Tag Archives: आगोश शायरी

शायरी – दुख सहते हैं हम जिनके लिए

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दुख सहते हैं हम जिनके लिए
हम तो अब गैर हैं उनके लिए

वो खामोश हैं, कुछ कहते नहीं
अब बचा क्या सुनने के लिए

तुम हंसकर जिए जाती हो
हम कहां जाएं रोने के लिए

तू न आई तो मौत आएगी
मुझे आगोश में लेने के लिए

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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शायरी – इस रात के आलम में मेरा इश्क जानेजां

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आ जाओ, अब मौसम भी मस्त हो चला
खड़ा है तेरी राह में देखो एक दिलजला

आंखों की रोशनी से एक चांद बनाएं
आशियां में तारों सा हम जाएं झिलमिला

आओ तुझे बाहों में भरके प्यार करूं मैं
मिट जाए दोनों की तन्हाई का सिलसिला

इस रात के आलम में मेरा इश्क जानेजां
तेरे हुस्न की आगोश में खोने को है चला

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – अब दिल के लिए कोई पत्थर भी तो आए

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तुम किस अंधेरे में हो ऐ नूर खुदा के
शब ने तुझे पुकारा है खामोश सदा से

दामन की उलझनों में डूबे हुए हैं हम
लो दफ्न हो गए हैं खुद अपनी खता से

अब दिल के लिए कोई पत्थर भी तो आए
ऐ बेरहम तन्हाई मुझे इतनी दुआ दे

एक दर्द का वजूद है आगोश में मेरे
वो दूर रह रहा है अपनी दिलरुबा से

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – पलकों की आगोश में तुझे रखती हूं

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पलकों की आगोश में तुझे रखती हूं
रात-दिन बस तेरे दर्द में मैं बहती हूं

दिल तेरे साज पे एक राग में रोता है
मैं तेरे इश्क में तन्हाइयों में गाती हूं

हिज्र के कांटों बीच गुलाब है तू सीने में
यूं ही आठों पहर तेरे गम में महकती हूं

हाथ उठे हैं कई बार करने को दुआ
तुम मेरे बिन न जलो, बस यही कहती हूं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – मेरा आगोश तेरे साये से लिपट जाता है

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मेरा आगोश तेरे साये से लिपट जाता है
कई रातों से ये ख्वाब टूट जाता है

जब तलक हैं जुदा, पूनम भी अमावस है
चांद कतरों में निगाहों से बह जाता है

मुझे गुलशन की गुलाबें तो नसीब नहीं
यूं भी पतझड़ में कांटा ही रह जाता है

बस्तियां गम की बसाता हूं हर रोज मगर
इश्क की आग में हर आशियां जल जाता है

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – दिल थाम कर जाते हैं हम राहे-वफा से

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दिल थाम कर जाते हैं हम राहे-वफा से
खौफ लगता है हमें तेरी आंखों की खता से

जितना भी मुनासिब था हमने सहा हुजूर
अब दर्द भी लुट जाए तुम्हारी दुआ से

हम तो बुरे नहीं हैं तो अच्छे ही कहां हैं
दुश्मन से जा मिले हैं मुहब्बत के गुमां से

वो दफ्न ही कर देते आगोश में हमें लेकर
ये मौत भी बेहतर है जुदाई की सजा से

©RajeevSingh