Tag Archives: बेरहम शायरी

शायरी – तेरे लब की दिलकश परेशानी भी देखी

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पिंजरे में बुलबुल की जिंदगानी भी देखी
कांटों में एक गुल की जवानी भी देखी

हर पल दर्द का एक नया मोड़ लेती
मुहब्बत की कमसिन कहानी भी देखी

सौतन की दुश्मनी को भी मात देती
दुनिया की बेरहम कारस्तानी भी देखी

मेरे इश्क को ठुकराने से ठीक पहले
तेरे लब की दिलकश परेशानी भी देखी

कितनी चोटें तूने छोड़ी मेरे दिल पे
तेरे जख्मों की हर एक निशानी भी देखी

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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शायरी – मुझे बेकरार देखकर हंसती हो बेरहम

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इस दर्द को सीने में उठाया नहीं जाता
तेरे अंजुमन से उठके जाया नहीं जाता

मुझे बेकरार देखकर हंसती हो बेरहम
मरते को जहर तो पिलाया नहीं जाता

तेरी ही बेरूखी से बढ़ती है तिश्नगी
तुमको कभी मुझपे तरस खाया नहीं जाता

मैं बेकदर नहीं हूं तेरी तरह सनम
तुझपे नजर पड़ी है तो हटाया नहीं जाता


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दीदार को प्यासी रही मेरी दो अंखियां

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दीवारों से घिरा है दिलबर का आशियां
दीदार को प्यासी रही मेरी दो अंखियां

किस अंजुमन में आके बुलबुल तू कैद है
इस बाग में सैयाद की है बेरहम दुनिया

रिश्तों के बंधन ने पहरे लगा दिए हैं
घुट-घुट के काटती हो यौवन की घड़ियां

ये कैसे हालात हैं तेरे गुलशन में ऐ खुदा
भंवरे को मिलती है यहां टूटी हुई कलियां

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – आज फिर बिखर जाएगा कजरा बहकर

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एक तक़लीफ़ उमड़ती है मेरे सीने में
अरे बेदर्द आता है क्यूँ आँसू बनकर
आज सँवरी हूं आईने में बस तेरे लिए
आज फिर बिखर जाएगा कजरा बहकर

अपने आँचल की घूँघट ओढ़कर
तेरी दुल्हन रोती है राह देखकर
तू न आया है, न तू आएगा
आज फिर बिखर जाएगा कजरा बहकर

कहां रहता है इस बेरहम ज़माने में
मन में आता है, सामने क्यूँ नहीं आता
ओ सलोने तेरी याद में रो-रोकर
आज बिखर जाएगा कजरा बहकर

सोलहवाँ साल बीता है जाने कबके
कई रूत आके गुजरी है दुख देकर
एक नई रात दुख की घिर आई है
आज फिर बिखर जाएगा कजरा बहकर

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – बेरहम याद भी मेरी रातों का सहारा ही बना

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बेरहम याद भी मेरी रातों का सहारा ही बना
ये तेरा दर्द भी मेरी आंखों का सितारा ही बना

इश्क की बात पे हम अड़ गए जान देने पर
फिर भी दिलबर किसी गैर का खिलौना ही बना

चल रहे थे वहां पे आंधियां फिजाओं में
ये तबाही भी बहारों का तमाशा ही बना

क्या कहूं मैं कि कहने का ये तजरबा है
मेरी हर बात पे दुनिया में फसाना ही बना

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – दिल में दर्द बसाने की हसरत ही नहीं

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तेरी दुनिया बेरहम हो चुकी मालिक
यहां आंसू बहाने की फुरसत ही नहीं

हर कोई परेशां है खुशियों के लिए
दिल में दर्द बसाने की हसरत ही नहीं

ऐसी दुनिया में कोई क्यों करे मुहब्बत
जिसने पहचाना तेरी कुदरत ही नहीं

जो सामने किसी के सच बोल देता हो
उनसे रखता यहां कोई सोहबत ही नहीं

©RajeevSingh

शायरी – दर्द भी चीखकर कह न सका

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उसके लिए अब मैं एक गम हूं
इश्क में बेवफा हुआ सनम हूं

दर्द को कभी चीखने न दिया
खामोशी से जी रहा बेरहम हूं

जबसे वो मिली नहीं है हमसे
अपने ही अंदर कहीं दफन हूं

वो फिर से लौट आएगी कभी
पाल रहा मैं यह कैसा वहम हूं

©rajeevsingh             शायरी

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