Tag Archives: दिलबर शायरी

तुझे भी प्यार है हमसे, तुम भले न कहो

प्यार की शायरी इमेज

तुझे भी प्यार है हमसे, तुम भले न कहो
कोई इजहार है हमसे, तुम भले न कहो

पूछता हूं तो तुम इतनी खफा होती हो
कुछ तकरार है हमसे, तुम भले न कहो

हमसफर बनने की तमन्ना मैं रखता हूं
मेरा इकरार है तुमसे, तुम भले न कहो

मेरी उजड़ी हुई दुनिया बसा दो दिलबर
यही दरकार है तुमसे, तुम भले न कहो

Written by @Rajeev Singh

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शायरी – जाने किन रास्तों पर मेरे सपने भटक गए

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जाने किन रास्तों पर मेरे सपने भटक गए
सदियों की तलाश में लम्हें भटक गए

ऐ रकीब, मेरे दिलबर का ख्याल रखना
अपनी तन्हाई में हम अब खुद में भटक गए

मुसीबत में जब-जब मेरी जिंदगी पड़ी
जाने किधर मेरे यार और अपने भटक गए

एक मैं नहीं हूं, हर दिल है यहां बीमार
देखो तो कितने लोग तेरे गम में भटक गए

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – अपने खयालों में देखा जिनको

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दोनों चिरागों में दो समंदर
देखा है उनकी आंखों के अंदर

अपने खयालों में देखा जिनको
आज नजर में आए वो दिलबर

जुल्फें या आंखें, चेहरा या चितवन
हरसू हैं उनमें जलवों के खंजर

नाजुक बदन जब निकले फिजा में
खुशबू से भर जाए सारा मंजर


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी- याद रहा चेहरा दिलबर का

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उनकी गली को जबसे जाना
बिसर गया मैं रस्ता घर का

अपनी सूरत भूल गया मैं
याद रहा चेहरा दिलबर का

हाल मिला नहीं अब तक हमको
उनके दिल के अंदर का

आंखों के आंचल का आंसू
भिगो गया दामन चादर का

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – वो दिलबर तो बेखबर है तेरे दर्द से दोस्त

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दबी जुबां से हमने ये कहा ऐ तन्हा-तन्हा
कब तलक प्यार करेगा तू तन्हा-तन्हा

वो दिलबर तो बेखबर है तेरे दर्द से दोस्त
क्यूं तुम उसके लिए रोते हो तन्हा-तन्हा

तू उनकी गली में जाता है क्या सोचकर
फिर लौट आता है अपने घर तन्हा-तन्हा

ये तेरा दिल तो तेरा ही दुश्मन निकला
कर दिया तुझको आशिक और तन्हा-तन्हा

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – वो ही मुझमें समाई है उदासी की तरह

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रात खामोश है मेरे दिलबर की तरह
बड़ा सुनसान है मेरे रहगुजर की तरह

मेरे आंसू से शीशे को भी गम होता है
आईना देख रहा है मुझे पत्थर की तरह

मेरी सूरत पे ये जो मायूसी के साये हैं
वो मुझमें समाई है उदास मंजर की तरह

नींद ने आज न आने की कसम खाई है
आज फिर आंख रोएगी समंदर की तरह

©RajeevSingh

शायरी – कौन समझाएगा इश्क में रोनेवालों को

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वो आंखों में समंदर की तरह आता है
आईने में भी पत्थर की तरह आता है

कौन समझाएगा इश्क में रोनेवालों को
टूटा सपना भी दिलबर की तरह आता है

वक्त-बेवक्त बेसबब बेतकल्लुफ सा
मेरे सीने में वो खंजर की तरह रहता है

ना गमगीन हो मेरे दोस्त मेरी मैयत पे
कोई दुनिया में मुसाफिर की तरह आता है

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – आज़ाद परिंदे के पंखों का बयाँ सुन ले

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आज़ाद परिंदे के पंखों का बयाँ सुन ले
पिंजरे की हकीकत क्या, ये मेरी जुबाँ सुन ले

पिंजरे में मिलती थी हर एक खुशी लेकिन
उस चाँद को छूने की हिम्मत थी कहाँ पहले

जब चाहे जहाँ चल दे, जब चाहे जहाँ रूक जा
पिंजरे से जो बाहर हो, जब चाहे जहाँ उड़ ले

दुनिया तो सिखाएगी पंखो को कतरना ही
ना सीख तू ये दिलबर, एक राह तू खुद चुन ले

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – बेरहम याद भी मेरी रातों का सहारा ही बना

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बेरहम याद भी मेरी रातों का सहारा ही बना
ये तेरा दर्द भी मेरी आंखों का सितारा ही बना

इश्क की बात पे हम अड़ गए जान देने पर
फिर भी दिलबर किसी गैर का खिलौना ही बना

चल रहे थे वहां पे आंधियां फिजाओं में
ये तबाही भी बहारों का तमाशा ही बना

क्या कहूं मैं कि कहने का ये तजरबा है
मेरी हर बात पे दुनिया में फसाना ही बना

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – राज ए मुहब्बत इज़हार के काबिल नहीं होता

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वक्त आने दो हकीकत भी बयां कर दूंगा
क्या छुपाना है तुमसे ओ मेरे दिलबर


अभी मसरूफ हो तुम अपनी ही उलझन में
मेरे जज़्बात को कहीं तुम न समझ लो पत्थर


राज-ए-मुहब्बत इज़हार के काबिल नहीं होता
दर्द-ए-खामोशी पढ़ लो तुम मेरी सूरत देखकर


इश्क की राह में लाकर तुझे परेशां क्यूं करूं
तेरी खुशी के लिए हम रो रहे हैं कहीं छुपकर


कैसे इज़हार करें, बड़ा डर लगता है मुझको
कहीं ठुकरा न दो तुम नादां की हरकत जानकर

©RajeevSingh