Tag Archives: मुसाफिर शायरी

शायरी – जिस शहर में सच्चा हमसफर न मिलेगा

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जिस शहर में सच्चा हमसफर न मिलेगा
मुसाफिर वहां सफर में कहां तक चलेगा

हर जगह जहां बेवफाओं की महफिलें हैं
एक तन्हा उस मंजर में कहां तक टिकेगा

मकानों के कारवां में फंसके फड़फड़ाया
गलियों की कैद में परिंदा कहां तक रहेगा

चांद सूरज भी जहां अपना वजूद खो चुका
उस शहर में दीया फिर कहां तक जलेगा

©राजीव सिंह शायरी

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शायरी – जिस गम ने जीना सिखाया, बस उसका तकाजा है

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जिस गम ने जीना सिखाया, बस उसका तकाजा है
कि दिल अब तक ढो रहा मुहब्बत का जनाजा है

उम्मीदों के फूल गुलशन में कबके मुरझा चुके
जो बचा है खिजां में वो कांटों का तमाशा है

सावन से कह दो कि मेरे आंगन में ना बरसे
यहां पहले से आंखों को बरसने में मजा सा है

मुंतजिर है तेरी राह देखता कबसे एक मुसाफिर
उसको तेरे हुस्न में सुकूं पाने का दिलासा है

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – तू नहीं आई एक बार जो गई

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जागते-जागते सहर हो गई
इस सफर में ही बसर हो गई

रातभर रोज ही तमाशा किए
देखनेवाले की नजर सो गई

खोजता कौन है मुसाफिर को
तू नहीं आई एक बार जो गई

तेरे सिवा आखिर कौन है मेरा
ये सोचते हुए जिंदगी खो गई

सहर – सुबह

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – जीवन तन्हा रास्ता है

#100 लव शायरी

जीवन तन्हा रास्ता है, दो कदम का वास्ता है

एक अंधेरे का मुसाफिर, सबको दीपक बांटता है

उम्र के चरखे पे हरदम, दर्द के धागे कातता है

रात के सन्नाटे में वो, रोता-मरता जागता है

  1. कांटें मिले हैं जिसको उसे मैं दिलजला लिखूं
  2. मौसम तन्हा-तन्हा है तेरी खुशबू के बिना
  3. मैं किसी की ख्वाहिशों का गुलाम नहीं
  4. मुश्किल हुआ है शहर में रहना मेरा, चलना मेरा

शायरी – मेरे हमराह तेरी राह के हम मुसाफिर हैं

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खंजर मेरे दिल को खून से तर कर दे
ऐ पत्थर मेरी आंखों में तू पानी भर दे

तू सूरज है, चंदा है, शम्मा भी है
मेरे अंधियारे जीवन में रोशनी भर दे

मेरे हमराह तेरी राह के हम मुसाफिर हैं
तू मेरे संग चले, ऐसा मंजर कर दे

रात बीते हैं जैसे गुजरते हैं सितम
तू कभी आके अमावस को पूनम कर दे

©RajeevSingh # love shayari

 

शायरी – वहीं मिल जाएगी एक दरिया उसे रोती हुई

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अभी बरसात है, कभी रुकती कभी गिरती हुई
और एक शाम है भीगी हुई सी ढलती हुई

कौन जाने कि ये घटाएं कहां तक जाएंगी
जाने किस मोड़ पे बेवफा होगी हवा चलती हुई

जिस जगह कोई तलाशेगा वजूद अपना
वहीं मिल जाएगी एक दरिया उसे रोती हुई

ये फलक कितने मुसाफिरों का आशियाना है
फिर भी चिंगारियां हैं उसके दामन में जलती हुई

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – बेखुद मेरी तन्हाइयां किस राह पर हाय चल पड़ी

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आवाज न कोई दूर तक, आहट न कोई दूर तक
इंसां न कोई हमसफर, चाहत न कोई दूर तक

बेखुद मेरी तन्हाइयां किस राह पर हाय चल पड़ी
मकां न कोई दूर तक, मंजिल न कोई दूर तक

मुसाफिरों की भीड़ में कुछ लोग जो मितवा हुए
वो रह गए रुककर कहीं, मैं चल पड़ा कहीं दूर तक

दरिया ही एक महबूब है, वो चांद ही एक यार है
मेरी आंख भी बहती रही, जलता गया दिल दूर तक

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – कौन समझाएगा इश्क में रोनेवालों को

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वो आंखों में समंदर की तरह आता है
आईने में भी पत्थर की तरह आता है

कौन समझाएगा इश्क में रोनेवालों को
टूटा सपना भी दिलबर की तरह आता है

वक्त-बेवक्त बेसबब बेतकल्लुफ सा
मेरे सीने में वो खंजर की तरह रहता है

ना गमगीन हो मेरे दोस्त मेरी मैयत पे
कोई दुनिया में मुसाफिर की तरह आता है

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – तेरे दिल में भी आंसुओं के परिंदे होंगे

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दर्दे दिल के इन रातों का सबेरा न हो
तेरी बेवफाई के उजालों में अंधेरा न हो

एक बार इश्क किया जिंदगी में हमने
कोशिश किया ये गलती दोबारा न हो

तेरे दिल में भी आंसुओं के परिंदे होंगे
किसी सैयाद का वहां पे बसेरा न हो

एक मुसाफिर बार-बार दुआ करता है
किसी शहर में कोई उसका सहारा न हो

सैयाद- परिंदों का शिकारी

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – कोई इल्जाम न लेगी वो अपने सर पे

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कोई इल्जाम न लेगी वो अपने सर पे
सांस टूटी है मुसाफिर की जिसके दर पे

जो मरासिम पे मरने की वफा रखते थे
जल गए वो ही शम्मा में आहें भर के

महफिलों में जो दिखाती है अपने जलवे
एक तन्हा को ढूंढती है हुस्न के दम पे

उंगलियां आज भी बोझिल हैं गुनाहों से
तूने थामा था किसी दिन इसे आगे बढ़ के

मरासिम – संबंध


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – नादान सी अदाओं की नुमाइश ना करो

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मुझको एक नजर देख पलकें गिरा लिया
शमा जलाकर तूने एक पल में बुझा दिया

नादान सी अदाओं की नुमाइश ना करो
तेरे इन तमाशों ने दर्द को जगा दिया

सूनी पड़ी राहों में तुम क्या खोज रहे थे
जो हमको आते देखकर खुद को छुपा लिया

हम आज हैं तेरे दर पे, कल ना रहें शायद
क्यूं ऐसे मुसाफिर से ये दिल लगा लिया


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दिल लेके तेरे दर की चौखट पे आ गए

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दिल लेके तेरे दर की चौखट पे आ गए
हमदर्द की आवाज की आहट पे आ गए

गुजरे थे हम इधर से मुसाफिर की तरह
तेरी गली में आज भी आदत से आ गए

इस शहर में रहता हूं मैं इतने बरस से
अब सोचते हैँ हम यहां किस्मत से आ गए

तुम हसीन शायरी की तस्वीर  जैसी हो
तुझसे यही कहने की चाहत से आ गए


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – फिर क्यूं शिकायत करें बेवफा से

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दुख भी सहा था दिल की रजा से
फिर क्यूं शिकायत करें बेवफा से

करजदार हूं मैं दुनिया में सबका
दगा भी मिले हैं सबकी दुआ से

खंजर को पहलू में रखा था लेकिन
चलाया था खुद पे अपनी अदा से

तेरा आशियाना तुम्हीं को मुबारक
मुसाफिर को क्या काम ऐसी बला से

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari