Tag Archives: आहट शायरी

शायरी – बड़े नादान हैं वो लोग जो तुमसे प्यार करते हैं

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तुम्हारी आहट से अक्सर हमारी नींद उड़ती है
तेरी ये याद रातों में बहुत सताया करती है

मेरा दिल टूट न जाए जरा खयाल ये रखना
बड़ी मुद्दत से हर धड़कन तेरा ही नाम लेती है

मसलकर पंखुरी को तुम जो अक्सर फेंक देती हो
वो पिसकर भी तेरे हाथों में खुशबू ही भरती है

बड़े नादान हैं वो लोग जो तुमसे प्यार करते हैं
किसी को ये नहीं मालूम कि तू किसपे मरती है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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शायरी – इस शहर में तेरे होने के निशान खोजता हूं

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तुम हो यहीं पे कहीं, तेरा नाम सोचता हूं
इस शहर में तेरे होने के निशान खोजता हूं

इन गलियों से गुजरते हुए मेरी जानेमन अक्सर
तेरे कदमों की आहट सुन वो मकान खोजता हूं

तेरे खयालों से खिंचकर यूं बेखबर सा चलता
अपने इश्क का वो दिलकश मकाम खोजता हूं

मेरी तलाश देखकर कहते हैं ये दुनिया वाले
अपनी मौत का मैं जीते जी सामान खोजता हूं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – रुखसत न हुआ गम तो दिल रूला बैठे

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लम्हों की आहटों में हर रात गुजरती है
एक चांद के साये में मेरी रूह जलती है

रुखसत न हुआ गम तो दिल रूला बैठे
रोका तो बहुत फिर भी ये आह निकलती है

तेरी आंखों में देखा था जो, वो दर्द उठा था
ये इश्क के आगाज की तस्वीर होती है

टूटा हूं मगर तुमसे मैं इस तरह जुड़ा हूं
मरता हूं मैं तेरे लिए, तू जान लेती है

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – तेरे चेहरे की उदासी ने हमें बर्बाद किया

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इसका अफसोस है कि हम तुझे पा न सके
दिलरुबा तेरी पनाहों में सर छुपा न सके

ये अंधेरा मेरी आंखों में सिमट आया है
तेरे इस दर्द में हम दीपक जला न सके

तेरे चेहरे की उदासी ने हमें बर्बाद किया
तेरे आंसू से हम खुद को बचा न सके

अब तो तन्हा हुआ हूं उम्रभर के लिए
पर तेरी आहट इस दिल से मिटा न सके

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – तुम्हारे गम से दिल रोता रहा रातभर तन्हा

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जमाना सो गया और मैं जगा रातभर तन्हा
तुम्हारे गम से दिल रोता रहा रातभर तन्हा

मेरे हमदम तेरे आने की आहट अब नहीं मिलती
मगर नस-नस में तू गूंजती रही रातभर तन्हा

नहीं आया था कयामत का पहर फिर ये हुआ
इंतजारों में ही मैं मरता रहा रातभर तन्हा

अपनी सूरत पे लगाता रहा मैं इश्तहारे-जख्म
जिसको पढ़के चांद जलता रहा रातभर तन्हा

(इश्तहारे-जख्म-  जख्म का इश्तहार)

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – ना जाने आज चाँद भी कहाँ खो गया

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वो अंजुमन की आग में लिपटे हुए तारे
आँसू के चिरागों से सुलगते नज़ारे
आसमान की नज़र में अटके हुए सारे

ना जाने आज चाँद भी कहाँ खो गया
फलक का अँधेरा भी दरिया पे सो गया
रोता है हर शै कि आज क्या हो गया

शज़र के शाखों पे नशेमन की ख़ामोशी
फैली है पंछियों में ये कैसी उदासी
क्यूँ लग रही हर चीज़ आज जुदा सी

बजती है सन्नाटे में झिंगुरों की झनक
या टूट रही है तेरी चूड़ियों की खनक
आती है आहटों से जख्मों की झलक

ये रात कब बीतेगी मेरी जवानी की
कब ख़त्म होगी कड़ियाँ मेरी कहानी की
कब लाएगी तू खुशियाँ जिंदगानी की

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari