Tag Archives: दास्तां शायरी

शायरी – मिटाओ इस तरह हमको कि कोई निशां न रहे

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मिटाओ इस तरह हमको कि कोई निशां न रहे
तेरी फिजा में मेरी मोहब्बत की दास्तां न रहे

मेरी तस्वीर जो किसी कोने में तुम रखती हो
उसपे तन्हाइयों में तेरा दिल मेहरबां न रहे

आंसुओं से जो रोज ये चेहरा अपना धोती हो
उसे देखने के लिए आशिक का आईना न रहे

मैं अंधेरे में अक्सर ये सोचता रहता हूं
कि मेरी तलाश में अब कोई भी शमा न रहे

©RajeevSingh

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शायरी – ये खामोश दर्द, ये खामोश आह

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ये बंजर सी जमीं, ये बंजर आस्मा
ये बंजर सा शमा, ये बंजर दास्तां

काली सी घटा, काली सी हवा
है काले वक्त पे कुदरत के निशां

ये खामोश दर्द, ये खामोश आह
है खामोश इश्क, बेबस है जुबां

एक कली खिली मगर टूट गई
उसे लग गई शहर की आंधियां


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – ये इश्क आंसुओं की कहानी ही तो है

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इन वादियों में बच गए हैं तेरे निशां
वही दिले-नादां है और बुत है बेजां

ये इश्क आंसुओं की कहानी ही तो है
बस दर्द ही करता है फसाने का बयां

मेरी यादों में जिंदा हो तुम ऐ सनम
हम लिखेंगे गजल में तेरी ही दास्तां

किस मोड़ पे खड़ी है ये जिंदगी मेरी
तन्हा सा लग रहा हूं और तू है कहां

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – अंधेरी रात में तुम कभी ठोकर न खाओ

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सफर कट जाएंगे, बिछड़ के मर जाएंगे
तेरे बारे में लेकिन गजल कह जाएंगे

अंधेरी रात में तुम कभी ठोकर न खाओ
जहां पे तुम रहोगे, वहीं जल जाएंगे

न जुड़ पाया है हमसे ये टूटा आशियां भी
तेरे बिन ये हुनर हम कहां से पाएंगे

चले आए हैं लिखने इश्क की दास्तां हम
किताबों में ही हम-तुम संग रह जाएंगे

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – मैं जी रहा हूं तुमको देखकर ऐ चांद

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आए हो तुम फलक पर, जलते हो रातभर
जब सो रही है दुनिया, जगते हो रातभर

उजली सी दास्तां को बिखरा दिया फिजा में
तुम रोज ये कहानी, सुनाते हो रातभर

मुसकाते हो हमेशा पर्दा उठा-उठा के
बादल के चिलमनों से , झांकते हो रातभर

मैं जी रहा हूं तुमको देखकर ऐ चांद
मुझको भी अपने रंग में रंगते हो रातभर

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – मैं न जानूं कि ये किसकी दास्तां है

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न रिश्ता है कोई, न नाता है कोई
मगर मेरे दिल को सताता है कोई

मैं न जानूं कि ये किसकी दास्तां है
जिसे मेरा कहकर लिखाता है कोई

सीने को गम की पायल पहनाकर
मेरी जिंदगी को नचाता है कोई

यही राह दिल तक उसे ले गई है
इसी सांस में आता-जाता है कोई

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – मेरी उदासियाँ भी सुनाएगी दास्ताँ

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महसूस करेगा वो मेरे दर्द की जुबाँ
मेरी उदासियाँ भी सुनाएगी दास्ताँ

पतझड़ की बारिशों में वो भीग गया है
अब धूप के लिए जलाएगा आशियाँ

लाएगा रंग इश्क ये उसमें इस तरह
अपनी चिता के वास्ते खोजेगा लकड़ियाँ

अपने ही लहू से लिखेगा मेरा नाम
अपने ही खंजर से तराशेगा ऊंगलियाँ

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – अपनी ये दर्द भरी दास्तां सुनाता भी नहीं

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कभी मेरे दर पे तू भूलकर आता भी नहीं
अपनी कोई दर्द भरी दास्तां सुनाता भी नहीं

तेरे साये को भी मालूम नहीं मेरा नाम-पता
जुबां तो है मगर तू मुझसे पूछता भी नहीं

तू बता दे मुझे सच क्या है और झूठ क्या
मैं क्या जानूंगी जब तू कहीं बोलता भी नहीं

मैं सोचूं भी तो तू मुझको कहां मिलता है
मुझे खोने के खयाल से तू डरता भी नहीं

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – जहां दुश्मन रहते हों खुद अपने ही मकान में

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दिल से निकली आह खो गई आसमान में
कोई सुनता नहीं दास्तां दुनिया जहान में

हर तरफ यहां सबको इश्क की तलाश है
मगर दिल ही नहीं उनके जिस्मो जान में

चलिए अब क्या करना ऐसे बस्ती में रहकर
जहां दुश्मन रहते हों अपने ही मकान में

मैं भटकूं तो मुझे दुनिया में न लाना जिंदगी
लौटके आना नहीं है इस जिंदा श्मशान में

©राजीव सिंह शायरी