Tag Archives: गुलाब शायरी

roj aankhon se tu ho to barasti hai – रोज आंखों से तू ही तो बरसती है

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ख्वाहिशों की शायरी

मेरे आंसुओं में तू ही छुपी रहती है
रोज आंखों से तू ही तो बरसती है

किसी गुलाब की बेटी है तू शायद
इसलिए मुरझाकर भी महकती है

दिल के टूटे आईने में देखता हूं जब
हर टुकड़े में तेरी सूरत झलकती है

सारी ख्वाहिशों की दिलरुबा है तू
मेरी चाहत तेरी खोज में भटकती है

©राजीवसिंह                            शायरी

khwahishon ki shayari

Mere Aansuon Me Tu Hi Chhupi Rahti Hai
Roj Aankhon Se Tu Hi To Barasti Hai

Kisi Gulab Ki Beti Hai Tu Shayad
Isliye Murjhakar Bhi Mahakti Hai

Dil Ke Toote Aaine Me Dekhta Hun Jab
Har Tukde Me Teri Surat Jhalakti Hai

Sari Khwahishon Ki Dilruba Hai Tu
Meri Chahat Teri Khoj Me Bhatakti Hai

©rajeevsingh                                    shayari

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शेर ओ शायरी – कुछ अरमां आंसुओं में भीगे हैं

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तेरे आंचल की हवा जो लग जाए
ये दिल की आग तो भड़क जाए

कुछ अरमां आंसुओं में भीगे हैं
जाने कब किस घड़ी दहक जाए

चांद पाने की अब जरूरत क्या
जब तुझे देख अक्स चमक जाए

गुलाबों जैसे तेरे इन खयालों में
मुहब्बत भरी ये रात महक जाए

©rajeev singh shayari

शायरी – जिसके दिल में कांटे हों

#100 दर्द शायरी

दर्द में हम जीते-मरते हैं

सबसे हंसकर मिलते हैं

 

जिसके दिल में कांटे हों

वहीं तो गुलाब खिलते हैं

 

वो आग लगाकर जाती है

दीये खामोशी से जलते हैं

 

  1. जबसे तुम मेरे दिल के गुलाब बन गए
  2. ताउम्र तेरे इश्क में मरने की दुआ दे
  3. इस दिल को ये मंजूर है, तू खुश रहे हर हाल में

शायरी – इश्क में दिल को ठेस लगाना

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इश्क में दिल को ठेस लगाना
तुम बेवफा का रस्म निभाना
बंदा ये कमजोर बहुत है
मौत के दर तक छोड़के आना
तेरी गली में कांटे हैं कितने
लेकिन गुलाबों का नहीं ठिकाना
क्या-क्या सितम भूल चुका हूं
ऐ दिल कभी न याद दिलाना

©RajeevSingh

शायरी – तुझे देखे बिना कभी जी न सके

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तुझे देखे बिना कभी जी न सके
तुझे सोचे बिना कभी लिख न सके
मैं तो तेरे लिए चुनके लाया गुलाब
सामने आई तुम, तुझे दे न सके
मेरी नजरों में बस एक तमन्ना रही
अपना दर्दे-जिगर हम दिखा न सके
जांनिसारों में तुम हमें न रखो
आज तक अपनी जां हम पा न सके

©RajeevSingh

शायरी – कितने दुख सहे तेरे इश्क में

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दर्द से मेरे दिल का रिश्ता
तुमसे भी कुछ ऐसा ही था

दिल में कितने गुलाब खिले
जब मन उलझा कांटों में था

कितने दुख सहे तेरे इश्क में
इससे अच्छा तन्हा ही था

जब टूटा था घर ये मेरा
दीवारों संग आईना भी था

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – हो इश्क का तमाशा और हुस्न की कयामत

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हो इश्क का तमाशा और हुस्न की कयामत
ऐसे में दिल-ए-आशिक कैसे रहे सलामत

एक बूंद दर्द में डूबा, तब बन गया समंदर
किसी बेवफा ने की थी उसपे कभी इनायत

सब सूख चुकी हैं वो गुलाब की पंखुरियां
संभाल के रखा था आखिरी तेरी अमानत

आंखों में जमा होके गिले-शिकवे हुए पानी
चेहरे पे बहता दरिया, आईने की है शिकायत

©RajeevSingh # love shayari

 

शायरी – तुम हमारे लिए टूटे गुलाब लायी थी

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मैं जी रहा जिस हाल में, जी लेने दो
इस हालात में अब खुद पे रो लेने दो

बता रहे हो क्यूं अपनी मजबूरियों को
तुम मत जाओ, मुझे ही चले जाने दो

कई सदियों की खता है मुहब्बत भी
हर जनम में तुझे खोने की कसम खाने दो

तुम हमारे लिए टूटे गुलाब लायी थी
वो भी मुरझा गए, उसको बिखर जाने दो

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दिल से तेरी ही यादों की महक आई

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दर्द लेता है मेरे दिल में जब अंगराई
जाग उठती है रातों में मेरी तन्हाई

शायद इतना ही बहुत है कि तुझे देखा
तेरी तस्वीर मेरे रूह में उतर आई

जब भी रोए गुलाबों को हाथों में लिए
दिल से तेरी ही यादों की महक आई

इस भरी दुनिया में बस तेरा गम है अपना
इसी गम से मरने की ना नौबत आई

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – पलकों की आगोश में तुझे रखती हूं

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पलकों की आगोश में तुझे रखती हूं
रात-दिन बस तेरे दर्द में मैं बहती हूं

दिल तेरे साज पे एक राग में रोता है
मैं तेरे इश्क में तन्हाइयों में गाती हूं

हिज्र के कांटों बीच गुलाब है तू सीने में
यूं ही आठों पहर तेरे गम में महकती हूं

हाथ उठे हैं कई बार करने को दुआ
तुम मेरे बिन न जलो, बस यही कहती हूं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – नादान हसरतें आपके दिल और हमारे दिल में

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भूल से भी जिंदगी को नाराज न कीजिए कभी
लीजिए आ गई नशे में घुली रात अभी
नादान हसरतें आपके दिल और हमारे दिल में
फिर दूरियों में न गुजर जाए रात अभी

सूर्ख चादर सा फैला है गुलाबों की जमीं
ख्वाबों की महक से फिजा रोशन है अभी
शब पे छायी है हर तरफ मदहोश हवाएं
नींद से बढ़के जगने का हसीन पहर है अभी

कशमकश होती ही रहती है सदा दिल में आपके
सीधे-सीधे मेरी बातों को मान लीजिए अभी
खर्च कर दें आज हम अपनी सारी ख्वाहिशें
बंदिशों की दीवार गिराने का मौसम है अभी

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – थे करीब हम-तुम लेकिन बंदिशें थी बेहिसाब

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क्यूं है सर्द-सर्द चांद, क्यूं है जलता आफताब
क्यूं हैं ये खामोश तन्हा, कौन दे इसका जवाब

कुछ दिनों तक लिख न पाया मैं कोई भी गजल
उन दिनों मैं भूल गया करना जख्मों का हिसाब

तेरी यादों संग बैठा अपने चमन की वीरानी में
उजाड़कर ले गयी ये दुनिया मेरे बगीचे का गुलाब

फासला दो-चार कदम का तय न कर पाए कभी
थे करीब हम-तुम लेकिन बंदिशें थी बेहिसाब

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – अच्छा किया जो मुझपे ये गुलाब रख दिया

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रोते हैं वो रुखसती पे जब मैं नहीं रहा
अब पास वो बैठे हैं जब मैं नहीं रहा

अच्छा किया जो मुझपे ये गुलाब रख दिया
लो कर लिया कुबूल जब मैं नहीं रहा

जिंदा रहा तो बेरुखी देकर ही खुश रही
अब रुख वो दिखाती है जब मैं नहीं रहा

मेरे गमों की आबरू तेरे हाथ लुट गई
इज्जत से तो दफना दिया जब मैं नहीं रहा

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari