Tag Archives: गुलाब पर एक शायरी

शायरी – आह ये मुरझाया गुलाब जाने कब खिलेगा

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आह ये मुरझाया गुलाब जाने कब खिलेगा
कब इसमें लाल रंग का खूने-इश्क बहेगा
तोड़ा है जमाने ने जिस शाख से इसको
जाने कब उन बाहों का फिर साथ मिलेगा

फरियाद कर सका न वो, खामोश रह गया
लेकिन टूटकर भी इतना जोश रह गया
महकता रहा, सजता रहा वह महफिलों में
फिर एक दिन सूखकर मायूस रह गया

आशियां में पड़ा है किसी गुलदान में
या बिकने को रखा है किसी दुकान में
कातिल हो गई उनकी ही उंगलियां
ये गुलाब खिला था यहां जिसके मकान में

©RajeevSingh # गुलाब शायरी

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शायरी – इस अदा से मेरे दिल में गुलाब खिला

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एक श्मशान से आसमान से गुजरते हुए
हमने देखा है सितारों की चिता जलते हुए

मर चुके सावन को कांधे पर ले चली है हवा
बादलें संग चल रहे हैं बहुत रोते हुए

एक दरिया में डूब गया था चांद का हुस्न
और आईना टूट गया था उसे देखते हुए

इस अदा से मेरे दिल में गुलाब खिला
मुझे अच्छे लगे ये कांटे सभी चुभते हुए

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – खिलके गुलाब की तरह मुरझा कर गिर गया

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जाते-जाते वो मेरे खूँ में जहर भर गया
उसकी याद में जीके मैं आठों पहर मर गया

आशना के चार दिन ऐसे तज़रबे दे गए
खिलके गुलाब की तरह मुरझाकर गिर गया

उनकी तरफ बढ़ाया था बेखुदी में दो कदम
होश आया तो लगा कि खुद से दगा कर गया

किस दिल में मिलता है इस जहान में वफा
इसकी तलाश में भला क्यूँ किसी के घर गया

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – जख्म जब-जब दिल में मेरे इश्क में जल उठा

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आईना देखा तो मेरा एक अलग ही रूप था
कल तलक जो अक्स था, आज वो इक दाग था

बस मेरी तू आरजू थी, चूड़ होकर रह गई
मैं भी शायद जिंदगी का एक टूटा ख्वाब था

मिट्टी का हर दर्द तो फूल बनकर खिल गया
मेरे सीने में भी गम का एक हसीन गुलाब था

जख्म जब-जब दिल में मेरे इश्क में जल उठा
आंख से पानी बहे, उस पानी में भी आग था

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – ये कैसा प्यार है जो तोड़कर खुश होता है

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तूने उसी नाजुक बेजुबां को तोड़ लिया
जिस गुलाब से कभी जरा भी प्यार किया

किसी से अपने दिल को जोड़ने के लिए
टूटा गुलाब देकर प्यार का इकरार किया

ये कैसा प्यार है जो तोड़कर खुश होता है
दुनिया में तूने क्यों ऐसा कारोबार किया

मुरझा गया जब तेरे किसी काम का न रहा
फेक देने का सितम तूने कितनी बार किया

©राजीव सिंह शायरी