Tag Archives: जिस्म शायरी

शायरी- उल्फत में जान निकल जाए

prevnext

गिरके ना ये फिर संभल जाए
उल्फत में जान निकल जाए

रूह का दीपक तो जला
ये जिस्म चाहे पिघल जाए

मर्जी हो तेरी तो आ जाओ
मेरा आशियां ये बदल जाए

कश्ती समंदर में कैसे रूके
किनारे से जो फिसल जाए

©RajeevSingh

Advertisements

शायरी – आग लगी है रूह के धागे में

love shyari next

एक सिलसिला सा चल रहा है
दिल आंसुओं में गल रहा है

कभी झांककर देखा अपने अंदर
हर तरफ वहां कुछ जल रहा है

आग लगी है रूह के धागे में
जिस्म मोम सा पिघल रहा है

बहुत साफ है मन का आईना
आंसुओं से जब वो धुल रहा है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दर्द का सैलाब ही आया था मेरी आंखों में

love shayari hindi shayari

तुमको देखा तो दुनिया का रास्ता न मिला
दुनिया देखी तो तेरे घर का रास्ता न मिला

खो गया आस्मा का चांद भी अमावस में
ऐसे मंजर में कोई हसीन आईना न मिला

चिरागे इश्क से उठता रहा देर तक धुआं
उस चिता में मेरे जिस्म का निशां न मिला

दर्द का सैलाब ही आया था मेरी आंखों में
जिसके बाद निगाहों को हादसा न मिला

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दर्द है सीने में और जिस्म में तन्हाई है

love shayari hindi shayari


गम से याराना नहीं, गम से आशनाई है
दर्द है सीने में और जिस्म में तन्हाई है

एक सुरीली सी हवा तेरे दर पे ले आई
क्या खबर थी कि ये हिज्र की शहनाई है

अब उदासी ही दिखेगी मेरी सूरत में
अपनी ये तस्वीर मैंने तुमसे ही बनवाई है

आंख भर लेते हैं जब याद तेरी आती है
तेरे खातिर ही मैंने बांध ये खुलवाई है

हिज्र – जुदाई


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दीवानगी में न जाने कल कहां पे रहूँगा

love shayari hindi shayari

ये दिल किसी मुकाम पर ठहर न सका
मीलों तलक चला मगर मंजिल पा न सका

दीवानगी में न जाने कल कहां पे रहूंगा
आवारगी में अपना घर भी बना न सका

सर पे कफन है और जलता हुआ दिल है
चाहा बहुत पर जिस्म को खुद जला न सका

तड़पती हुई लहरों को शायद नहीं मालूम
साहिल की प्यास को वो कभी बुझा न सका

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – सूख जाती है जिस्म की ख्वाहिश

love shayari hindi shayari

सारी दुनिया को देखते हैं सब
मगर अपने में झांकते हैं कब

सूख जाती है जिस्म की ख्वाहिश
रूह के दर्द में भीगते हैं जब

लोग जब बोलकर थक जाते हैं
हम कहीं पर मुंह खोलते हैं तब

बाद बचपन के जवानी आई
आईने में कई झूठ टोहते हैं अब

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – कैसे तुम्हें दिखाएंगे तन्हाई का तमाशा

love shayari hindi shayari

सदमे को कलेजे से लगाकर बहुत रोया
जख्मों में कई कांटे चुभोकर बहुत रोया

जाने कहां ले जाएंगे दुनिया के रास्ते
ठहरे हुए कदम को बढ़ाकर बहुत रोया

इस दर्द के पत्थर को ले कहां-कहां फिरूं
राहों पे इस जिस्म को ढोकर बहुत रोया

कैसे तुम्हें दिखाएंगे तन्हाई का तमाशा
खुद को ही आईने में दिखाकर बहुत रोया

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – तेरा सुरूर जबसे निगाहों पे छा गया

love shayari hindi shayari


तेरा सुरूर जबसे निगाहों पे छा गया
जाना था अपने घर तो तेरे दर पे आ गया

बेहोश था जब आया तेरे मयकदे में मैं
तूने थमाया जाम तो मुझे होश आ गया

कितने करम किए हैं मुझपे मेरे खुदा
जिनके सितम से जीने का मजा आ गया

शम्मे को जलता देखकर मैं उसमें जल गया
ये जिस्म खाक था मगर मैं पाक हो गया


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – मैं भटकती हूँ जिस्म का आईना लेकर

prevnext

चल पड़ी राह में एक दर्द का नगमा लेकर
जल रही धूप में बारिश का सपना लेकर

तुम आए नहीं लेकर मेरी वो खुशियाँ
क्या करूँगी अब कोई तमन्ना लेकर

एक तन्हा सा बदन है टूटे जीवन में
जी रही हूँ लुटे दिल की दास्ताँ लेकर

तेरा चेहरा नहीं है आज मेरे शीशे में
मैं भटकती हूँ जिस्म का आईना लेकर

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – तुमसे तेरी ही शिकायत मैं भला कैसे करूं

love shyari next

जिंदगी तेरी इबादत मैं भला कैसे करूं
तुमसे तेरी ही शिकायत मैं भला कैसे करूं

दर्द को दिल में समेटा है मरने के लिए
अब कोई भी चाहत मैं भला कैसे करूं

टूट जाएगा ये आईना, छूट जाएगा जिस्म
इस हकीकत से बगावत मैं भला कैसे करूं

जो मुझे ना दिखे पर सीने पे खंजर मारे
ऐसे दुश्मन से अदावत मैं भला कैसे करूं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – तुम मेरे दिल में आ चुके, हम तेरे दिल से जा चुके

love shyari next

हम कितनी दूर आ चुके, तुम कितनी दूर जा चुके
तुम मेरे दिल में आ चुके, हम तेरे दिल से जा चुके

अब गैर कोई छू ले तुझे तो मुझे ऐतराज नहीं
तेरे इश्क में हम जिस्म की जरूरत को गंवा चुके

इस चांद को तुमसा कहूं तो बुरा लगेगा खुद मुझको
जबसे हमें तुम छोड़ गए, ये चिराग हम बुझा चुके

उसे कौन सा सफर कहूं जिसे हो नसीब न हमसफर
इस जिंदगी की राह को हम दर्द में डुबा चुके

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – जिस्म से उड़ चला है परिंदा न जाने कहां जाएगा

love shyari next

ये बेगानी शाम बस कुछ पल की मेहमान है
रू-ब-रू मेरे कोई अपना नहीं, एक सुनसान है

हम उधर को चले जिस डगर पे मेरी तन्हाई है
उस शहर में जहां किसी शै से न मेरी पहचान है

मेरे आठों पहर में कांटे हैं बस और कुछ भी नहीं
मेरे दामन पे हरसू लिखा हुआ दर्द का नाम है

जिस्म से उड़ चला है परिंदा न जाने कहां जाएगा
आसमानों में कितनी दिशाएं हैं, सबसे वो अंजान है

(हरसू- हर ओर)

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – अपना दिले-नादान लेकर हम जबसे शहर गए

love shayari hindi shayari

अपना दिले-नादान लेकर हम जबसे शहर गए
मीठी बातों की आड़ में सब धोखा कर गए

हर घर में एक दुकान है, रिश्ते बिकते हैं जहां
दिल की जगह में सब यहां रुपया पैसा भर गए

बाजार की भीड़ में हैं जगमगाते जिस्म बहुत
ये हसीं नजारे सबकी नजर को अंधा कर गए

अपना वतन मिला नहीं ऐसे शहर में कहीं
जिसकी तलाश में जीते जीते हम तन्हा मर गए

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari