Tag Archives: जनाजा शायरी

शायरी – जिस गम ने जीना सिखाया, बस उसका तकाजा है

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जिस गम ने जीना सिखाया, बस उसका तकाजा है
कि दिल अब तक ढो रहा मुहब्बत का जनाजा है

उम्मीदों के फूल गुलशन में कबके मुरझा चुके
जो बचा है खिजां में वो कांटों का तमाशा है

सावन से कह दो कि मेरे आंगन में ना बरसे
यहां पहले से आंखों को बरसने में मजा सा है

मुंतजिर है तेरी राह देखता कबसे एक मुसाफिर
उसको तेरे हुस्न में सुकूं पाने का दिलासा है

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – ये रोज ही होता है कि तुम याद आते हो

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फिर चोट खा गए हैं इस जख्मी जिगर पे
फिर आज रो रहे हैं हम गमगीन नजर से

ये रोज ही होता है कि तुम याद आते हो
दिल रोज कराहता है माज़ी के कहर से

बेजान से इस जिस्म को बस मौत चाहिए
पल-पल में मुंतजिर हूं मैं आठों पहर से

सौ बार जनाजा मेरा घर लौटकर गया
श्मशान भर गया था दुनिया के बशर से

माजी- अतीत
मुंतजिर-इंतजार में
बशर- इंसान

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – क्या मिला है मुझे इस दिल के आईने के सिवा

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क्या मिला है मुझे इस दिल के आईने के सिवा
क्या हुआ है मेरा गिर-गिर के टूटने के सिवा

देर हो जाएगी तुमको भी घर जाने तलक
तुमने भी सीखा है क्या मुसीबत उठाने के सिवा

दर्द कितना भी जहर उगले आंखों से मगर
हमको कुछ आया नहीं जख्म पे रोने के सिवा

आप आ ही गए आशिक का जनाजा ढोने
आप अपने हैं, क्या देंगे हमें कांधे के सिवा

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – मेरे दिल का तुझे खयाल नहीं

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जानेवाले मुझे तुम बुझाकर जाओ
हो सके तो फिर से जलाकर जाओ

मेरे आंचल का एक-एक रेशा-रेशा
खींचकर एक कफन बुनकर जाओ

मेरे दिल का तुझे खयाल नहीं
इस जनाजे को ही यादकर जाओ

रोकना चाहूं तो मैं तुझे कैसे रोकूं
जो मुझे तुम गैर समझकर जाओ

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari