Tag Archives: अमावस शायरी

शायरी – इश्क का है एक तजरबा

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गम की एक दीवार खड़ी है
एक कमसिन बेजार खड़ी है

चांद ने मुड़के कभी ना देखा
आज अमावस की घड़ी है

शोला भी एक बर्फ है यारों
बर्फ में भी आग पड़ी है

इश्क का है एक तजरबा
हुस्न भी एक चीज बुरी है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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शायरी- है अमावस सी जिंदगी तन्हा

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पास जब तक वो नहीं आते
हम इलाजे-जिगर नहीं पाते

तेरी तस्वीर चूमता हूं मगर
वो नाजुक सी लहर नहीं पाते

है अमावस सी जिंदगी तन्हा
कोई माहताब उभर नहीं पाते

कितनी मायूस है मेरी नजर
अश्क भी रहगुजर नहीं पाते


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शायरी – तुझे याद कर मुस्कुराने लगे हैं

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फिर से खयालात आने लगे हैं
तुझे याद कर मुस्कुराने लगे हैं

उड़-उड़ के गिरा दिल का परिंदा
टूटे पंखों में जान आने लगे हैं

देखते-देखते ही फिर खिल गए
वो सारे फूल जो मुरझाने लगे हैं

आंखों में अब तो नूर तेरा ही है
अमावस में तारे उगाने लगे हैं

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – मेरे हमराह तेरी राह के हम मुसाफिर हैं

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खंजर मेरे दिल को खून से तर कर दे
ऐ पत्थर मेरी आंखों में तू पानी भर दे

तू सूरज है, चंदा है, शम्मा भी है
मेरे अंधियारे जीवन में रोशनी भर दे

मेरे हमराह तेरी राह के हम मुसाफिर हैं
तू मेरे संग चले, ऐसा मंजर कर दे

रात बीते हैं जैसे गुजरते हैं सितम
तू कभी आके अमावस को पूनम कर दे

©RajeevSingh # love shayari

 

शायरी – जिसे हम फूल की तरह इस दिल में खिला बैठे

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जुल्फ की ओट में कोई अमावस सा नजर आया
जब उसे देखा तो एक चांद बुझता सा नजर आया

कौन सुनसान सी राहों पे तन्हा चल रहा था कल
गौर से देखा तो मेरा ही साया सा नजर आया

जिसे हम फूल की तरह इस दिल में खिला बैठे
वही आखिर में सीने को चुभता सा नजर आया

तुम्हारा दर्द ही सहके हम उस मंजिल पे आ पहुंचे
जहां से आगे का रस्ता खोता सा नजर आया

बहुत उम्मीद है हमसे जमाने को मगर ऐ दिल
जमाने में जीना ही मुश्किल सा नजर आया

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – दर्द का सैलाब ही आया था मेरी आंखों में

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तुमको देखा तो दुनिया का रास्ता न मिला
दुनिया देखी तो तेरे घर का रास्ता न मिला

खो गया आस्मा का चांद भी अमावस में
ऐसे मंजर में कोई हसीन आईना न मिला

चिरागे इश्क से उठता रहा देर तक धुआं
उस चिता में मेरे जिस्म का निशां न मिला

दर्द का सैलाब ही आया था मेरी आंखों में
जिसके बाद निगाहों को हादसा न मिला

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – आह और दर्द बस तेरा तलबगार हुआ

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आह और दर्द बस तेरा तलबगार हुआ
आंख पत्थर हुई, अश्क आबशार हुआ

अमावस में बस जुदाई के सितारे हैं
चांद के बिन फलक भी दागदार हुआ

मेरी पलकों का झपकना बड़ा मुश्किल है
ऐसा तबसे है जबसे तेरा दीदार हुआ

सो रहे हैं इन मकानों के बाशिन्दे सभी
मैं जगा रहके बस्ती का गुनहगार हुआ

आबशार – झरना
फलक – आकाश


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शायरी – सांसें हैं जब तक ये आस है बाकी

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ये दौरे जवानी गुजर जाए शायद
या दौरे जुदाई में मर जाएं शायद

सांसें हैं जब तक ये आस है बाकी
अमावस में चंदा निकल आए शायद

पीते रहे हम मयकदे में जी भर
नशा उल्फत का उतर जाए शायद

लगाते हैं अपनी निगाहों पे पहरे
रातों में वो मेरे घर आएं शायद

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शायरी – मौसम तन्हा-तन्हा है तेरी खुशबू के बिना

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चांद के नीचे चिरागों को जलाया करते हैं
चांदनी रातों में हम आग लगाया करते हैं

मौसम तन्हा-तन्हा है तेरी खुशबू के बिना
तुमको सारे फूल बहारों के पुकारा करते हैं

जब तेरी खामोश अदा देखी हमने एक दिन
तबसे हर अदा में तुमको बसाया करते हैं

क्या अमावस, क्या पूर्णिमा, तू ही है साथ नहीं
रात कोई भी आए, खुद को रुलाया करते हैं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – ये तेरी उदासी को किसी ने न मिटाया

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बस्ती में आज चांद छत पर नहीं आया
रब जाने कब हटेगा अमावस का साया

मंजर है इस फिजा का तनहाइयों में डूबा
अश्कों के सितारों से ही रातों को सजाया

जिसे देखना मेरी जिंदगी का एक सपना है
वो ही फकत शरमाके आंखें न मिलाया

कब तेरे लबों पर तबस्सुम की लहर हो
ये तेरी उदासी को किसी ने न मिटाया

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – मेरा आगोश तेरे साये से लिपट जाता है

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मेरा आगोश तेरे साये से लिपट जाता है
कई रातों से ये ख्वाब टूट जाता है

जब तलक हैं जुदा, पूनम भी अमावस है
चांद कतरों में निगाहों से बह जाता है

मुझे गुलशन की गुलाबें तो नसीब नहीं
यूं भी पतझड़ में कांटा ही रह जाता है

बस्तियां गम की बसाता हूं हर रोज मगर
इश्क की आग में हर आशियां जल जाता है

©RajeevSingh #love shayari