Tag Archives: बरसात शायरी

शायरी – अब किसी दगाबाजी से दिल नहीं दुखता

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जाने किसके लिए जमाने के बाद तरसा है
आसमा आज रो रो कर बेपनाह बरसा है

मैं अभी झील हूं, बरसाती नदी न बन जाऊं
मेरे शहर के बाशिंदों को हो गया डर सा है

वह बार बार एक दरवाजे से लौट जाता है
भले बुलाती है वो कि आ ये तेरे घर सा है

अब किसी दगाबाजी से दिल नहीं दुखता
कई बार खाए धोखों का हुआ असर सा है

©rajeev singh shayari

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शायरी – होती नहीं आंखों से जब दर्द की बरसातें

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यूं होता हूं बेखबर, दुनिया की याद नहीं आती
खुद अपने वजूद से कोई आवाज नहीं आती

होती नहीं आंखों से जब दर्द की बरसातें
जागते हैं और रोने की ख्वाहिश नहीं जाती

रातों की तन्हाई में हम उस चांद के लिए
जलते रहे लेकिन वो कभी पास नहीं आती

बहुत दर्द से भरा था मेरे हमसफर का दिल
सुनती मगर उस तक मेरी फरियाद नहीं जाती

©RajeevSingh

शायरी – आज की रात बरसेगा रातभर

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आज की रात बरसेगा रातभर
अश्क नजरों से बहेगा रातभर

जुदाई के हाथ में खंजर होगा
मेरा सीना छलनी होगा रातभर

बेखुदी दिल में रहेगी मेजबानी में
दर्द मेहमान बन रहेगा रातभर

जिसने ठुकराया हमें जमाने में
आज वो याद आएगा रातभर

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – तू गुलाब सी महकी जिस्मो जां में

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तुम्हारी यादों में ये कैसा जादू है
दिल के शहर में हालात बेकाबू है

तू गुलाब सी महकी जिस्मो जां में
करवटों से भरी ये रात बेकाबू है

मेरी तन्हाई है गवाह इस मंजर का
कि इन आंखों में बरसात बेकाबू है

कट रही है उम्र मेरी दोजख में
जिंदगी में ये भड़की आग बेकाबू है

(दोजख- नर्क)

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – वहीं मिल जाएगी एक दरिया उसे रोती हुई

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अभी बरसात है, कभी रुकती कभी गिरती हुई
और एक शाम है भीगी हुई सी ढलती हुई

कौन जाने कि ये घटाएं कहां तक जाएंगी
जाने किस मोड़ पे बेवफा होगी हवा चलती हुई

जिस जगह कोई तलाशेगा वजूद अपना
वहीं मिल जाएगी एक दरिया उसे रोती हुई

ये फलक कितने मुसाफिरों का आशियाना है
फिर भी चिंगारियां हैं उसके दामन में जलती हुई

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – चिरागों को बुझाकर तुम भी रोती तो होगी

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ये दर्द अपने दिल में तुम रखती तो होगी
चिरागों को बुझाकर तुम भी रोती तो होगी

हम यूं रहे खामोश कि तुझे कह न सके
ये आस थी फक़त तुम आवाज तो दोगी

यूं ही नहीं देखा था तूने मुझे पलकें झुकाए
कहीं न कहीं दिल में कुछ हालात तो होगी

तेरे खयालों में जीते हैं हम ये सोचकर
कुछ न सही पर दर्द की बरसात तो होगी

©RajeevSingh #love shayari

 

शायरी – जो आँखें न उठा सके मेरे दर्द की तरफ

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जब रो रहे थे हम अपने हालात पर
सब मुस्कुरा रहे थे जाने किस बात पर

हम जिंदगी की आग में यूं झुलस गए
कि यकीं नहीं होता अब बरसात पर

क्यूं हम कहीं पे जाएंगे तेरी तलाश में
जब घर नहीं बसाना दिले-बर्बाद पर

जो आंखें न उठा सके मेरे दर्द की तरफ
वो कान क्या देंगे मेरी फरियाद पर

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दुनिया में न बना सके दिल का कोई आशियां

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दुनिया में न बना सके दिल का कोई आशियां
चिड़ियों सा ढूंढते रहे तिनके यहां-वहां

खाली पैर गरीब का घायल न हो जाए कहीं
यारों हटा दो राहों से शीशे पड़े हैं जहां

गम का असर कुछ यूं पड़ा मेरी निगाहों पे
जैसे कि गीली होती है बरसात में मिट्टियां

घटती गई हर साल में मिलने की दो घड़ी
हम-तुम बड़े हो चले, बच्चों से दिन अब कहां

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – जलते हुए खिजां में ये सावन कहां से आया

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इतनी तो गनीमत है कि जीता हूं, न मरता हूं
इतनी ही जरूरत है कि तुझे याद मैं करता हूं

नस-नस में मेरे बह रही है दर्द की दरिया
अब खून किसी का भी पीने से मैं डरता हूं

जलते हुए खिजां में ये सावन कहां से आया
प्यासी सी जमीं पे मैं बरसात में रहता हूं

अब ऐसी फकीरी है, क्या खोना है क्या पाना
जो रहगुजर सूनी हो, उस ओर ही चलता हूं

(खिजां- पतझड़)

©RajeevSingh #love shayari