Tag Archives: फकीर शायरी

शायरी – इश्क की लहरों के भंवर में हमको एक दिन डूब है जाना

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दुनिया के इन शहरों से तुम गम की बस्ती दूर बसाना
आशिक मस्तानों की फितरत मेरे दिल तू भूल न जाना

उतर पड़े हैं समंदर में जज़्बातों की कश्ती लेकर
इश्क की लहरों के भंवर में हमको एक दिन डूब है जाना

चांद की चाहत में भटकता बादल भी तो फकीर हुआ
आसमां की बेमंजिल राहों पे देखो चलता रहा दीवाना

दर्द भरी मासूम आंखों में जबसे देखी है एक बेचैनी
करके याद उसकी सूरत को टूटके बिखरा है आईना

©RajeevSingh # love shayari

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शायरी – तुम जबसे दामन हमसे बचाने लगे

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तुम दामन जब हमसे बचाने लगे
दुनियावालों के लब मुस्कुराने लगे

खाक में मिले तो रोया इस कदर
आंसुओं को गिरने में जमाने लगे

जेब में खुदा के सिवा कुछ न रहा
फकीरों से हम नजर आने लगे

उस जगह मैं अब टिक पाता नहीं
जो तेरी याद को सुलगाने लगे

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – तन्हा ही रहने ही आदत है हमको

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तन्हा ही रहने की आदत है हमको तो लोगों से मिलके क्या करें
अपनी खबर जब हमको नहीं है तो किसके बारे में क्या कहें

 जब थे चले हम अपने सफर पे कोशिश तो की थी मिलने की सबसे
लेकिन हमें तब तज़रबा हुआ था कि इन बेवफाओं से क्या मिलें

देखा है जबसे नंगी हकीकत कपड़े पहनने कम कर दिए हैं
जरुरत है आखिर में एक कफन की तो जिस्म सजाके क्या करें

फक़ीरों के जैसा ही जीना मुनासिब, दिल की सोहबत में मरना अच्छा
लगता है वाज़िब तन्हा ही जीना तो दुनिया में जाके क्या जीएं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दीवानों का ये पागलपन, ये फितरत आप क्या जाने

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मुहब्बत आप क्या जाने, शराफत आप क्या जानें
अरे दुनिया के सौदाई, ये उल्फत आप क्या जानें

दिलों में जल रहे शोले, निगाहों से गिरे झरने
कभी महसूस न हो तो ये कुदरत आप क्या जानें

जिन्हें महबूब की सूरत से बेहतर कुछ नहीं दिखता
दीवानों का ये पागलपन, ये फितरत आप क्या जानें

न दौलत है न जागीरें, न रहने का ठिकाना है
फकीरों की तरह जीने की कीमत आप क्या जानें

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – मैं भी एक बेजुबां बुत हूं, तू भी एक खामोश खत है

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मैं भी एक बेजुबां बुत हूं, तू भी एक खामोश खत है
इश्क ही मेरा नशा है, दर्द ही तेरे दिल की लत है

जितने दिन भी सांस रहेंगे, उतनी रातें जुगनू बनेंगे
पलकों पे ये चांद सितारे रखने का हमको तो हक है

देनेवाले जां भी देंगे, लेनेवाले जां भी लेंगे
दिल का सौदा है इकतरफा, आशिकों की ये किस्मत है

चल पड़े हैं दिल में जबसे, सबकुछ छूट गया है पीछे
मुझमें एक फकीर जगा है, ये दुनिया तो अब दोजख है

©RajeevSingh