एक खराब शादी के बाद मैं किसी तरह जिंदा बची तो प्यार ने मेरा सबकुछ छीन लिया…

मैं अंजू हूं और यूपी के एक शहर में छोटी सी जॉब करती हूं। अभी 26 साल की हूं। मैं अपनी तकलीफ किसी से कह नहीं पा रही हूं इसलिए आप सबसे शेयर कर रही हूं। जब 18 साल की थी तब मेरी शादी मां-बाप ने एक सप्ताह में ही कर दी थी। लड़केवालों ने मेरे मां-बाप से कहा कि लड़के की दादी की हालत बहुत नाजुक है और वो दुनिया छोड़ने से पहले पोते की शादी देखना चाहती है, इसलिए जल्दी से जल्दी शादी करनी है। मेरे मां-बाप ने देखा कि लड़क इकलौता है और घर भी ठीक है तो उन्होंने भी हां कर दी। लेकिन जब मैं शादी करके ससुराल गई तो वहां पता चला कि लड़केवालों ने झूठ बोला था और मेरे साथ धोखा हुआ था।

मेरा पति नकारा था और बहुत नशा करता था। पहले ही दिन से उसने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। रोज मेरे साथ मारपीट होती और मेरे सास-ससुर बस देखते रहते। मैंने डर के मारे अपने मम्मी पापा को कुछ नहीं बताया। मैंने सोचा कि अगर वो जानेंगे तो उनको तकलीफ होगी। फिर एक दिन सबकुछ मेरे बर्दाश्त से बाहर हो गया। वो मुझे अपने मां-बाप के सामने ही मार रहा था। मेरे सर से खून निकलने लगा। पता नहीं मुझमें कहां से हिम्मत आई, मैंने पति को धक्का दिया और घर से बाहर भाग गई और भागती रही। रास्ते में मुझे भगवान के रूप में एक इंसान मिला। उसने एक गाड़ी में मुझे बैठाया और ड्राइवर को पैसे देकर कहा कि जहां ये कहे, इसे छोड़ देना। मैं उस गाड़ी से मां-बाप के घर चली गई।

मेरे मां-बाप मुझे इस हाल में देखकर रोने लगे। फिर ससुरालवाले आए और समझा-बुझाकर मुझे ले गए लेकिन वहां कुछ भी नहीं बदला। मैंने मां को सारी बात बताई तो वो फिर आकर मुझे ले गई। मैं इस बार मां के घर आठ महीने तक रही। मां-पापा कहने लगे कि बेटी अब ससुराल ही तुम्हारा घर है। ससुरालवाले फिर आए और मुझे ले गए। मेरा पति नहीं सुधरा। इस बार मैं प्रेग्नेंट हो गई तो मां ने सोचा कि बच्चा होगा तो सब ठीक हो जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। मेरी बेटी हुई। एक साल तक किसी तरह मैंने ससुराल में बिताया। मेरी बच्ची का बर्थडे था, उस दिन मैंने काफी तैयारी की थी लेकिन रात में मेरा पति शराब पीकर आया और बहुत नाटक किया।

मैंने अपने भाई को फोन कर बुलाया और ससुराल से बेटी को लेकर मायके आ गई। मैंने उस रात नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की लेकिन बच गई। दो दिन बाद जब होश आया तो ठान लिया कि अब मैं ससुराल नहीं जाऊंगी। मेरे पापा कहने लगे कि ऐसा नहीं होता बेटा, लोग क्या कहेंगे। मैंने भी कह दिया कि अब ससुराल मेरी लाश जाएगी। मैंने तलाक का केस दायर किया और केस अभी चल रहा है। मैंने मां के घर अपनी बेटी को छोड़ा और खुद जॉब तलाशने दूसरे शहर में चली आई। यहां मेरी सहेली की मदद से मुझे एक नौकरी मिल गई। लेकिन बदकिस्मती ने फिर भी मेरा पीछा नहीं छोड़ा। मेरी दोस्त हमेशा अपने भाई के बारे में बात किया करती थी जो प्यार में बहुत दुखी था।

मैं अपनी दोस्त के यहां आती-जाती थी। उसके भाई का एक लड़की से ब्रेकअप हुआ था और वो बहुत परेशान रहता था। उसके भाई से मेरी बात होने लगी और वो अपना दर्द मुझसे शेयर करने लगा। मैं उसके तकलीफ को अपना समझने लगी और फिर एक दिन उसने मुझे प्रपोज कर दिया। उसने कहा कि तुम्हारे बारे में मुझे सब पता है लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उसने कहा कि मैं हमेशा तुम्हारा साथ दूंगा लेकिन तुमसे शादी नहीं कर सकता। मेरे अंदर भी उसके लिए प्यार था इसलिए हां बोल दिया।

कुछ दिन बाद हम दोनों की लड़ाई होने लगी क्योंकि वो और भी लड़कियों से बात करता था जो मुझे अच्छा नहीं लगता था। वो अपने दोस्त की पत्नी से अफेयर करने लगा तो मैं बहुत परेशान रहने लगी। वो फोन पर दोस्त की बीवी से लगातार बात करता था, इसी बात पर हमारी लड़ाई होती थी। इस बीच हम दोनों के बीच फिजिकल रिलेशन बन गए जिस वजह से मैं प्रेग्नेंट हो गई। उसने मुझे अबॉर्शन कराने को कहा लेकिन पहले मैंने मना किया तो मुझे सुसाइड करने की धमकी देने लगा। मजबूर होकर मैंने बच्चा गिरा दिया जिसके बाद से मैं काफी गिल्ट फीलिंग के साथ जी रही हूं कि मैंने अपने ही बच्चे को मार दिया।

उसने मुझसे कहा कि तुम जिसकी भी लाइफ में रहोगी, वो बर्बाद हो जाएगा। उसने सारा ब्लेम मेरे ऊपर डाल दिया। कहने लगा कि तुम्हारे हसबैंड की कोई गलती नहीं होगी, तुम ही गलत हो। मैंने उसके लिए क्या नहीं किया। उसने मुझसे जब-जब पैसे मांगे, मैंने किसी तरह इंतजाम करके उसे दिया। मैंने दूसरों से कर्ज तक लिया। फिर भी उसने मेरे साथ ऐसा किया। कहने लगा कि अपनी मां से बहुत प्यार करता हूं, उनके खिलाफ नहीं जाऊंगा, तुमसे शादी नहीं करूंगा।

उसकी बहन यानी मेरी दोस्त और उसकी मां को बस ये पता है कि हम दोनों के बीच कुछ अफेयर जैसा था लेकिन ब्रेकअप हो चुका है। अब उनको लगता है कि हम दोनों के बीच कुछ भी नहीं है। मेरी दोस्त और उसकी मां भी नहीं चाहती थी कि हम दोनों का रिश्ता आगे बढ़े। लेकिन हम दोनों रिश्ते में इतने आगे बढ़ चुके थे, ये उन लोगों को नहीं मालूम।

मैं आज भी उसे बहुत प्यार करती हूं और उसके बिना नहीं जी सकती। पहले पति खराब मिला और उसके बाद ये भी वैसा ही निकला। मैं जिंदगी से बहुत थक चुकी हूं। मैं बर्बाद हो चुकी हूं। मुझे बहुत अफसोस होता है कि मैंने अपने ही बच्चे को मार दिया। उसको इस बात का अहसास तक नहीं है कि उसने कितना गलत किया।

मैंने अपने ही बच्चे को मार दिया, यह अहसास भी मुझे जीने नहीं दे रहा। दूसरी तरफ, जिंदगी में फिर मुझे धोखा मिला, मैं क्या करूं….

पेज एडमिन राजीव का जवाब

अंजू से मेरी बात हुई है तो मैंने उनको डिप्रेशन का इलाज कराने को कहा है ताकि वो नॉर्मल हो सके। जब तक वो इमोशंस में बहती रहेगी, तब तक बुरे-बुरे ख्याल आते रहेंगे। जब डिप्रेशन से निकलेगी तब जाकर वो कुछ बेहतर सोच सकती है। साथ ही, मैंने उनको वही कहा है जो अब तक कई बार कहता आया हूं। लड़की अक्सर लड़के की खराबी सामने आने के बाद भी यही कहती है कि उसके बिना नहीं जी सकती तो सबसे ज्यादा बुरा मुझे लगता है।

मुझे कभी ये मानसिकता समझ में नहीं आई कि लड़की किसी धोखेबाज को पहचानकर भी उसके साथ रिश्ता आगे क्यों रखना चाहती है? खैर जीवन के इस रहस्यभरे सवाल का जवाब मेरे पास भी नहीं है। फिलहाल सबसे यही कहूंगा कि जैसे ही पता चले कि लड़का धोखेबाज है, आप उनका साथ छोड़ें चाहे प्यार कितना भी गहरा हो। ऐसे प्यार का अंजाम बुरा ही होगा।

और अंजू, आपकी एक बेटी जो मां के पास बड़ी हो रही है, आप अब उनकी जिंदगी संवारने के लिए जीते चलिए। आप कमा रही हैं, बेटी की परवरिश कीजिए। धोखेबाजों से बचकर रहिए। आगे कोई बेहतर इंसान मिले तो पति से तलाक केस फाइनल होने के बाद शादी कर लीजिएगा नहीं तो सिंगल लाइफ भी खराब नहीं है, कई लोग जी रहे हैं। और बच्चे को आपने नहीं मारा, मैं एक मां की भावना को समझा तो नहीं सकता लेकिन जो हो गया, उसे बदल तो नहीं सकते…आगे कुछ बुरा न हो, इसका ख्याल रखिए, यही जिंदगी है। गीता में भगवान कृष्ण ने कहा है कि जो होता है, अच्छे के लिए होता है…मैं भी यही मानता हूं।

पेज रीडर्स की सलाह

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बीवी की बड़ी बहन से पति के रिश्ते बन गए और फिर अब घर टूटने की नौबत

मैं परी हूं।। मैं मेरी बेस्ट फ्रेंड के बारे में कुछ बताना चाहती हूं और उसकी लाइफ में बहुत प्रॉब्लम चल रही है…मैं हेल्प नहीं कर पा रही हूं इसलिए यहां उसकी स्टोरी पोस्ट करके आप सबके सपोर्ट और एडवाइस से मैं शायद उसकी लाइफ बचा सकती हूं।

मेरी बेस्ट फ्रेंड का नाम नेहा है, उसकी शादी को डेढ़ साल हो गए। लव मैरिज उसने की थी। लड़के से शादी के लिए मैंने भी उसको कहा था। उसकी एक बड़ी बहन है जिसके हसबैंड दो साल पहले गुजर गए। वो मायके में ही रहती है और नेहा हर तरह से बड़ी बहन की हेल्प करती रही, उसको संभालती रही।

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लेकिन नेहा के पति और उसकी बड़ी बहन ने उसके विश्वास को ठेस पहुंचाई और धोखा देने लगे। दोनों एक दूसरे से मिलने लगे, फोन पर बात करने लगे, वाट्सएप पर चैट शुरू कर दिया। नेहा को एक बेटा है और उसकी बड़ी बहन के दो बच्चे हैं। अब हमें समझ नहीं आ रहा कि क्या करें…

कोई बाहर का होता तो समझ आता लेकिन खुद की बहन ने ही उसके पति के साथ रिश्ता जोड़ लिया। कैसे वो खुद को संभाले, कैसे मैं उसे समझाऊं? मुझे समझ नहीं आ रहा इसलिए जज्बात पेज पर पोस्ट कर रही हूं ताकि आप लोग बेस्ट सजेशन दें और मैं अपनी फ्रेंड की लाइफ बचा पाऊं।

उसने पति से इस बारे में बात की तो उसने नेहा की बड़ी बहन से रिश्ते को स्वीकार किया और कहा कि तुम दोनों को साथ रखूंगा। जब नेहा ने कहा कि किसी एक को चुनना पड़ेगा तो उसने उसकी बड़ी बहन को चुना।

मैंने नेहा को समझाया कि घर में बात कर लो और अब तलाक के सिवा कोई और रास्ता नहीं है क्योंकि अब हसबैंड के साथ रिश्ते का कोई फ्यूचर नहीं है। अगर वो उसकी बड़ी बहन से रिश्ते बना सकता है तो वो आगे भी धोखा ही करेगा लेकिन नेहा मानने को तैयार नहीं है…हर पल डर लगता है कि कहीं कुछ वो गलत कदम न उठा ले, मैं पूरी कोशिश करके समझा रही हूं लेकिन आप लोगों की हेल्प चाहिए…

पेज एडमिन राजीव की बात

ये काफी जटिल मामला है। पहले तो पूरी कोशिश ये होनी चाहिए कि बड़ी बहन रिश्ते से पीछे हट जाए। अगर वो नहीं हटती है तो फिर तलाक के सिवा कोई रास्ता नहीं।

समाज के लोग कह रहे, प्रेम विवाह किया तो हुक्का पानी बंद करेंगे, कैलाश की स्टोरी

मैं गुजरात से कैलाश हूं। मेरा गांव है जिसमें मैं एक लड़की से प्यार करता हूं। वो मेरे पड़ोस में रहती है। बचपन से ही हम साथ पढ़े। पहली क्लास से ग्रेजुएशन तक हम दोनों सच्चे दोस्त की तरह साथ चले और हमारी दोस्ती बढ़ती ही गई। वो मुझे बहुत प्यार करती थी पर मुझे इसका अहसास नहीं था। लगता था कि वो मेरी अच्छी और सच्ची दोस्त है। मैं ये भी सोचता था दोस्ती में प्यार नहीं हो सकता। मुझे इस बात का भी डर था कि हम दोनों पड़ोसी हैं तो हमारा रिश्ता कोई स्वीकार नहीं करेगा।

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जब हम 11वीं में गए तब उसने मुझे प्रपोज किया था। मैंने उस वक्त उसका जवाब नहीं दिया और मैं हंसने भी लगा। हम दोनों एक ही बस से कॉलेज जाते थे। वो मुझे प्रपोज करने के बाद जवाब के लिए रोज पूछती थी तो मैंने एक दिन उसको बस के अंदर ही थप्पड़ मार दिया। मैंने उससे बात करना ही छोड़ दिया। हम दोनों दोस्त थे इसलिए ये सब मुझे अच्छा नहीं लग रहा था। फिर एक ही बस स्टैंड पर हम दोनों रोज खड़े होते थे लेकिन बात नहीं करते थे। वो मुझे सॉरी बोलना चाहती थी या मैं भी उसको सॉरी बोलना चाहता था लेकिन हम एक-दूसरे से कह नहीं पाए।

इसके बाद मुझे उसकी याद आने लगी क्योंकि ग्रेजुएशन में वो दूसरे कॉलेज में जाने लगी थी। मैं अकेला पड़ गया था। उसे लग गया था कि मैं उससे अब कभी बात नहीं करूंगा। मुझसे खाना नहीं खाया जाता था, वो मेरा कॉल भी रिसीव नहीं करती थी। उसने मैसेज किया था कि मुझे अकेला छोड़ दो। फिर एक दिन मेरे कॉलेज में एनुअल फंक्शन था जिसमें मैंने ड्रामा में एक्टिंग की थी। वो देखने आई थी तो मुझे लगा था कि वो मेरी एक्टिंग के बारे में कुछ कहेगी। हुआ भी वैसा ही। ड्रामा के बाद उसने मिलने के लिए बुलाया।

उसका मैसेज आया तो मैं उससे कॉलेज गेट पर मिला। मैंने उसको गले लगा लिया और वो भी बहुत खुश हुई। मुझे पता चला कि उसके पापा शादी के लिए लड़का खोज रहे थे। मैंने उससे कहा कि तुम शादी से मना कर देना चाहे कोई भी लड़का देखने आए। हम दोनों ने अपने मम्मी पापा से हमारी शादी के बारे में बात की। थोड़े दिनों में दोनों के मम्मी पापा तो मान गए लेकिन हमारे गांव समाज के लोगों ने विरोध कर दिया। कहा कि अगर यह शादी हुई तो हुक्का पानी बंद कर देंगे और गांव से निकलना पड़ेगा।

हम दोनों कोर्ट मैरिज कर सकते हैं लेकिन हम एरेंज मैरिज करना चाहते हैं जिसके लिए हमारी बिरादरी तैयार नहीं है क्योंकि हम एक ही गांव के हैं। रोज लोगों के ताने सुन-सुनकर मैं परेशान हूं। हम दोनों कहीं साथ नहीं जा सकते क्योंकि रास्ते में लोग टीका-टिप्पणी करते हैं। हमें क्या करना चाहिए?

पेड एडमिन राजीव की सलाह

गुजरात के कैलाश जी, आपने बताया कि बिरादरी के लोग आपको गांव से निकालने की धमकी दे रहे हैं। व्यावहारिक तौर पर देखा जाय तो इस शादी को बाद वाकई वो लोग आपका जीना मुश्किल कर सकते हैं। साथ ही आपके परिवार को लोग भी बिरादरी के गुस्से को देखकर कदम पीछे खींच सकते हैं।

यह मामला समाज से लड़ाई का है। प्यार एक तरफ है और जालिम समाज एक तरफ। खुद पर यकीन कीजिए और गांव बिरादरी के लोगों से लड़ने के लिए मानसिक रूप से तैयार होकर शादी कीजिए। वैसे हो यह भी सकता है कि शादी को बाद लोग आप दोनों को स्वीकार कर लें ये सोचकर कि चलो कर लिया तो अब क्या…वैसे गुजराती समाज बहुत कठोर है, यह मुझे तब मालूम हुआ जब वहां के लड़के-लड़कियों से जज्बात पेज के जरिए बात करने का मौका मिला।

हरियाणा की खाप पंचायतें अपने ऐसे ही तुगलकी फैसलों के लिए मशहूर है। हमारे समाज में शुरू से एक मान्यता है कि गांव के सभी लड़के-लड़कियां भाई-बहन हैं। हलांकि यह मान्यता ही है, मैं खुद इस मान्यता को नहीं मानता। जब भी दो अपोजिट जेंडर एक जगह होंगे तो प्यार के रिश्तों का पनपना स्वाभाविक है। हर किसी का भाई-बहन का रिश्ता ऐसे थोपने से नहीं बन जाता।

अब समाज जो मानता है, उसे अधिकांश लोग मानते हैं इसलिए उनकी ताकत ज्यादा हो जाती है। हम जो मानते हैं, उसमें हम अकेले पड़ जाते हैं और ऐसी लड़ाई हमें अकेले ही लड़नी पड़ती है। आज के भारत में कम से कम गुजराती तो भूखा नहीं मर सकता…अगर प्यार किया है तो प्यार के लिये लड़ने का जज्बा भी रखिए।

गांव के लोग परेशानी खड़ी करेंगे। आप दोनों परिवार के बड़े लोगों को समाज में जीने में परेशानी हो सकती है। उनको साथ लीजिए…उनके साथ बैठकर बात कीजिए। इस मामले में अगर घरवाले आपके साथ होंगे तो और भी अच्छा रहेगा।

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उसने प्यार का नाटक किया और मेंटल टॉर्चर कर मुझे पागल कर दिया, प्रेरणा की स्टोरी

मैं प्रेरणा मध्य प्रदेश से। मैं अपनी स्टोरी पोस्ट इसलिए कर रही हूं क्योंकि मुझे अपनी एक बात पर हमेशा गिल्ट फील होता रहता है और जिस वजह से मैं डिप्रेशन में हूं। इतनी डिप्रेश्ड हूं कि शायद अगली सुबह देख नहीं पाऊंगी। मैं स्टडी में बहुत अच्छी थी और एलएलबी करके कुछ करना चाहती थी। पर किस्मत ने इतना दर्द लिख दिया कि अब सारे सपने अधूरे लगते हैं। बहुत कोशिश करती हूं कि खुश रहूं लेकिन हंसना जैसे एक सपना बन गया है।

मेरे घरवाले शादी के लिए एक लड़का देख रहे थे पर उनके यहां पैसों की डिमांड बहुत ज्यादा थी इसलिए मेरे पापा रेडी नहीं हुए। फिर एक दिन उस लड़के का मेरे पास मैसेज आया कि उसे कुछ बात करनी है। मुझे पहले पता नहीं था कि वो लड़का कौन है। मैंने रिप्लाई दिया तो फिर उसने अपना परिचय दिया। मैंने उसे क्लियर कर दिया कि मेरे पापा शादी के लिए तैयार नहीं हैं तो उसने कहा कि वो अपने घर बात करेगा।

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इसके बाद वो रोज मुझे फेसबुक पर मैसेज करने लगा। मैं कभी-कभी रिप्लाई दे देती थी। मैंने उसे कई बार बोला कि प्लीज मैसेज मत करो पर उसने कहा कि फ्रेंड बन जाओ तो मैं मान गई। इसी बीच उसने मुझसे मेरा नंबर मांगा और मैंने उसे नहीं दिया। इसके बाद वो अपने मम्मी पापा की कसम खाकर बोला कि वो कभी कॉल नहीं करेगा, बस इमरजेंसी पड़ी या शादी की बात होगी, तभी कॉल करेगा। मैंने नंबर दे दिया तो इसके बाद वो मुझे बार-बार कॉल करके परेशान करने लगा।

वो मुझे कॉल पर बात करने के लिए रिक्वेस्ट करने लगा। मैं उसकी बातों में आ गई और एक फ्रेंड की तरह बात करने लगी। फिर उसने मुझे एक दिन प्रपोज किया और न जाने क्यों मैंने एक्सेप्ट कर लिया। उसने मुझसे वादा किया कि वो मेरे घर आकर शादी की बात करेगा और शादी करेगा इसलिए मैंने प्रपोजल एक्सेप्ट किया था। मैंने बाद में कई बार उससे रिश्ता तोड़ना चाहा और कहा कि परिवार की मर्जी से कहीं शादी कर लो लेकिन वो मुझे सुसाइड करने की धमकी देकर बात करने पर मजबूर करता रहा। वो मुझे फैन से लटकने की फोटो भेजता था तो मैं अटैच्ड होती चली गई।

वो मेरी कमजोरी का फायदा उठाता गया। बार-बार सुसाइड करने की धमकी देता था और बहुत प्यार करता है, ऐसा अहसास कराता रहता था। फिर एक दिन उसने बताया कि उसकी शादी फिक्स हो गई है। मैंने उसे बहुत रो रोकर समझाया, रिक्वेस्ट की, भीख मांगी पर वो अपनी फैमिली को शादी से मना करने के लिए तैयार नहीं हुआ। उसने मुझे इग्नोर करना शुरू कर दिया। यहां तक कि मुझसे पीछा छुड़ाने के लिए फिर सुसाइड का ड्रामा किया। मुझे उसने इतना मेंटल टॉर्चर किया कि मैं पागल होने लगी।

मुझसे ये बर्दाश्त नहीं हुआ और मेरी एक फ्रेंड ने बोला कि तू उसे गालियां दे। मैंने कॉल लगाकर उसे बहुत बद्दुआएं दीं पर मैं उससे प्यार करती थी। वो मेरे साथ कुछ भी करे, मैं उसका बुरा नहीं कर सकती थी इसलिए मुझे गिल्ट फील हुआ और उससे सॉरी बोला। फिर उसने मुझे बहुत बुरा भला कहा और मुझे मरता हुआ छोड़ गया। वो अपनी मंगेतर से बात करने लगा। एक दिन उसने मुझे कॉल कर कहा कि तुमने मुझे बद्दुआ देकर अच्छा नहीं किया। मुझे बहुत गिल्ट फील कराया।

उसकी शादी हो गई। अब मुझे अंदर से बहुत गिल्ट फील होता है जैसे मैंने किसी का मर्डर कर दिया हो। मैं बाहर नहीं जा पा रही हूं। बहुत डरी सहमी रहती हूं। हल्की आवाज से भी डर जाती हूं। माइंड जीरो हो जाता है। ऐसा लगता है जैसे मर जाऊंगी मैं। प्लीज आप बताइए कि क्या मैंने कुछ गलत कर दिया। उसने मुझे शादी के सपने दिखाए और बाद में मुझे बोल दिया कि गलती तेरी थी, तूने क्यों नंबर दिया, क्या हर किसी लड़के को तू नंबर दे देगी। उसकी इस बात ने मुझे अंदर तक हर्ट कर दिया। मैंने जवाब दिया कि ठीक है , जैसे आज तू मेरे साथ कर रहा है, तेरे साथ भी कल वैसा होगा। क्या ये बैड विश है जो मैंने उससे कहा, प्लीज बताइए।

पेड एडमिन राजीव की सलाह

आप अपनी जिंदगी की कहानी में कहीं कसूरवार नहीं तो खुद को क्यों दोषी मान रही हैं। धोखा उसने दिया और दोषी आप खुद को मान रही हैं। आपने उसको बद्दुआ देकर बहुत अच्छा किया, उसको जूते से मारना चाहिए था या उसको जेल भिजवाना चाहिए था। ऐसा इंसान धरती पर न रहे, उसी में भलाई है क्योंकि वह आगे भी आप जैसी कितनी मासूम लड़कियों के साथ ऐसे ही सुसाइड का ड्रामा कर फंसाएगा और उसका यूज करेगा।

आपकी बातों से लगा कि आपकी मानसिक हालत ठीक नहीं है। आप घर में किसी करीबी से अपने मन की बातें कहिए। मन में बातें रहेंगी तो आपको काटती रहेंगी। आप किसी भी तरह से दोषी नहीं हैं। आप गिल्ट फील मत करिए। गिल्ट तो उस क्रूर इंसान को फील करना चाहिए जिसने इतना कुछ आपके साथ किया और उस पर आप कह रही हैं कि वो कितना भी बुरा कर ले, आप उसके कुछ भी बुरा नहीं कर सकती।

प्रेरणा अपनी जिंदगी और सोच को मजाक मत बनाइए। डिप्रेशन और ऐसे मानसिक हालात होने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। आपने कहा कि आप डरी सहमी रहती हैं, आवाज से भी डर जाती हैं। यह क्रिटिकल कंडीशन है। आपके घरवालों को ये सब मालूम है कि नहीं…कैसा समाज है ये..घर में ही कोई इतना घुटता रहता है और किसी को कुछ पता नहीं होता…

पेज रीडर्स की सलाह

वो मेरी बात नहीं मानती, कहती है मेरे ऊपर दिमाग न लगाओ, विराट की स्टोरी

मेरा नाम विराट है। गरिमा से दोस्ती है। मैं उससे बहुत प्यार करता हूं लेकिन वो मुझे अपना दोस्त ही मानती है। हम लोग चार साल से एक दूसरे के साथ हैं, चाहे कितनी भी लड़ाई हो जाए पर हम लोग एक दूसरे से बात किए बिना नहीं रह सकते हैं।

अब वो बदली-बदली सी लग रही है। पहले मैं जिस बात को करने से मना करता था, वो नहीं करती थी लेकिन अब वो मेरी बात नहीं मानती है। कहती है कि ये मेरी लाइफ है, मैं चाहे जैसे जीऊं, तुम्हें क्या इससे मतलब। उसने मुझसे बात करना भी कम कर दिया है।

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पहले जो भी बात हुआ करती थी वो हमें बताया करती थी पर अब कुछ भी नहीं बताती है। जब मैं कुछ पूछता हूं तो वो कहती है कि तुम अपने काम से काम रखो, फालतू का मेरे ऊपर दिमाग न लगाओ और बात करने से मना कर देती है।

अब बताओ दोस्तों, हम क्या करें…जो हम फिर से उसे पा सकें, वो पहले की तरह हमसे बात करे, हमारे साथ रहे, हमसे लड़ाई नहीं करे, हमारे साथ खुश रहे..

पेड एडमिन राजीव की बात

गरिमा अपनी जगह सही है। आप पजेसिव मत बनिए। रिश्ते की सीमा को समझिए। गरिमा अपनी जिंदगी के फैसले लेना चाहती है, इसमें आपको दखल देने की जरूरत नहीं। वो सही कह रही है कि आप उसकी जिंदगी के लिए ज्यादा दिमाग मत लगाइए। ऊपरवाले ने हर किसी को अपनी जिंदगी पर लगाने के लिए पर्याप्त दिमाग दिया है। आप भी अपना दिमाग अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने में और फैसले लेने में लगाएं। आप जो जिद किए बैठे हैं, उसका एक ही समाधान है कि आप जिद छोड़ दें।

पेज रीडर्स की सलाह

मैंने गर्लफ्रेंड को रोका-टोका तो उसने मुझे सायको समझ लिया और दूर हो गई

मैं अभिषेक। मैं उसे सोना कहा करता था। बचपन से ही उसे बहुत प्यार करता था लेकिन मैं उससे कह नहीं पाता था। साल बीतते गए लेकिन मुझमें इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं सोना को बोल पाता। जब मेरा जेईई मेंस में सेलेक्शन हो गया तो मैंने कॉलेज में ही उसे प्रपोज किया तो वो मान गई थी।

हम दोनों के बीच तीन साल तक सबकुछ ठीक चलता रहा। मुझे इतना प्यार हो गया था कि थोड़ी भी वो कहीं बिजी रहती तो मैं उससे पूछने लगता था कि कहां बिजी रहती हो, छोटे कपड़े क्यों पहनती हो…मैं उसे खोना नहीं चाहता था। वो मेरा पहला प्यार थी।

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सोना ने मुझे सायको समझ लिया और मुझे छोड़ दिया। आज भी जब मैं कॉल करता हूं तो वो बोलती है कि कॉल मत करना, नहीं तो मैं पुलिस को नंबर दे दूंगी। आज भी मुझे उसकी याद आती है तो बहुत रोता हूं। मैं उसे भूल नहीं पाता। उसकी फोटो देख हर दिन रोता हूं।

वो मेरी फीलिंग नहीं समझती। मुझे वो फोन नहीं करने के लिए बोलती है जबकि मैं कॉल पर ही रो देता हूं। आज भी मैं उससे बेपनाह मोहब्बत करता हूं। मुकद्दर में जिनसे मिलना नहीं, उनसे मोहब्बत भी कसम से कमाल की होती है…

पेज एडमिन राजीव की बात

प्रेम जिसके मन में फूटता है वहां उसके साथ आजादी की भावना भी होती है। अगर कोई लड़की किसी लड़के को भी ज्यादा रोक-टोक करती है तो रिश्ता नहीं चलता। पजेशन की भावना से भी प्यार का रिश्ता खराब होता है। आपने प्यार तो किया लेकिन सोना से जीने की आजादी छीन ली, इसलिए उन्होंने आपको सायको समझ लिया। अब उसको समझाना मुश्किल होगा इसलिए आप आगे से ध्यान रखिए और किसी पर भी अपनी बात मत थोपिएगा।

पेज रीडर्स की राय

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