shivani love murder story

उसने प्रेमी को घर में छुपाया था, पिता ने देख लिया तो मारी गई – शिवानी की रियल लव स्टोरी

आगरा के सेवला सराय में 29 अक्टूबर की रात में शिवानी की हत्या उसी के घर में हुई। पुलिस के पास पिता रविंद्रनाथ ने फोन करके कहा कि रसोई गैस की दुर्गंध से जब सुबह लगभग 4.30 बजे उनकी नींद खुली तो वे किचन में गए जहां उन्होंने सिलेंडर बंद किया और देखा तो वहां खून की बूंदें थीं। इसके बाद वे पहली मंजिल की ओर गए तो देखा तो बेटी शिवानी की लाश सीढ़ियों के जीने पर पड़ी थी।

उन्होंने पुलिस को बताया कि शिवानी ने खुदकुशी की। शिवानी के घर में उस रात भाई शिवम और पिता रविंद्रनाथ थे। मां और छोटा भाई 28 अक्टूबर की सुबह को मथुरा परिक्रमा के लिए गए हुए थे। सारा घटनाक्रम 28 अक्टूबर की शाम से लेकर रात के 4.30 के बीच हुआ जिस बीच शिवानी की हत्या हो गई।
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क्राइम सीन पर पुलिस पहुंची तो देखा कि पेपर कटर से शिवानी का गला काटा गया था। पेपर कटर भी वहीं पड़ा मिला। खून के छींटे पहली मंजिल के कमरे से लेकर छत तक थी, यहां तक कि बगल की बेकरी की छत पर भी खून था। पुलिस ने कहा कि हत्या का मामला है और जांच करने पर पाया कि शिवानी की लाश के पास गौरव लिखा था। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि गौरव शिवानी का प्रेमी है।

जब गौरव का फोन लोकेशन चेक किया तो पता चला कि वो हत्या की रात शिवानी के घर में ही था। पुलिस को पता चला कि शिवानी और गौरव जनवरी 2017 में घर से फरार हुए थे, तब पिता रविंद्रनाथ की शिकायत पर केस दर्ज कर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों को करीब 45 दिन बाद खोज निकाला था। गौरव को जेल में भी रहना पड़ा था लेकिन शिवानी ने गौरव के पक्ष में बयान दिया इसलिए मामला रफा-दफा हो गया था।

गौरव को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया तो उसने हत्या की रात की अपनी कहानी सुनाई। उसने बताया कि शिवानी के पापा इस प्रेम संबंध के खिलाफ थे। उन्होंने शिवानी की शादी तय कर दी थी। 28 अक्टूबर की सुबह मां और छोटा भाई मथुरा गए और शाम में जब शिवानी के भाई और पापा घर से बाहर थे तो उसने कॉल कर गौरव को घर में बुला लिया और पहली मंजिल पर छुपा दिया।

रात में 12 बजे तक गौरव घर में ही छिपा रहा और फिर सबके सो जाने पर शिवानी ऊपर आई। वह गौरव के साथ लगभग 3.30 घंटे रही। उसका प्लान था कि सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए पापा बाहर जाएंगे तो वो गौरव को सुरक्षित घर से बाहर भेज देगी लेकिन यह हो नहीं पाया।

रात के लगभग 3.30 बजे शिवानी जब ग्राउंड फ्लोर पर आने लगी तो गौरव ने पानी मांगा। जब वो नीचे किचन से पानी लेकर ऊपर जाने लगी तो पापा ने देख लिया और पेपर कटर लेकर उसके पीछे-पीछे आ गए। कमरे में गौरव को देखकर शिवानी के पापा ने हमला बोल दिया।

शिवानी ने गौरव को बचाने की कोशिश की और पेपर कटर उसके गले को काट गया। इसी हाथापाई में गौरव की उंगलियां भी कट गई। शिवानी गौरव को भागने को कहती रही और पिता का मुकाबला किया। गौरव मौके से भागने में कामयाब रहा।

पुलिस ने गौरव की कहानी पर यकीन करते हुए शिवानी के पापा को अरेस्ट कर जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि शिवानी की हत्या करने के बाद पापा ने गैस पाइप काटकर इस मामले को खुदकुशी का रूप देने के लिए आग लगाना चाहा लेकिन आग फैलने के डर की वजह से ये कर नहीं पाए। शिवानी की लाश के पास गौरव लिख दिया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

रविंद्रनाथ ने पुलिस को पहले बताया कि शिवानी ने खुदकुशी की और फिर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट लिखाई थी। पुलिस को मौके से खून साफ किए जाने और सबूत नष्ट करने की कोशिशों के भी सबूत मिले। इस मामले में गिरफ्तार रविंद्रनाथ और उसके परिवार के लोगों का कहना है कि गौरव की कहानी झूठी है और उसने खुद को बचाने के लिए शिवानी के पापा को फंसाया है।

शिवानी की प्रेम कहानी मर्डर मिस्ट्री में बदल गई। अब पुलिस इस सवाल के जवाब की तलाश में है कि शिवानी को किसने मारा, प्रेमी ने या पिता ने? लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि समाज में प्यार का ऐसा अंजाम क्यों हो रहा है? शिवानी के पापा अगर प्यार के दुश्मन नहीं बने होते तो शायद शिवानी का इतना दर्दनाक अंत न होता लेकिन इस समाज में बाप, बेटी के प्यार का दुश्मन बनता है क्योंकि बेटी उसकी इज्जत है? यही समाज है जिसमें किसी की बेटी के प्यार के किस्से को लोग चटखारे लेकर सुनते-सुनाते हैं और बेटी के बाप पर ताने कसकर बेइज्जती की जाती है। ऐसे समाज में एक बाप भी क्या करे?

प्यार करना जिस समाज में बदचलन होने की निशानी हो, उस समाज में प्यार का बुरा अंजाम ही होगा। बताया जा रहा है कि शिवानी किसी भी हालत में गौरव से शादी करना चाहती थी लेकिन उसके पिता ने उसकी शादी ग्वालियर में तय कर दी थी। फरवरी 2018 में शिवानी की शादी होनेवाली थी लेकिन वो तैयार नहीं थी।

क्या एक पिता अपनी बेटी के प्यार का दुश्मन इसलिए बनता है क्योंकि उसे लगता है कि इस प्यार से बेटी की लाइफ बर्बाद हो जाएगी? समाज में रिश्तों और सोच में अभी बहुत सारे झोल हैं जिसमें प्यार का रिश्ता काफी कॉम्लिकेटेड हो जाता है और उसका अंजाम बुरा होता है। इस बुरे अंजाम के पीछे हमारा सिस्टम है जिसमें खून का रिश्ता, दो प्रेमियों को बर्बादी के अंजाम तक ले जाता है। वही खून का रिश्ता जो पाल-पोषकर बड़ा करता है, वो कुर्बानी मांगता है, ख्वाहिशों और जीवन की कुर्बानी मांगता है। जो अपनी कुर्बानी नहीं देते उसकी कुर्बानी यह समाज दूसरे तरीके से देता है जैसा कि शिवानी के केस में हुआ।

शिवानी के प्यार का एक एंगल ये भी निकल कर आ रहा है कि उसने प्रेमी को बचाने के लिए अपनी जान दे दी और वो पिता के हाथों मारी गई। बताया जा रहा है कि गला रेते जाने के बाद जब शिवानी फर्श पर छटपटा रही थी तब भी कह रही थी कि गौरव भाग जाओ।

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