Tag Archives: दीवार शायरी

शायरी – जिंदगी में तेरा इंतजार, बस तेरा इंतजार

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तेरी शादी शायरी

जिंदगी में तेरा इंतजार, बस तेरा इंतजार
शायद यही है इश्क, मोहब्बत और प्यार

आशियाने में फैला है उदासी का अंधेरा
तन्हाइयां रोती हैं यहां तेरे बिन जार जार

हो रही है बस्ती में हर तरफ तेरी ही बातें
मुझे थमा रहे सब तेरी शादी का इश्तहार

जिसे तोड़ना तेरे मेरे लिए है नामुमकिन
रिश्तेदारों ने खड़ी कर दी है ऐसी दीवार

©rajeevsingh            शायरी

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शायरी – कैसे मरे आखिर कोई तेरे प्यार के लिए

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कैसे मरे आखिर कोई तेरे प्यार के लिए
जब जीना पड़ता हो घर-बार के लिए

दिल को कह दो कि ये आंसू न बहाए
इसकी कीमत नहीं कुछ संसार के लिए

मुहब्बत के किस्सों के खरीदार हैं बहुत
ये तमाशा तो बिकता है बाजार के लिए

आईना टंगा रहे या गिरके टूट जाए
कोई फर्क नहीं पड़ता है दीवार के लिए

©RajeevSingh

शायरी – शायद दोनों जुदा हो जाएं

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एक शहर में कितने घर हैं
तेरे घर हैं, मेरे घर हैं

तेरे अपने और मेरे अपने
सारे पत्थर, हम दो सर हैं

चार दीवारें, छत की दुनिया
बंदिश रस्मों के बिस्तर हैं

शायद दोनों जुदा हो जाएं
तुझमें-मुझमें बस ये डर है


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – तू न आई तो अधूरी है जिंदगी की गजल

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चांद सी आंखों से गिरते हैं अश्क से तारे
है घनेरी जुल्फ तले नम रात के नजारे

दर्द आएगा दबे पांव सुबह की तरह
फिर तो सूरज में जलेंगे मेरे अरमां सारे

तुम्हें पाया तो नीरस हो गई ये दुनिया
और दुश्मन सी हो गई घर की दीवारें

तू न आई तो अधूरी है जिंदगी की गजल
जाने कब आएगी तू लेकर हुस्न की बहारें


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – इन दीवारों से बनी कैद में जी लेती हूं

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अपनी तन्हाई की तस्वीर बनाकर रखूं
आईने को अपने रूबरू बिठाकर रखूं

इन दीवारों से बनी कैद में जी लेती हूं
इस तरह खुद को मैं दुनिया से बचाकर रखूं

चांद सितारों से भरे उस आस्मा की तरह
अपने सीने में कई आग मैं जलाकर रखूं

रोक लेती हूं दरिया को जब भी चाहूं
अपनी आंखों में इसे झील मैं बनाकर रखूं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दीदार को प्यासी रही मेरी दो अंखियां

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दीवारों से घिरा है दिलबर का आशियां
दीदार को प्यासी रही मेरी दो अंखियां

किस अंजुमन में आके बुलबुल तू कैद है
इस बाग में सैयाद की है बेरहम दुनिया

रिश्तों के बंधन ने पहरे लगा दिए हैं
घुट-घुट के काटती हो यौवन की घड़ियां

ये कैसे हालात हैं तेरे गुलशन में ऐ खुदा
भंवरे को मिलती है यहां टूटी हुई कलियां

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – कोई तू राह बता कैसे मैं बेवफाई करूँ

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इस मुहब्बत में तुमको मैं खुशी दे न सकी
कोई तू राह बता कैसे मैं बेवफाई करूँ
दर्द के शोलों को हवा दी हमने तेरे दिल में
इन गुनाहों से तोबा अब मैं कैसे करूँ

खता-ए-इश्क से बस तेरी इबादत की है
ऐसा लगता है तेरी ही शहादत दी है
तू जो रोता है इतना मेरे ख़यालों में
तेरे आँसू को देखने की सज़ा मैं कैसे सहूँ

तेरे हर जख़्म का इल्ज़ाम मेरे सर पे है
तेरे हर दाग का अहसास जिगर पे है
तेरे दामन में चुभे दर्द-ए-नश्तर की कसम
मुझपे जो बीत रही है, उसे मैं कैसे कहूँ

ऐ मेरे इश्क, मेरे हुस्न पे मरनेवाले
ओ दीवाने मेरी याद में जलनेवाले
मेरी राहों में पत्थर की दीवारें हैं
इन दीवारों के अहसानों को मैं कैसे तोड़ूँ

©RajeevSingh

शायरी – जितने प्यासे हैं, उतना ही दूर सागर है

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आपकी आहटों से हम यूं चौंक जाते हैं
दूर रहके भी आप दिल में खनक जाते हैं

इन दीवारों में हमें आप नजर आते हैं
हम तो रोते हुए अब इनसे लिपट जाते हैं

जितने प्यासे हैं, उतना ही दूर सागर है
इतना तरसे हैं कि आंसूओं से भर जाते हैं

पास आकर तेरे आंचल को थाम लूं कैसे
मेरे दामन में तो बस कांटे नजर आते हैं


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – रंग लिया जबसे हाथ मोहब्बत के खून से

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रंग लिया जबसे हाथ मोहब्बत के खून से
तबसे रिश्तेदार जी रहे कितने सुकून से

सदियों से कैद है लैला घर की दीवारों में
घरवालों को दुश्मनी है मजनू के जुनून से

दीवानों को देखते ही पत्थर ही मारेंगे वो
और क्या उम्मीद रखें लोगों के हुजूम से

फिर भी हो रहे पैदा लैला मजनू बस्ती में
रोज छपता है अखबार उनके ही खून से

©rajeevsingh         शायरी

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feelings of lover in shayari who fights unto death

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hindi text

दुनिया वाले गली-गली में दीवार बनाते हैं
मुहब्बत का सर काट दे वो तलवार बनाते हैं

ये अदा है दुश्मनी की जो हर आशिक को
अपनी ही मौत का तलबगार बनाते हैं


english text

duniya wale gali gali me deewar banate hain
mohabbat ka sar kat de wo talwar banate hain

ye adaa hai dushmnai ki jo har aashiq ko
apni hi maut ka talabgaar banate hain


image

aashiq love death tasweer
दुनिया वाले प्रेमियों के बीच दीवार बनाते हैं

©RajeevSingh