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शायरी – मेरी तन्हाई को गम से आबाद कर गया

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मेरी तन्हाई को गम से आबाद कर गया
तेरा इश्क जो मुझको बरबाद कर गया

घेरती हैं मुझको जो तेरी हसीं जुल्फें
अंधेरों में दिल तेरा अहसास कर गया

ऐ अजनबी किस ओर ले चली हो मुझे
ये आवारगी तो मुझको खराब कर गया

तेरे चेहरे को ख्वाबों में निहारता हूं मैं
मुझे चैन से महरूम ये शबाब कर गया

©RajeevSingh

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शायरी – अपने भी, पराए भी, कुछ दूर के साथी हैं

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दुनिया ने दीवानों को सदियों से है ठुकराया
आजाद परिंदों को कोई न समझ पाया

चलते हुए राहों पे देखूं मैं, सुनूं भी तो क्या
जब शहर के लोगों में ये दिल ही ना मिल पाया

हम तुमसे जुड़े थे तो रोने में अदा भी थी
अब टूट गए हैं तो आंसू ना निकल पाया

अपने भी, पराए भी, कुछ दूर के साथी हैं
हमने तो यहां सबको महरूमे-वफा पाया

महरूमे-वफा- जिसमें वफा न हो

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari