Tag Archives: मुमकिन शायरी

दिल का रिश्ते में नफरत भी हो जाती है

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घर से मजबूर हो जाए, ये मुमकिन है
वो कभी दूर चला जाए, ये मुमकिन है

दिल का रिश्ते में नफरत भी हो जाती है
यार भी दुश्मन बन जाए, ये मुमकिन है

इस दुनिया में जो अपनों से ठुकराए गए
कोई पराया उसे अपनाए, ये मुमकिन है

अब तेरे सामने मैं कोई सच नहीं कहता
बात तुमको बुरी लग जाए, ये मुमकिन है

©rajeevsingh       शायरी

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शायरी – तेरा दर्द आंसू में गिर पड़ा, पर मैं कभी रो न सका

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ले चला तूफान ए इश्क, जाने कहां, किस देस में
भटका तेरी तलाश में आवारा दिल किस देस में

तेरा दर्द आंसू में गिर पड़ा पर मैं कभी रो न सका
तू नदी में जाके बुझ गई, मैं जलता ही रहा रेत में

जो मिला करे जुदा न हो, जो जुदा हो याद न आए
मुमकिन नहीं ये जहान में, समझा था बड़ी देर में

मैं फूल से जुड़ने को उसकी डाल का कांटा बना
वो फूल मुझे चुभती रही, रोया बहुत इस फेर में

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – ऐ सनम तेरे जैसा मेरा कोई दुश्मन न हुआ

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खैर अच्छा ही हुआ कि ये मुमकिन न हुआ
मेरे इस रूह का कोई भी पैरहन न हुआ

पल गुजारे थे जो तन्हाई में रोते-रोते
इस तरीके से भी मेरा गम कुछ कम न हुआ

उड़ रहा था मेरा दिल भी परिंदों की तरह
तीर जब लग गई तो कोई भी मरहम न हुआ

देख लेना था मुझे भी हर सितम की अदा
ऐ सनम तेरे जैसा मेरा कोई दुश्मन न हुआ

पैरहन- कपड़े

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari