने मैसेज किया तो मैंने उससे झगड़ा कर लिया। तीन महिने बाद उसका मैसेज आया तो मैंने फिर लड़ाई की लेकिन उसने बुरा नहीं माना। बाद में मैंने सोचा कि चलो ठीक है, फैमिली से ही है तो बात करने में क्या जाता है।

वो कभी-कभी कॉल करते थे तो मैं थोड़ी बहुत बात करने लगी। इसके बाद वो मुझे रोज विश करने लगे लेकिन फिर भी मैंने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया। फेसबुक पर उससे एड हुई तो चैट हो जाती थी। शुरू-शुरू में फ्रेंडशिप की और कुछ नहीं। लड़कों ने मुझे परेशान किया था इसलिए मुझे नफरत होती थी लेकिन उससे बात की तो पता नहीं मुझे क्या हुआ? मुझे उससे प्यार हो गया तो इसमें मेरी क्या गलती थी? धीरे-धीरे बात बढ़ी तो वो मुझे अच्छा लगने लगा तो उसने उधर से बात बंद कर दी। मैंने बहुत मैसेज किया लेकिन कोई जवाब नहीं आया तो मैंने लिखा कि कभी-कभी पांच मिनट ही दे दो तो उसने मना कर दिया।

उसने साफ कहा कि मैं बहुत बिजी रहता हूं तो उस टाइम मेरे दिल पर क्या गुजरी, ये मुझे पता है लेकिन कुछ नहीं कहा। जैसे उनको रहना है, रहें। मैं कोशिश करती रही लेकिन बात उसने नहीं की। फिर मैंने भी कोशिश करनी छोड़ दी लेकिन मुझे भरोसा था कि वो मुझसे प्यार करे, न करे, मैं उनसे करती हूं और करती रहूंगी और एक दिन आएगा जब वो वापस मुझसे बोलेंगे।

दो साल तक कुछ नहीं हुआ तो मैं बीमार हो गई और हॉस्पिटल में एडमिट हुई तो मिलने आए। उसने बात करने की कोशिश की लेकिन मैंने नहीं की। इग्नोर कर दिया। इसके बाद वो कॉल करके मेरी तबियत के बारे में पूछने लगा कि मैं कैसी हूं। अब दिल से तो उससे बात करने को मन करता था लेकिन क्या करूं, उसने जो मेरे साथ किया, कैसे भुलाती मैं।

इसके बाद जब मैं ठीक हुई तो उसके घर एक प्रोग्राम में जाना हुआ तो फैमिली की वजह से हम दोनों ज्यादा बात तो नहीं कर पाए लेकिन दो मिनट के लिए अकेले में बातें हुई तो उन्होंने मेरी केयर की। वो प्यार करते हैं या नहीं, ये मालूम नहीं लेकिन उस दो मिनट बात के बाद मैं भूल गई कि उसने मुझे दो साल तक इग्नोर किया। मैंने पूछा कि दो साल बात क्यों नहीं की तो उसने कहा कि ये मत पूछो, नहीं बता सकता। इसके बाद कुछ दिन नॉर्मल बात हुई फिर इसके बाद उसका वही रवैया हो गया, बात करना बंद, रिप्लाई बंद। मैं दूर जाती तो वो करीब आने की कोशिश करता। जब मैं करीब आती तो खुद दूर चला जाता।

मैं तो उनको बहुत प्यार करती हूं लेकिन जिसको प्यार समझा उसने ही साथ नहीं दिया। मैं तो सच्चे दोस्त की तरह रहना चाहती थी। कभी उससे शादी जैसी फरमाइश भी नहीं की फिर भी उसने मुझे हर्ट किया। शुरू के एक साल तक मैं उसको इग्नोर करती रही तो बार-बार कोशिश करता रहा, जब मुझे उसकी आदत होने लगी तो फिर उसने मुझे इग्नोर कर दिया और कभी कोई वजह नहीं बताई। उसने ऐसा बार-बार किया, जाने क्यों?

आज मैं घर में ही रहती हूं और जिंदगी के गुजरे पलों के बारे में सोचती रहती हूं। मैं और मम्मी साथ रहते हैं। मेरी जॉब थी जो छूट गई क्योंकि मां मेरी जल्दी से जल्दी शादी करना चाहती है। मैं राजस्थान के एक गांव में रहती हूं जो कोटा शहर के पास है। बाहर जाऊंगी तब तो जॉब कर पाऊंगी लेकिन नहीं जा सकती क्योंकि डर है कि अगर मेरे साथ कुछ गलत हो गया तो कोई साथ नहीं देने वाला।

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