Tag Archives: अरमान शायरी

shayari – न जाने कब इश्क में इम्तहान आ जाए

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उसकी मोहब्बत शायरी इमेज

न जाने कब इश्क में इम्तहान आ जाए
न जाने कब जिंदगी में तूफान आ  जाए

जल रहा है ये दीया उस रोशनी के लिए
जिसे पाकर बुझने का अरमान आ जाए

हम तो गुजार दें उस गली में ये जिंदगी
जिस रास्ते पर उसका मकान आ जाए

उससे इश्क में इसलिए हारता ही रहा
कि जीतकर उसे चैनो-आराम आ जाए

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शायरी – ये दिल झरनों सा गिरकर चोट खाता रहा

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टूटा चांद रातभर दर्द को सहलाता रहा
किसी का चेहरा आंखो में आता जाता रहा

अधूरे अरमानों की चिताओं को सजाकर
आग को कोई खामोशी से सुलगाता रहा

दुखों की पहाड़ियों की चोटी पर चढ़कर
ये दिल झरनों सा गिरकर चोट खाता रहा

ये कैसी सरहद इस जमाने ने खींच रखी है
जिसे पार करने के लिए वो जान गंवाता रहा

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – इश्क का अच्छा इम्तहान रहा

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रातभर रास्ता सुनसान रहा
पर तेरे आने का इम्कान रहा

कोरा कागज ही जमा कर आया
इश्क का अच्छा इम्तहान रहा

छीनने वालों को ही छोड़ दिया
आशिकों पर ये इल्जाम रहा

मैं तो जीता रहा गुनाहों में
तेरी कैद पाने का अरमान रहा


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – मुहब्बत में जलती हुई एक शाम देखता हूं

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बहुत देर तक अक्सर आसमान देखता हूं
मैं उस चांद में सनम का पैगाम देखता हूं

बादल गुजरता है जिधर टुकड़ों में तड़पकर
उस तरफ दूर तक तेरे अरमान देखता हूं

जगमगाते हुए हजारों सितारों की आग में
मुहब्बत में जलती हुई एक शाम देखता हूं

जब रात बिखरती है आधी रात जवां होकर
मैं हर जर्रे में उस हसीं का नाम देखता हूं

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – मेरी उल्फत को बेवफाई का ही नाम दे दो

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और कुछ न सही, मुझको ये इल्जाम दे दो
मेरी उल्फत को बेवफाई का ही नाम दे दो

जख्म और दर्द तुझे पाकर मिट सा गया
जानेवाले मुझे रोने का सामान दे दो

हम गुजरे हैं तेरी आरजू की गलियों से
मेरे ख्वाबों को टूट जाने का अरमान दे दो

बेखबर तू है तो मैं होश में क्यूं रहता हूं
ऐ मेरे दिल, मुझे मौत का फरमान दे दो

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – ये दर्द तेरा मेरी जान न ले जाए

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ये दर्द तेरा मेरी जान न ले जाए
मेरे दिल के सारे अरमान न ले जाए

ऐ मुकद्दर कुछ तो करो हमारे लिए
उनको कोई धनवान न ले जाए

मैं रोता हूं दिल से उनके खातिर
कोई उन तक ये पैगाम न ले जाए

मेरी चाहत मुझे चुभती है खंजर सी
ये जख्म कहीं मेरी जान न ले जाए

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – दिल बहलाते हैं वो दर्द भरे नगमों से

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रस्मे-दुनिया को निभाने का हक सबको है
इस मुहब्बत को मिटाने का हक सबको है

हंसी मिलती है दौलत के कागजी फूलों से
वहां भी आंखों में कांटों की झलक सबको है

दिल बहलाते हैं वो दर्द भरे नगमों से
किसी को भूल न पाने की कसक सबको है

सात फेरे लेते हैं जो बड़े अरमानों से
उनमें एक-दूजे की वफादारी पे शक सबको है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – मेरा इश्क तो सरेआम है और दिल बड़ा बदनाम है

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जहान से अब जाने दो, इस मुकाम से अब जाने दो
कितने बरस तेरे बिन जीऊं, तेरा नाम लेकर जाने दो

तू मिली थी तो नसीब था कि मिला नहीं तुमसे कभी
मेरे दिल में जो दबी रही वो अरमान अब दफनाने दो

मेरा इश्क तो सरेआम है और दिल बड़ा बदनाम है
बेदाग से इस चांद पे कुछ दाग तो लग जाने दो

तू जो सामने आए कभी, तेरे सितम की मैं दाद दूं
और फिर कहूं तुझे अलविदा, कोई ऐसा पल आने दो

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – यही इश्क का अंजाम था, ये जुबां भी नाकाम था

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तुझे बोलने से गुरेज था, मुझे पूछने से परहेज था
यही इश्क का अंजाम था, ये जुबां भी नाकाम था

तेरा देखकर मुंह मोड़ना, मेरा देखकर राह छोड़ना
नजर में कुछ अरमान थे, बेरुखी में भी पैगाम था

कलियां खिली थी जुल्फ में, गजल मिली तेरे नक्श में
मेरी शायरी में ऐ सनम, खुशबू तेरी, तेरा नाम था

दिल भी नहीं, जां भी नहीं, खूं भी नहीं, अश्क भी नहीं
तुझे क्या दिया मेरी मौत ने, कुछ न बचा अरमान था

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – जब कभी तुम करीब से गुजर जाती हो

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उदास लड़की जब तुम मुस्कुराती हो
मेरे सोये हुए अरमान को छेड़ जाती हो

मन के तार बज उठते हैं यूं तड़पकर
जब कभी तुम करीब से गुजर जाती हो

तुम्हारी तलाश में दिल कितना भटका
तुम मिली तो मुझे दर्द से भर जाती हो

जाने कब समझोगी अपने दीवाने को
इश्क में क्यों इतना इंतजार करवाती हो

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – वो कायनात लिए फिरते थे अपने आँचल में

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अरमानों की बात कहकर हर चीज पर मुझे टोका
अपनों ने ही इस कदर मेरी जिंदगी का गला घोटा

जब कभी नया कुछ करने निकला इस दुनिया में
लोगों ने कदम कदम पर मुझे वह करने से रोका

बहुत अहसान हो चुका है बेवफाओं का मुझपर
जीना तो उनसे भी सीखा जिसने दिया था धोखा

अपने आंचल में वो कायनात को लिए फिरती थी
उसकी दहलीज से दिल खाली दामन लिए लौटा

©rajeevsingh              शायरी

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