Tag Archives: बेदर्द शायरी

शायरी – सौगात दी गम की चंद बरस के प्यार में उसने

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कभी किस्मत ने दिया धोखा, कभी हमने उसे मारी ठोकर
जिंदगी यूं ही गुजरी खुद से लड़ने और झगड़ने में

सौगात दी गम की चंद बरस के प्यार में उसने
मौत के आखिरी पल तक तड़पे हम इंतजार करने में

जज्बातों के सौदे में हम साबित हुए अनाड़ी सौदागर
खुशियां बेचते रहे और मसरूफ रहे दर्द खरीदने में

इक प्यासी रूह है मेरे अंदर जिसे चाहत है चांद की
उम्र बीत गई मेरी बेदर्द आस्मा की की राह तकने में

 

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – अपने चेहरे से ये जुल्फें मुझे हटाने दो

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मेरी आंखों में एक चांद चमक जाने दो
अपने चेहरे से ये जुल्फें मुझे हटाने दो

भीग जाते हैं ये गाल तेरे शबनम से
मेरी उंगली को ये आंसू जरा मिटाने दो

तेरी खामोशी एक गम की गजल होती है
सारे गम को मेरे होठों पे बस जाने दो

जिंदगी है बड़ी बेदर्द मगर मैं तो नहीं
मुझे हर दर्द में संग अपने रो लेने दो

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दिल के मसले पे न बनिए खुदगर्ज सनम

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दिल से गुजरे हैं इस तरह से हमदर्द सनम
दर्द ही दर्द ही दे गए हैं वो हमदर्द सनम

क्या खबर थी कि आप इतना दर्द देते हैं
हम तो समझे थे कि आप भी हैं बेदर्द सनम

बांटकर देखिए हमसे भी अपने गम को
दिल के मसले पे न बनिए खुदगर्ज सनम

आपकी हूं और हमेशा आपकी ही रहूं
यही ख्वाहिश है, आप समझें मेरा दर्द सनम

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – आज फिर बिखर जाएगा कजरा बहकर

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एक तक़लीफ़ उमड़ती है मेरे सीने में
अरे बेदर्द आता है क्यूँ आँसू बनकर
आज सँवरी हूं आईने में बस तेरे लिए
आज फिर बिखर जाएगा कजरा बहकर

अपने आँचल की घूँघट ओढ़कर
तेरी दुल्हन रोती है राह देखकर
तू न आया है, न तू आएगा
आज फिर बिखर जाएगा कजरा बहकर

कहां रहता है इस बेरहम ज़माने में
मन में आता है, सामने क्यूँ नहीं आता
ओ सलोने तेरी याद में रो-रोकर
आज बिखर जाएगा कजरा बहकर

सोलहवाँ साल बीता है जाने कबके
कई रूत आके गुजरी है दुख देकर
एक नई रात दुख की घिर आई है
आज फिर बिखर जाएगा कजरा बहकर

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – जब गुजरा मुझे छूकर तेरी चाहत का सावन

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जब गुजरा मुझे छूकर तेरी चाहत का सावन
प्यासी आंखों से टूटे ख्वाबों की बरसात हुई

देखता है वो मुझको तन्हाई में जागता हुआ
चांद कहता है कि सो जाओ बहुत रात हुई

उनके सवालों का आखिर हम क्या जवाब दें
लोग पूछते हैं कि उदास हो, क्या बात हुई

कोई मेरे दर्द को समझता नहीं है ऐ खुदा
तेरी दुनिया में ऐसे बेदर्दों से मुलाकात हुई

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©rajeevsingh       शायरी