Tag Archives: गम की शायरी

शायरी – तेरी मोहब्बत में ग़र परेशान नहीं होता

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तेरी मोहब्बत में ग़र परेशान नहीं होता
तो मैं पहले से बेहतर इंसान नहीं होता

बहुत दिनों तक तेरे गम में पागल रहा
उस हालात में कोई मेहरबान नहीं होता

तनहाई में खूब रोया तो अहसास हुआ
तेरा दिल रोनवालों पे कुरबान नहीं होता

टूटकर गिरा जब तो जाना है हमने कि
मोहब्बत के तारे का आसमान नहीं होता

भटकता हुआ एक जमीं तलाश रहा हूं
मगर मंजिल को पाना आसान नहीं होता

©राजीव सिंह शायरी

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शायरी – गम न खाते तो वो हमसे खफा हो जाते

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गम न खाते तो वो हमसे खफा हो जाते
हमें डर था कि कभी वो बेवफा हो जाते

इंतजार था अपने जख्मों के भर जाने का
एक पल के लिए तो कभी वो दवा हो जाते

जमाने में तो इस तन्हा का दम घुटता है
दिल भी जी लेता जो कभी वो हवा हो जाते

उनकी खातिर ही हम रोज गजल लिखते हैं
इसे पढ़ते तो शायद कभी वो फिदा हो जाते

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – अब मुझे रोने का तरीका आया है

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तेरे गम में अब मुस्कुराते हैं लब
अब मुझे जीने का सलीका आया है
दर्द उठने पै सूख जाती हैं आंखें
अब मुझे रोने का तरीका आया है

Tere Gham Me Ab Muskurate Hain Lab
Ab Mujhe Jeene Ka Tarika Aaya Hai
Dard Uthne Pe Sukhh Jati Hain Aankhen
Ab Mujhe Rone Ka Tarika Aaya Hai

©rajeev singh shayari