Tag Archives: जवानी शायरी

शायरी – जवानी ये कैसी खता करा बैठा

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जाने क्या सूझा, जवानी ये कैसी खता करा बैठा
कमजर्फ बेवफा की दिल्लगी से दिल लगा बैठा

बरसों में बनाई थी उसने दुनिया में जो इज्जत
उसे एक पल में कमसिन के हाथों लुटा बैठा

हसीना ने हंस हंस के जमाने में बदनामी की
वह शख्स किसी कोने में खुद को छिपा बैठा

अब रोता है वो अपनी करतूत और किस्मत पर
कि क्यों मासूम चेहरे पर कदम डगमगा बैठा

कमजर्फ – ओछा

(एक उम्रदराज इज्जतदार आशिक से प्रेरित शायरी, जिसकी कमउम्र बीवी ने उसे दुनिया में बदनाम किया। )

©RajeevSingh

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शायरी – तेरे लब की दिलकश परेशानी भी देखी

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पिंजरे में बुलबुल की जिंदगानी भी देखी
कांटों में एक गुल की जवानी भी देखी

हर पल दर्द का एक नया मोड़ लेती
मुहब्बत की कमसिन कहानी भी देखी

सौतन की दुश्मनी को भी मात देती
दुनिया की बेरहम कारस्तानी भी देखी

मेरे इश्क को ठुकराने से ठीक पहले
तेरे लब की दिलकश परेशानी भी देखी

कितनी चोटें तूने छोड़ी मेरे दिल पे
तेरे जख्मों की हर एक निशानी भी देखी

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – तुम आए तो एक समंदर भी ठहरा

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तुझे देखकर सारी थकान भूलते हैं
मन के सभी परिंदे उड़ान भूलते हैं

तुम आए तो एक समंदर भी ठहरा
लहरों की जवानी तूफान भूलते हैं

मुहब्बत की इस हसीं दिलकशी में
दीवाने तो आखिरी अंजाम भूलते हैं

ज़हन में इस तरह बसा अक्स तेरा
आईना देख अब अपना नाम भूलते हैं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – रोज मिलते हैं जो उनको ये खबर ही नहीं

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जाने कितनी बेवफाओं की कहानी से गुजरे
इस तरह ठोकरें खाते हम जवानी से गुजरे

रोज मिलते हैं जो उनको ये खबर ही नहीं
कि उनको देखकर किस परेशानी से गुजरे

नजर छुपाते रहे कि खुले न राजे-मुहब्बत
जिंदगी भर बस हम इस नादानी से गुजरे

रोज बेचैन सा रहता हूं मैं उनको सोचकर
कोई एक रात तो कभी आसानी से गुजरे

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – महसूस हुआ ये जब दुनिया में वो मिला

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महसूस हुआ ये जब दुनिया में वो मिला
कांटों की भीड़ में वो एक फूल सा खिला

कैसे बुझेगा जाने शबे-गम का इंतजार
बेसब्र सा एक चिराग फलक पे है जला

क्या खूब है जवानी और आलमे-तन्हाई
है दूर तलक उसकी ही यादों का सिलसिला

मिलता तो है करीब से पर बाकी है कसर
दूरी तो घट गई मगर अब भी है फासला

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – सांसें हैं जब तक ये आस है बाकी

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ये दौरे जवानी गुजर जाए शायद
या दौरे जुदाई में मर जाएं शायद

सांसें हैं जब तक ये आस है बाकी
अमावस में चंदा निकल आए शायद

पीते रहे हम मयकदे में जी भर
नशा उल्फत का उतर जाए शायद

लगाते हैं अपनी निगाहों पे पहरे
रातों में वो मेरे घर आएं शायद

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – कुछ बरस तक जवानी में ख्वाब आते हैं

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कुछ बरस तक जवानी में ख्वाब आते हैं
फिर एक-एक कर वो सब टूट जाते हैं

देखकर जिंदगी को हम ये समझ न सके
जिसको पाते हैं उसे छोड़ क्यूं मर जाते हैं

आईनों पे ये इल्जाम भी लगाया जाए
ये हमें जिस्म के भंवर में ले जाते हैं

वो हमें साफ-साफ कह देते तो अच्छा था
मगर हां करके भी वो बेवफा हो जाते हैं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – सूख जाती है जिस्म की ख्वाहिश

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सारी दुनिया को देखते हैं सब
मगर अपने में झांकते हैं कब

सूख जाती है जिस्म की ख्वाहिश
रूह के दर्द में भीगते हैं जब

लोग जब बोलकर थक जाते हैं
हम कहीं पर मुंह खोलते हैं तब

बाद बचपन के जवानी आई
आईने में कई झूठ टोहते हैं अब

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – लो मेरे वालिद तेरे कदमों में, हमने ये रूह गिरवी रख दी

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लो मेरे वालिद तेरे कदमों में
हमने अपनी रूह गिरवी रख दी

तूने बेबस को जमाना दिया
खेलने के लिए खिलौना दिया
रोटी-मकां का सहारा दिया
तेरे अहसानों के बदले
लो मेरे वालिद तेरे कदमों में
हमने ये रूह गिरवी रख दी

ये जिंदगी तेरी गुलामी में है
भुलूंगी जो खता जवानी में है
इस दिले-नादां का खूं कर दूँगी
जहाँ बाँधोगे, खुद को बाँध लूँगी
लो मेरे वालिद, तेरी इज़्जत के लिए
हमने अपनी रूह गिरवी रख दी

मेरे आशिक तुझे जख़्म दे रही हूँ मैं
बेवफाई का रस्म निभा रही हूँ मैं
आशिक को आँसू का सामां देकर
लो मेरे वालिद, तेरे कदमों में
हमने अपनी रूह गिरवी रख दी

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – ना जाने आज चाँद भी कहाँ खो गया

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वो अंजुमन की आग में लिपटे हुए तारे
आँसू के चिरागों से सुलगते नज़ारे
आसमान की नज़र में अटके हुए सारे

ना जाने आज चाँद भी कहाँ खो गया
फलक का अँधेरा भी दरिया पे सो गया
रोता है हर शै कि आज क्या हो गया

शज़र के शाखों पे नशेमन की ख़ामोशी
फैली है पंछियों में ये कैसी उदासी
क्यूँ लग रही हर चीज़ आज जुदा सी

बजती है सन्नाटे में झिंगुरों की झनक
या टूट रही है तेरी चूड़ियों की खनक
आती है आहटों से जख्मों की झलक

ये रात कब बीतेगी मेरी जवानी की
कब ख़त्म होगी कड़ियाँ मेरी कहानी की
कब लाएगी तू खुशियाँ जिंदगानी की

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – साहिलों की तरह तुम मिले थे कहीं

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रेत पर हर कदम की निशानी लिखो
इन लहरों की प्यासी रवानी लिखो
इस समंदर के संग-संग चलते हुए
मेरे शायर तुम मेरी कहानी लिखो

आरजू बन गई है ये ठंडी हवा
खींचकर ले चली है ये जाने कहां
हो रहे हैं दिल में अब अरमां जवां
ऐसे एहसास को तुम जवानी लिखो

साहिलों की तरह तुम मिले थे कहीं
मेरे आंसू की लहरें बहे थे वहीं
तुम भी हो ऐ मेरे दिल रेतीली जमीं
ऐसे मंजर को तुम जिंदगानी लिखो

इस साहिल के रेतों पर चलते हुए
मेरे शायर तुम मेरी कहानी लिखो।

©RajeevSingh

 

शायरी – तेरी खामोशी किसी सदमे की निशानी है

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तेरी खामोशी किसी सदमे की निशानी है
तेरी आंखों में गहरे जख्म का पानी है

जो गुलाबी बदन में दर्द को भर दे
उस कांटे का एक नाम बस जवानी है

इन खुली जुल्फों में आवारगी सी लगती है
तेरी बिखड़ी लटें तेरी तरह दीवानी है

रोग ऐसा है तो मरहम जाने क्या होगा
दिले-नादां की ये पीड़ भी अंजानी है

©RajeevSingh