Tag Archives: मुकद्दर शायरी

शायरी – दर्द मिलता है इश्क के रहगुजर की कैद में

prevnext

जिंदगी की हर मंजिल मुकद्दर की कैद में
आज भी है मेरा साहिल समंदर की कैद में

कदम कदम पर चुभकर नश्तर ने ये कहा
दर्द मिलता है इश्क के रहगुजर की कैद में

जिस हसीं को देखकर गुम हो गया था मैं
खोया है तबसे दिल उसी मंजर की कैद में

रोते हुए बादल को है सदियों से ये खबर
जलती हुई चांदनी है एक पत्थर की कैद में

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

 

Advertisements

इश्किया शायरी- तेरी तस्वीर बनी थी उसमें, जब जमीं पे आईना था गिरा

prevnext
कौन होता है दुश्मन से बुरा
मैंने सोचा तो था चेहरा तेरा
तेरी तस्वीर बनी थी उसमें
जब जमीं पे आईना था गिरा
सारी तकलीफ जमा की जाए
दिल बड़ा खाली लगता है मेरा
काट न ऐसे मुकद्दर मुझको
आशिक पर तू रहम कर जरा

©RajeevSingh

शायरी – तुमने दर्द ही दिया, हमने दर्द ही लिया

love shayari hindi shayari

हमको दर्द से इस कदर इश्क हुआ
तुमने दर्द ही दिया, हमने दर्द ही लिया

बेवफा नाम तुझपर मुझे जंचता नहीं
तेरा नाम भी दिल ने दर्द रख दिया

इक नजर देखकर तूने मुझमें सनम
रोते रहें उम्रभर, इतना दर्द भर दिया

ये मुकद्दर दर्द का तमाशा ही तो है
कुछ मांगा नहीं मगर दर्द दे दिया

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – जो फूल उसकी जुल्फों तक नहीं पहुंच सका

love shayari hindi shayari

मुहब्बत के मुकद्दर में वो हसीं शाम कभी होती
सोचता हूं ये जिंदगी तो उसके नाम कभी होती

जो फूल उसकी जुल्फों तक नहीं पहुंच सका
उसे तोड़ने को वो दिल से परेशान कभी होती

मुझे पत्थर समझकर जो हमेशा तराशती रही
उस खुदा से हमारी दुआ सलाम कभी होती

जिसको देखा किए हर शब उल्फत के आइने में
वह अक्स हमारे आशियां की मेहमान कभी होती

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – ये दर्द तेरा मेरी जान न ले जाए

love shayari hindi shayari

ये दर्द तेरा मेरी जान न ले जाए
मेरे दिल के सारे अरमान न ले जाए

ऐ मुकद्दर कुछ तो करो हमारे लिए
उनको कोई धनवान न ले जाए

मैं रोता हूं दिल से उनके खातिर
कोई उन तक ये पैगाम न ले जाए

मेरी चाहत मुझे चुभती है खंजर सी
ये जख्म कहीं मेरी जान न ले जाए

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – दिल के शीशे पे दुनिया में पत्थर बरसे

love shayari hindi shayari

दिल के शीशे पे दुनिया में पत्थर बरसे
टूटकर आईने के आंसू भी अक्सर बरसे

जितने तन्हा थे कल उतने आज भी हैं
रोज अपने ही मुकद्दर को कोसकर बरसे

जा रहे थे मगर रस्ते में कोई न मिला
जो मुझे अपने सीने से लगाकर बरसे

कौन दुनिया में आखिर प्यार करेगा तुझे
फूल पे भी जहां गुलशन में नश्तर बरसे

नश्तर – कांटे

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – तुम मेरे दर्द को मिटा दोगी एक दिन

prevnext

अपने दिल के सनमखाने के हर जर्रे पे
आँसुओं से तेरे नाम लिखे हैं हमने
ये ख़ामोशी और दर्द के अफ़साने
कोरे कागज़ पे सजाए हैं हमने

ये जो पत्थर के बेदिल मकान हैं
इस दुनिया की गलियों के श्मशान हैं
तन्हाई के जिंदादिली के साये में
तुमको ख़यालों में बसाए हैं हमने

राहों के मुकद्दर में कई मुसाफिर हैं
पर मेरी पगडंडियों पे तू अकेली है
इस भीड़ भरी अंधेर नगरी में
तेरे नूर के माहताब जलाए हैं हमने

मेरी दीवानगी छलक न जाए आंखों से
हम हर फुगां को दिल में दबा लेते हैं
तुम मेरे दर्द को मिटा दोगी एक दिन
इसी उम्मीद में जख्म संभाले हैं हमने

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – हम रुसवा हुए तेरे नाम से, मुहब्बत में ये सिला तो दिया

prevnext

हम रुसवा हुए तेरे नाम से, मुहब्बत में ये सिला तो दिया
जुबां पे वफाई बहुत थी तेरी, जुबां से सही, कुछ तो दिया

बहारों के सीने में थी जो जलन, चरागों से रोशन था जो चमन
उजालों से तूने मुंह फेरकर, अंधेरा ही सही, कुछ तो दिया

तेरी उल्फत में हम रोये बहुत, हंसे भी तो आंसू आ ही गए
तूने मेरा दामन छोड़कर, दर्द ही सही, कुछ तो दिया

मेरे मुकद्दर में लिखी न थी तुम, तुमको खतावार किस मुंह से कहूं
मेरे दिल को तूने यूं तोड़कर, तन्हाई ही सही, कुछ तो दिया

जमाने के दिल में जज़्बात नहीं, हम भी सनम कुछ वैसे ही थे
तुमने मुझे जज़्बाती बनाकर, आंसू ही सही, कुछ तो दिया

©RajeevSingh