मैंने अपनी ही जाति में प्रेम किया और अब हमारी शादी हो रही है….

मैं लखनऊ से सगुन हूं। मैं अभी 22 की हूं। पीजी कंप्लीट कर लिया और जॉब की तैयारी कर रही हूं। मैं हमेंशा से ही अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती थी, घर से कॉलेज और कॉलेज से घर बस इतना ही था। मेरी जिंदगी में कुछ दोस्त कॉलेज में जरूर थीं और वो सब मेरी जैसी ही थीं। हम सबकी एक सोच थी कि शादी मम्मी-पापा के मन की ही करेंगे, लव मैरिज नहीं करेंगे। प्यार-व्यार कुछ भी नहीं होता।

कॉलेज में लड़के भी थे लेकिन लड़कियों का हमारा ग्रुप उनसे काफी दूर रहता था इसलिए कॉलेज मे भी हमारी बहुत तारीफें हुआ करती थीं। घर में भी सब बहुत खुश थे। हर जिद पूरी होती थी। बस एक के अलावा कि फोन मत मांगो। मेरी सभी दोस्तों के पास फोन था और अब 12वीं करने के बाद मुझे भी चाहिए था। पर घर में ये जिद कोई पूरी नहीं करना चाहता था। बस इस डर से कि ये फोन में लग जायेगी, फिर पढ़ाई नहीं करेगी।

मैं काफी समझदार थी। मैं अपना अच्छा-बुरा बहुत अच्छे से जानती थी। एक दिन पापा ने बोल ही दिया कि चलो आजकल सब बच्चों के पास फोन होता है, इसे भी मिलना चाहिए। फिर क्या था, मुझे भी मिल गया। वैसे मेरे स्टोरी काफी लंबी है पर मै बस यहां से बताऊंगी कि एक दिन मुझे भी प्यार हो ही गया। मुझे खुद समझ नहीं आया कि आखिर ये हुआ कैसे। वो हमारी कास्ट के ही हैं। मैंने आपको पहले ही बताया था कि मैं काफी समझदार हूं।

मैं अंधी होकर प्यार में नहीं पड़ी। मैंने अपने लिए एक ऐसा जीवनसाथी चुना जिससे मेरे घर में कोई परेशानी ना खड़ी हो। जब मुझे यकीन हो गया कि ये इंसान मुझे समझता है ,हमारी इज़्ज़त करता है, मैंने मेरी मां को सब सच बता दिया। मां ने पापा से बात की। दोनों ने मिलकर फैसला लिया कि उस लड़के से मिल लेना चाहिए। मम्मी-पापा उससे मिले और उन्हें मिलकर बहुत अच्छा लगा।

आज हमारे रिलेशनशिप के 3 साल पूरे हो गए हैं। वो बीटेक फाइनल ईयर में है। बस इंतजार है उनकी पढ़ाई पूरी होने का बस, अब 10 महीने बाद शादी। बहुत खुशनसीब हूं मैं। मैंने जिनसे प्यार किया, उनसे अब जिंदगीभर करूंगी एक पत्नी के रूप में। पहला प्यार मेरे पापा थे और मेरा आखिरी प्यार मेरे पति होंगे। बहुत सी प्रॉब्लम आई हमारी जिंदगी में। बहुत उतार-चढ़ाव भी देखे पर एक दूसरे पर इतना ज्यादा ट्रस्ट था कि हम कभी अलग नहीं हुए….

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