true love

फैमिली या सोसायटी की वजह से रिश्ता तोड़ लेना प्यार है या फिर लवर का साथ देना प्यार है

मैं स्नेहा हूं। मैं बस ये पूछना चाहती हूं कि फैमिली और सोसायटी की वजह से एक दूसरे से रिश्ता खत्म कर लेना या दूर चले जाना ही सच्चा प्यार है या…. सच्चा प्यार वो है कि आप सारी प्रॉब्लम्स के बाद भी एक-दूसरे के साथ रहें।

अगर सोसायटी और फैमिली के लिए दूर जाना ही सच्चा प्यार है तो फिर हर टाइम पास करने वाला तो यही करता है और बाद में कोई बहाना बनाकर छोड़ देता है।

sneha love story

मैं आप सबसे यह सवाल इसलिए कर रही हूं क्योंकि मैं एक लड़के से प्यार करती हूं, वो बहुत अच्छा है, मेरी फैमिली को भी पसंद है पर सिर्फ कास्ट की वजह से वो मेरी शादी नहीं कर रहे जबकि लड़के और उसके घरवाले भी रेडी हैं।

मैं तो यही मानती हूं कि अगर प्यार करने की हिम्मत है तो उसे निभाने की और दुनिया के सामने उसका हाथ थामने की भी हिम्मत होनी चाहिए…फिर चाहे जो भी कंडीशन हो, फैमिली और सोसायटी की परवाह क्यों करें?

एक-दूसरे से पहले प्यार करो फिर फैमिली और सोसायटी की वजह से दूर चले जाओ…ये कौन सा प्यार है?

पेज एडमिन की सलाह

यही समाज है स्नेहा जी, जो प्यार किया तो डरना क्या के गीत सुनता है और यही समाज है जो नहीं डरने वाले प्रेमियों को एक दूसरे से जुदा करता है। फैमिली और सोसायटी तो प्यार के रास्ते में दीवारें खड़ी करती हैं। कोई इन दीवारों में खुद को कैद कर प्यार की कुर्बानी देता है तो कोई इसे लांघकर प्यार को पाने की कोशिश करता है। दोनों की परिस्थिति में प्यार है…फर्क सिर्फ दीवार लांघने या न लांघने का है। जो टाइमपास करते हैं…वो तो कभी प्यार करते ही नहीं….

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