Tag Archives: मजार शायरी

शायरी – शबनम तेरे सागर की एक बूँद ही तो है

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रू-ब-रू आग के जब आईने बन गए
आस्मा के दिल में तब एक चाँद बन गए

शबनम तेरे सागर की एक बूँद ही तो है
वही बूँद मेरी आँखों की जुबां बन गए

ख्वाबों के तमाशों से हम उबर नहीं पाए
इस मेले में खोकर यूँ गुमनाम बन गए

मजारों पे कितने ही शम्मे जलाए हमने
यादों के शहर भी अब श्मशान बन गए

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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शायरी – वो दूर तलक मेरी निगाहों में बसा है

love shayari hindi shayari

मैं शम्मा बन जलूंगी, वो मजार है कहां
उसके गले लगूंगी, वो बेजार है कहां

मेरे ही तसव्वुर में वो आता है बार-बार
उसकी तलाश में मेरी आंखें हैं परेशां

वो दूर तलक मेरी निगाहों में बसा है
तस्वीर है ये जिसकी, वो दिलदार है कहां

कोई खबर नहीं है, उसका कोई पता नहीं
कैसे मिलेगा मुझको मुसाफिर का आशियां

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – हम रो रहे हैं दो किनारों की तरह

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दर्द उठ रहा है सागर में लहरों की तरह
दिल रो रहा है टूटे हुए किनारों की तरह

तुमपे भरोसा था, तू बेवफा हो गया
क्या खबर थी तुम भी हो हजारों की तरह

इस रोशन जहां में खुशी देखनी चाही
तेरा दर्द छा जाता है अंधेरों की तरह

जबसे तुम जुदा हुए हो ऐ मेरे दोस्त
मेरी जिंदगी बन गई है मजारों की तरह

©RajeevSingh