Tag Archives: दर्द ए दिल शायरी

शायरी – अफसोस तो रहता है तुमको खो देने का

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दिल के दर्द से निकले हुए तराने नहीं बनते
मिल जाते अगर तुम तो अफसाने नहीं बनते

जो जमाने के रिवाजों ने तुम्हें छीना न होता
तो जंजीरों को तोड़ने वाले दीवाने नहीं बनते

मगर अफसोस तो रहता है तुमको खो देने का
वरना आशियाने के अंदर मयखाने नहीं बनते

जिंदगी जीने का ये रोग तुम ही तो लगाते हो
इसलिए चाहकर भी मरने के बहाने नहीं बनते

©rajeev singh shayari

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शायरी – शबनम तेरे सागर की एक बूँद ही तो है

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रू-ब-रू आग के जब आईने बन गए
आस्मा के दिल में तब एक चाँद बन गए

शबनम तेरे सागर की एक बूँद ही तो है
वही बूँद मेरी आँखों की जुबां बन गए

ख्वाबों के तमाशों से हम उबर नहीं पाए
इस मेले में खोकर यूँ गुमनाम बन गए

मजारों पे कितने ही शम्मे जलाए हमने
यादों के शहर भी अब श्मशान बन गए

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शायरी – अगर पत्थर के सीने में भी कोई दर्दे-दिल होता

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अगर पत्थर के सीने में भी कोई दर्दे-दिल होता
किसी शीशे को ये तोड़े, कभी मुमकिन नहीं होता

मसीहा ने जमाने को सिखाया राह पे चलना
मगर दुनिया में कोई सच्चा मुसाफिर नहीं होता

जिस्म में दर्द ही रूह का अहसास करता है
हर किसी के सीने में ये जख्म का खंजर नहीं होता

दाग ये धुल न जाए, आग ये बुझ ना जाए
इश्क में इनके सिवा और कुछ हासिल नहीं होता

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – हर गजल एक दास्तां है, मेरे इश्क का बयां है

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हर गजल एक दास्तां है, मेरे इश्क का बयां है
मेरा ये खामोश दिल दर्द का एक आशियां है

अपनी प्यासी सरहदों के पार तेरा शहर मिला
क्या खबर थी अपने घर में तू गैरों की सामां है

साहिलों पे चलनेवाले तूफानों से डर गए
इश्क का सागर सदियों से बेवफा से परेशां है

फूलों की बस्ती में आखिर कांटों का क्या काम था
ऐ खुदा तेरे गुलशन में आ जाती क्यूं खिजां है

खिजां- पतझड़

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari