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इस दुनिया में बेमतलब कोई रिश्ता नहीं बनाता – शालू की रियल लव स्टोरी

मैं अवनी हूं। मथुरा से हूं। मैं अपनी दोस्त शालू की जिंदगी की कहानी सुना रही हूं जो इस जज्बात पेज से एड है। मेरी दोस्त शालू घर में सबसे छोटी थी। उससे बड़े भाई-बहन और मां-बाप उससे बहुत प्यार करते थे लेकिन शालू जब बड़ी हुई तो अपने दिल की बात उनसे शेयर नहीं कर पाती थी। घर में वो सबसे छोटी थी इसलिए।

love story of shalu
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जब वो आठवीं में थी तो वो स्कूल के लिए निकलती तो पड़ोस का एक लड़का अंगद रोज उसके पीछे लग जाता और साथ-साथ स्कूल के गेट तक जाता। शालू ने कुछ दिनों बाद इसे नोटिस किया और उसे हमेशा आस-पास महसूस करने लगी। वो भी उसे पसंद करने लगी थी। एक दिन अंगद ने भी दिल की बात कह दी। उन दिनों फोन नहीं था इसलिए दोनों में ज्यादा बात नहीं हो पाती थी। शालू को दिल की बात शेयर करनेवाला कोई मिल गया था।
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शालू उस लड़के को पाकर खुद को लकी मानती थी। राह चलते दोनों की बातें होती थीं। शालू जब 12वीं में पहुंची तो अंगद ने अपने एक खास दोस्त रोशन को उससे मिलवाया। इस घटना के बाद अचानक वह लड़का शालू से दूरी बनाने लगा। शालू टेंशन में रहने लगी। उसने एक दिन उस लड़के को रोककर दूर जाने की वजह पूछी तो उसने कहा कि वह उससे प्यार नहीं करता।
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यह सुनकर शालू को बहुत दुख हुआ। लेकिन ऐसे समय में रोशन सामने आया और शालू को सहारा देने लगा। शालू मरना चाहती थी लेकिन रोशन ने उसे समझाया, बचाया। दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई और शालू अंगद को भूलने लगी। लेकिन शालू की किस्मत ने फिर उसे धोखा दिया। जब शालू बीए में कॉलेज गई तो वहां अंगद भी पढ़ने आ गया। अंगद ने उससे माफी मांगी। शालू का वह पहला प्यार था इसलिए उसने उसे माफ कर दिया।

इधर रोशन की शादी हो गई तो शालू उससे दूर हो गई। कुछ दिनों बाद अंगद की धोखेबाजी फिर सामने आ गई। वो किसी और लड़की से अफेयर में था। शालू की  जिंदगी में तूफान आ गया और वह दूसरी बार धोखेबाजी बर्दाश्त नहीं कर पाई और कॉलेज में ही गश खाकर गिर गई। अंगद उसे छोड़ चला गया लेकिन उसी के क्लास का एक लड़का मिहिर उसे बाइक पर बैठाकर डॉक्टर के पास ले गया, दिखाया और घर छोड़ आया। शालू बीमार रहने लगी और कॉलेज जाना उसने बंद कर दिया। परीक्षा आनेवाली तो कॉलेज जाना मजबूरी में गई। वह बस से अकेली जाती थी। एक दिन परीक्षा थी और बस वाले हड़ताल पर थे।

शालू ने बस स्टॉप से भाई को फोन मिलाया तो उसने कहा कि बाइक खराब है। तभी उसी रास्ते से मिहिर कॉलेज जा रहा था। उसने शालू को लिफ्ट दी। शालू मिहिर के साथ परीक्षा देने गई और शाम को भी उसी की बाइक पर लौटी। यह बात उसने मां को बता दी। परीक्षा के अंतिम दिन शालू मंदिर जानेवाली थी। उसने मिहिर को ये बात बताई। मिहिर भी मंदिर पहुंच गया। वहां से मिहिर उसे बाइक पर अपने कमरे पर ले गया, बोला थोड़ा रेस्ट कर लेंगे।
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शालू बहुत दुखी रहती थी। उसका दुख कोई समझता नहीं था। उसने कमरे पर मिहिर से अपना दर्द कहना शुरू किया। शालू बताते-बताते रो पड़ी। मिहिर ने उसे चुप कराया और गले से लगा लिया। कुछ देर दोनों को होश नहीं रहा और दोनों के बीच फिजिकल रिलेशन बन गया। इसके बाद दोनों का रिश्ता जारी रहा। एग्जाम का रिजल्ट आया और दोनों ने सेकेंड ईयर में एडमिशन लिया तभी दोनों के रिश्ते के बारे में शालू के भाई को पता चल गया।
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शालू के भाई ने प्यार से उससे सब पूछ लिया और उसने भी सब बता दिया। शालू के भाई ने पहले तो वादा किया वह मिहिर से उसकी शादी कराएगा लेकिन घर आते ही वह पलट गया। उसने घर में शालू के रिश्ते को लेकर बवाल किया। उसने शालू का कॉलेज छुड़वा दिया और जबर्दस्ती उसकी शादी करा दी। शालू को हां करनी पड़ी क्योंकि भाई रोज घर में कलह करता था। सुहागरात में पति ने उसके साथ जबर्दस्ती की। पति ने शालू को समझने की कोशिश तक नहीं की और वह टूट गई।
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शालू भी क्या करती, बर्दाश्त कर गई। आखिर लड़की थी। उसका पति रोज उसे मारता-पीटता था और उसके साथ संबंध बनाता था। शालू ने यह सब झेलकर किसी तरह बीए किया और इसी बीच उसे एक बेटा हुआ। पति के टॉर्चर की वजह से परेशान रहती थी। पति उसके बेटे का भी ख्याल नहीं रखता था। वह मां-बाप के पास भी कम ही जाती थी। उसके परिवार का एक रिश्तेदार वाट्सऐप पर था जो शालू से कभी-कभी चैट करता था। वह शालू के यहां आता भी था।
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वह रिश्तेदार शालू से काफी बड़ा था लेकिन शालू की काफी केयर करता था। शालू भी उससे अपना दर्द शेयर करने लगी और उसको अपने पति के बारे में और अपनी खराब मैरिज लाइफ के बारे में सारी बातें बता दीं। रिश्तेदार शालू का दोस्त बन गया। उसने उसके बेटे का एडमिशन अच्छे स्कूल में कराया। वो रिश्तेदार शालू के घर आता-जाता था। शालू को भी सहारा चाहिए था इसलिए बेटे की ममता के लिए उसने फिर से अपनी कुर्बानी दी। रिश्तेदार से उसके संबंध बन गए। आज तक सब शालू का फायदा उठानेवाले उसे मिले थे और वह भी बहुत जल्दी किसी पर विश्वास कर लेती थी।
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वो रिश्तेदार भी कमीना निकला। उसने अचानक शालू से रिश्ता तोड़ लिया और उसे फेसबुक, वाट्सऐप हर जगह ब्लॉक कर दिया। वो भी शालू का फायदा उठाकर भाग गया। अब शालू के बेटे की स्कूल की फीस कौन देता? शालू ने जैसे-तैसे कुछ काम करना शुरू किया और बेटे की फीस किसी तरह एरेंज कर रही है। पर शालू को अब अपने आपसे नफरत हो चुकी है। आज वो खुद से चिढ़ती है। उसका पूरा दिन फेसबुक पर बीतता है। शाम को पति की मार-पीट और जिल्लत के संबंध झेलती है।
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शालू कहती है कि इस दुनिया में कोई बेमतलब का साथ नहीं देता। उसे सब फायदा उठानेवाले मिले। इस दुनिया में ऐसा कोई नहीं है जो शालू को समझे, उसे इस घुटन से बाहर निकाले, उसे लाइफ से प्यार करना सिखाए। वो बहुत अकेली और टूटी हुई है। काश कोई उसे मिलता जो उसके जख्मों को अपने प्यार से भर देता। शालू का दोस्ती, रिश्ते और प्यार पर से भरोसा उठ चुका है। चाहती हूं कि शालू को किसी तरह यकीन हो कि प्यार या दोस्ती जिल्लत नहीं खूबसूरत तोहफा है।
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डियर एडमिन, मैने आपका पेज देखा तो सोचा कि शायद यहां कमेंट्स से शालू को कुछ मदद मिले। शायद उसे कोई नया रास्ता मिले, हौसला मिले जो उसे जीना सिखा सके। उसे उसकी तकलीफ से बाहर निकाल सके। मैं शालू को इस तरह जीते नहीं देख सकती, बर्दाश्त नहीं कर सकती। मैं चाहती हूं कि आगे फ्यूचर में कोई और उसका फायदा न उठा पाए। वो इस पेज को लाइक करती है। आप जो भी कमेंट करेंगे वो पढ़ेगी। प्लीज हेल्प।

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