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शायरी – ये दर्द के कुसूर हैं, कि आप मेरे हुजूर हैं

#100 लव शायरी

ये दर्द के कुसूर हैं, कि आप मेरे हुजूर हैं

हम मांगने आए हैं वो जो देने को मजबूर हैं

नस-नस मेरा डूब रहा, सब आपके सुरूर हैं

हर अश्क आपके लिए और आप हमसे दूर हैं

 

  1. अपने भी, पराए भी, कुछ दूर के साथी हैं
  2. पल दो पल ये साथ हमारा, एक मुसाफिर एक हसीना
  3. जब-जब सितम तूने किया, हम सह गए दिल खोल कर
  4. ये हुस्न देखकर ही तो वो चाँद परेशान है
  5. जागता है कोई दर्द ही सोने की जगह
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शायरी- है अमावस सी जिंदगी तन्हा

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पास जब तक वो नहीं आते
हम इलाजे-जिगर नहीं पाते

तेरी तस्वीर चूमता हूं मगर
वो नाजुक सी लहर नहीं पाते

है अमावस सी जिंदगी तन्हा
कोई माहताब उभर नहीं पाते

कितनी मायूस है मेरी नजर
अश्क भी रहगुजर नहीं पाते


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – आज की रात बरसेगा रातभर

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आज की रात बरसेगा रातभर
अश्क नजरों से बहेगा रातभर

जुदाई के हाथ में खंजर होगा
मेरा सीना छलनी होगा रातभर

बेखुदी दिल में रहेगी मेजबानी में
दर्द मेहमान बन रहेगा रातभर

जिसने ठुकराया हमें जमाने में
आज वो याद आएगा रातभर

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दर्द खुद को ही यूं मिटाता है

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किसने तोड़ा है सागर मैखाने में
कोई टूटा है शायद मैखाने में

मैंने सर पे कफन जबसे बांध लिया
सब डरते हैं मुझसे जमाने में

दर्द खुद को ही यूं मिटाता है
अश्क दिखते नहीं सिरहाने में

आज भी सीने में वो खुशबू है
कोई आया था कभी इन बाहों में

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – तुमसे बिछड़ कर चैन पाया न कभी

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तुमसे बिछड़ कर चैन पाया न कभी
एक पल को तुझे भूल पाया न कभी

दर्द कुछ इस तरह सीने में तड़पता रहा
आंखों से अश्क निकल पाया न कभी

हर मकाम तेरी याद मुझे दिलाता रहा
कहीं पर देर तक मैं ठहर पाया न कभी

तुझे भुलाने की कोशिशों में मेरी जान
इश्क के हादसे से उबर पाया न कभी

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – मत कहिए जमाने से कि लगा है दिल का रोग

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सनम की आंखों में हम अपना दीदार कर बैठे
उनके रूबरू हम नजरों से यूं तकरार कर बैठे

मत कहिए जमाने से कि लगा है दिल का रोग
वो कहेंगे न था कोई काम तो ये रोजगार कर बैठे

दर्द की आदत से अब यूं मजबूर हो चुके हैं हम
अश्कों के खातिर तेरी यादों का जुगाड़ कर बैठे

हुस्न से इश्क का सदियों से ये राबता है कैसा
खाक होने के लिए वे एक-दूजे से प्यार कर बैठे

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – सर उठाओ मेरे महबूब कि मेरा चांद निकले

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आज खो बैठे हो क्यूं अपनी पहली सी नजर
कैसा गम है जिसमें बदली है गहरी सी नजर

मेरी आंखों में जरा देखो तो मैं भी देखूं
क्यूं भला अश्क में डूबी है ठहरी सी नजर

सर उठाओ मेरे महबूब कि मेरा चांद निकले
तू करीब आके जला दे मेरी बुझती सी नजर

इस तरह चुप न रहो, मुझसे कुछ तो बोलो
कब तलक यूं छुपाओगे ये बहती सी नजर

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – कागज पे लिखी बातें भी दिल तोड़ देती हैं

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बंद कर दूं ये दरवाजे, लगा दूं ये खिड़कियां
फुरसत है, उन्हें यादकर ले लूं मैं हिचकियां

हमने बनाए जाने कितने सपनों के महल
हिज्र के तूफान ने उजाड़ दी है बस्तियां

कागज पे लिखी बातें भी दिल तोड़ देती हैं
उनकी खतें पढ़के निकलती है सिसकियां

तेरी यादों के गुलशन में बैठा मैं कई पहर
आंखों से उड़ती रही अश्कों की तितलियां

हिज्र- जुदाई
अश्क- आंसू

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – तू न आई तो अधूरी है जिंदगी की गजल

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चांद सी आंखों से गिरते हैं अश्क से तारे
है घनेरी जुल्फ तले नम रात के नजारे

दर्द आएगा दबे पांव सुबह की तरह
फिर तो सूरज में जलेंगे मेरे अरमां सारे

तुम्हें पाया तो नीरस हो गई ये दुनिया
और दुश्मन सी हो गई घर की दीवारें

तू न आई तो अधूरी है जिंदगी की गजल
जाने कब आएगी तू लेकर हुस्न की बहारें


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – अपनी आंखों में उसे बांध कर भला मैं कैसे रखूं

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शाम तो रख लिया अब रात को मैं कैसे रखूं
इतने उदास लम्हों को एक दिल में कैसे रखूं

हाथ आए थे चंद अश्क, छिटक के भाग गए
अपनी आंखों में उसे बांध कर भला कैसे रखूं

यादों के बयार संग मेरे दिल तक चले आए हैं
इन गर्द गुबारों को इस जिगर में अब कैसे रखूं

बूंद बनकर जो मेरी आंखों से दर्द बहा ले गया
ऐसे सावन को तेरे तोहफे के लिए मैं कैसे रखूं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – सहरा की प्यास हो तुम, सागर की तलाश हो तुम

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सागर तेरी निगाहों में डूबा, अंबर तेरे दिल में डूबा
तेरे अश्क में सहरा डूबा, मैं हूं तेरे दर्द में डूबा

सहरा की प्यास हो तुम, सागर की तलाश हो तुम
अंबर की खामोशी में तुम हो. तुझमें सारा मंजर डूबा

अंबर का वो सावन हूं मैं, सहरा का मुसाफिर हूं मैं
सागर सा ये मन है मेरा, बिन तेरे मझधार में डूबा

सागर में ही डूब मरा मैं, अंबर में ही खो गया मैं
सहरा में ही जल गया मैं, रूह में तेरा इश्क है डूबा

(सहरा- वीरान जगह)

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – जिगर में आग है जब तक, हरेक दीपक जला लेंगे

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जिगर में आग है जब तक, हरेक दीपक जला लेंगे
नजर में अश्क है जब तक, हरेक मंजर बहा देंगे

मुझे भी मौत के साये से डर लगता है ऐ मालिक
मगर जब तुम कहोगी तब हरेक खंजर चुभा लेंगे

तुम्हें जो फूल कहते हैं उन्हें ये इल्म भी तो हो
हम अपने दिल के कांटों में तेरी सूरत दिखा देंगे

सिखाया है तुम्हीं ने ये अदा भी अपने बंदे को
अगर तुम सामने आओ, हम अपना सर झुका लेंगे

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – जब कभी मुझको याद आती हो

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जब कभी मुझको याद आती हो
तुम मेरे दिल में आग लाती हो

मेरी तन्हाई के दर्दभरे अंधेरों में
खामोशी से मुझको रुलाती हो

दिल अश्कों को पीता रहे हमेशा
इसलिए प्यासे को भूल जाती हो

तुम अपनी उलझनों में फंसकर
कभी मिलने को कहां बुलाती हो

©राजीव सिंह शायरी