Tag Archives: पंछी शायरी

शायरी – चल पड़ा हूँ किधर, जाने कौन शहर

prevnext

चल पड़ा हूँ किधर, जबसे छूटा है घर
और बिछड़ा है मेरा हसीं हमसफर
चल पड़ा हूँ किधर, जाने कौन शहर

अपने साये से रुखसत हुआ था कभी
जब दीये बुझ गए मुफ़लिसी में सभी
अब अंधेरे में रहता हूँ आठों पहर
चल पड़ा हूँ किधर, जाने कौन शहर

कोशिशें की बहुत, हौसले थे मगर
हो गया चाक मेरा ये नाज़ुक जिगर
फिर भी मिल न सका इश्क में रहगुज़र
चल पड़ा हूँ किधर, जाने कौन शहर

सागर से उठे थे धुएँ की तरह
फिर हवा में उड़े पंछियों की तरह
और घटा बनके एक दिन बरसी नज़र
चल पड़ा हूँ किधर, जाने कौन शहर

©RajeevSingh #love shayari

Advertisements

शायरी – मुझसे कुदरत की ख़ामोशियों की बात करो

love shayari hindi shayari

दर्द ये क्या है इस दर्द पे ही बात करो
और कुछ भी नहीं बस आंसुओं की बात करो

न ये दुनिया, न ही रिश्ते, न ही बंधन की
इन हवाओं में उड़ते पंछियों की बात करो

राज़ तन्हाई की और बोलियां निगाहों की
मुझसे कुदरत की ख़ामोशियों की बात करो

मुझे समझा न सकोगे कभी दोस्त मेरे
सोचने की नहीं, अहसासों की बात करो

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – कैसा जंगल है ये समाज देखिए तो जहां

love shayari hindi shayari

मुझे दुनिया का दस्तूर निभाना नहीं आता
जान देना ही आता है, जान लेना नहीं आता

कोई भरता नहीं अपने दिल का खाली पन्ना
आंसुओं से यहां सबको लिखना नहीं आता

कैसा जंगल है ये समाज देखिए तो जहां
घोंसलों में पंछियों को रहना नहीं आता

रोज आते हैं सभी लोग यहां दैरो-हरम
मांगना आता है सबको, बांटना नहीं आता

दैरो हरम –  मंदिर मस्जिद

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – आज़ाद परिंदे के पंखों का बयाँ सुन ले

prevnext

आज़ाद परिंदे के पंखों का बयाँ सुन ले
पिंजरे की हकीकत क्या, ये मेरी जुबाँ सुन ले

पिंजरे में मिलती थी हर एक खुशी लेकिन
उस चाँद को छूने की हिम्मत थी कहाँ पहले

जब चाहे जहाँ चल दे, जब चाहे जहाँ रूक जा
पिंजरे से जो बाहर हो, जब चाहे जहाँ उड़ ले

दुनिया तो सिखाएगी पंखो को कतरना ही
ना सीख तू ये दिलबर, एक राह तू खुद चुन ले

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari