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मेरी सहेली से उसने फ्लर्ट किया तो क्या मैंने ब्रेकअप करके ठीक किया? दिव्या की लव स्टोरी

मैं दिव्या हूं। अपनी लाइफ को लेकर बहुत ज्यादा कंफ्यूज्ड हो गई हूं। मेरे घर में पापा और बाकी सभी लोग काफी स्ट्रिक्ट हैं। बचपन से मां पापा दूसरों से मेरी तुलना करते रहे और मैंने इस वजह से काफी परेशानी झेली। दो साल पहले की बात है। कॉलेज का एक लड़का लाइफ में आया। मैं खुश थी लेकिन मुझे पता नहीं था कि वो सीरियस था या टाइमपास कर रहा था इसलिए मैंने पहले उसकी बातों पर कम ध्यान दिया। दो महीने तक वो रिलेशनशिप के लिए हां कहने के लिए मुझे मनाता रहा।

जब भी उससे बात करती थी तो डर लगता था कि कहीं पैरेंट्स को पता न लग जाए। मैंने उससे कहा भी कि मुझे रिलेशनशिप नहीं चाहिए क्योंकि इसका कोई फ्यूचर नहीं है। मैं भी उससे प्यार करती थी। वो मेरे पीछे पड़ा रहा तो मैंने बाद में उसे रिलेशनशिप के लिए हां कर दिया और उससे बात करती थी।

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मैंने उसके बारे में एक फ्रेंड को बताया। मेरी फ्रेंड ने उस लड़के को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा तो उसने एक्सेप्ट किया और उसके बाद वो लड़का मेरी फ्रेंड के पीछे पड़ गया। उसे मिलने के लिए बुलाने लगा। मेरी फ्रेंड ने मुझे बताया कि तेरा बीएफ मुझसे फ्लर्ट करता है। यह सुनकर मुझे काफी दुख हुआ।

मैंने उस लड़के से ब्रेकअप कर लिया। मैंने तो कभी किसी और लड़के से बात भी नहीं की उसके अलावा, उसको ऐसा नहीं करना चाहिए था। उस लड़के ने मुझे बहुत सॉरी कहा। उसने कहा कि बस फ्लर्ट ही तो किया था, कोई आई लव यू तो नहीं बोला था। उसने मुझे बहुत मनाया लेकिन मुझे उसकी हरकत ठीक नहीं लगी और मैंने ब्रेकअप कर लिया।

इस बात को छह महीने बीत चुके हैं। मेरे और उसके बीच बात बंद है लेकिन 24 घंटे मेरा दिमाग उसी के बारे में सोचता रहता है। उसके बारे में सबकुछ याद करती रहती हूं। मुझे पता चला है कि उसकी कोई और गर्लफ्रेंड भी है। यह जानकर मैं और भी टूट चुकी हूं।

समझ में नहीं आ रहा कि क्या करूं? किसी और लड़के से बात करने का भी दिल नहीं करता। फ्रेंड्स, क्या मैंने उससे ब्रेकअप करके ठीक किया? वो अब सेटल्ड है और मैं प्रफेशनल कोर्स कर रही हूं लेकिन वो मेरे दिमाग से निकलता ही नहीं। मैंने उससे ब्रेकअप करके ठीक किया है न? प्लीज बताइए, मैंने ठीक किया या नहीं?

पेज एडमिन की राय
दिव्या अपनी जिंदगी में ब्वॉयफ्रेंड चाहती है। जिंदगी में कोई लड़का चाहती है जिससे वो बात करे, अपनी बातें शेयर करे। प्यार करे। यह एक नेचुरल इंस्टिंक्ट है लेकिन उसका परिवार सख्त है। फिर भी डरकर ही सही, वह किसी से रिश्ता रखना चाहती है।

आज लड़के-लड़कियों के मन में द्वंद, संघर्ष और अवसाद (कॉन्फ्लिक्ट, डिप्रेशन) बहुत ज्यादा बढ़े हैं क्योंकि घर की इच्छा और अपनी इच्छा के बीच वो तालमेल नहीं बिठा पा रहे। दिव्या जानती है कि किसी ब्वॉयफ्रेंड से रिश्ते का कोई फ्यूचर नहीं है फिर भी वो लाइफ में ब्वॉयफ्रेंड चाहती है। घरवालों की इच्छा और अपने अंदर की चाहत के बीच वो संघर्ष झेल रही है। इस वजह से मानसिक परेशानियां बहुत ज्यादा हैं।

दिव्या ने उस लड़के से ब्रेकअप करके सही फैसला लिया क्योंकि वो दूसरों से फ्लर्ट करता है, वफादार भी नहीं है लेकिन फिर भी वो उसे मिस कर रही है। इसके पीछे प्रॉब्लम ये होती है कि हम किसी के बारे में इतना कुछ सोच चुके होते हैं कि फिर कदम पीछे हटाने पर मन अपने ही फैसले का विरोध करता है। ऐसे सिचुएशन में अगर इंसान का सेल्फ मजबूत न हो तो उसे अपने सही फैसले भी गलत लगते हैं।

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उसने प्यार में मेरे साथ ऐसा धोखा किया कि मैंने प्यार करना ही छोड़ दिया…सिम्मी की लव स्टोरी

मैं सिम्मी हूं। मैंने अपनी लाइफ में जिसे सबसे ज्यादा प्यार किया उसने मुझे इतने धोखे दिए कि अब मैं किसी के भी प्यार पर यकीन नहीं कर पाती हूं। मैं जिससे प्यार करती थी वो फाइनांस मैनेजर है। उसने मेरे ही ऑफिस में 2012 में ज्वाइन किया। मैं अकाउंट्स डिपार्टमेंट में जाती तो वो मुझे देखता रहता और जब मैं उसकी तरफ देखती तो वो काम करने का बहाना बनाने लगता।

उसने मुझसे बात करते-करते पहले मेरी जिंदगी के राज जाने, मेरे बारे में जाना और फिर मेरा हमदर्द बन गया। अब हम रोज मिलते थे, बातें भी खूब करते थे। वो पहले से शादीशुदा था, उसने ये बात छुपाई थी। मैं उससे बहुत प्यार करने लगी थी। फिर मुझे किसी से पता चला कि उसकी शादी हो चुकी है और उसके दो बेटे भी हैं। मैं बहुत रोई, बहुत ज्यादा। मैं तीन दिन तक ऑफिस भी नहीं गई। उसको कॉल भी नहीं किया।

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उसी ने मेरे घर की लैंडलाइन पर फोन किया। सच कहूं तो मैं नहीं चाहती थी कि मैं किसी भी लड़की की जिंदगी खराब करूं। मैंने उससे बात नहीं की। फिर अगले दिन ऑफिस गई तो वो मेरे डिपार्टमेंट में आया और कहा कि उसकी शादी और बच्चे की बातें झूठ हैं। लेकिन वो अब भी झूठ बोल रहा था। कई दिन तक मैंने उससे बात नहीं की। मैं बहुत हर्ट हुई थी। मुझे ब्रेन ट्यूमर है, ये बात जब उसे पता चली तो वो मुझे अपने साथ जबर्दस्ती अपनी कार में घर ले गया।

घर में उसने अपनी वाइफ को बताया कि वो मुझसे बहुत प्यार करता है और मैं ये सब सुनकर बहुत ही हैरान थी कि ये क्या कर रहा है? उसकी बीवी ने मुझसे बात की और कहा कि देखो तुम मेरे पति से बात करना मत छोड़ो, ये सारी रात तुम्हारे लिए रोते रहते हैं। मैं नहीं समझ पाई कि आगे क्या करूं? मैं वहां से कैब करके अपने घर आ गई।

कई दिनों बाद उससे मेरी बात फिर होने लगी और एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि मुझे बहुत सदमा लगा। मैंने उस दिन कॉल किया तो उसने बताया कि उसकी तबियत खराब है तो मैंने कहा कि घर पर हो तो मैं तुमको देखने आ जाती हूं। उसने मना कर दिया और कहा कि उसकी वाइफ के अंकल आ रहे हैं। मुझे लगा कि उसके साथ कुछ गड़बड़ है जो वो छुपा रहा है। मैं उसके घर चली गई तो वहां देखा कि वो किसी और लड़की के साथ था।

ये वो लड़की थी जिसके बारे में कहता था कि वो मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड है। जब मैं वहां पहुंची तो लड़की ने मुझसे पूछा कि क्यों आई हो? मैंने भी पलटकर यही सवाल किया तो उसने कहा कि वो उसकी गर्लफ्रेंड है और पिछले चार साल से दोनों का रिश्ता चल रहा है। अब मैं क्या करूं, बस यही सोच रही थी। तभी वो सामने आकर मुझे समझाने की कोशिश करने लगा। मैं बस चुपचाप खड़ी रही रही। उसी समय उस लड़की ने उससे पूछा कि तुम किससे प्यार करते हो, तो कहने लगा कि सिमी से…यही मैंने अपनी लव स्टोरी को खत्म कर दिया। उससे रिश्ता तोड़ लिया। वह मेरी पहली और आखिरी लव स्टोरी थी….

दुनिया से जाते-जाते भी उसने मेरी खुशी चाही, दिल का दर्द जगा देने वाली सच्ची प्रेम कहानी

मैं दिल्ली से रोहन हूं। मनीषा और मैं, दोनों साथ ही पढ़ते थे। आठवीं के बाद मैंने फील किया कि हम दोनों की बॉन्डिंग सही है। हम एक दूसरे की बहुत हेल्प करते थे। स्टडी करने में हेल्प करते करते एक दूसरे की काफी केयर करने लगे। हम दोनों 12वीं पास कर गए। उस समय फोन जैसी चीज नहीं थी तो दोस्ती की चिट्ठियां लिखा करते थे।

एक दिन मैंने उसे बुलाया और अपने मन में चल रही सारी बातें बता दीं। वो सिर्फ मुस्कुराई और चली गई। इसके बाद हम दोनों एक दूसरे को लव लेटर्स लिखने लगे। तब तक फोन भी आ गया। ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर चल रहा था लेकिन उसका सीपीएमटी क्लियर हो गया तो डॉक्टर बनने चली गई। हमारी बातें फोन पर होती रहीं। पॉकेट मनी के पैसे बचाकर कभी-कभी उससे मिलने भी चला जाता था।

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हम दोनों एक-दूसरे की बातें मानते थे। हमने ये तय किया कि पढ़ाई के बाद हम शादी कर लेंगे। यही फैसला कर हम दोनों रिश्ते को आगे ले जा रहे थे। उसका एमबीबीएस चल रहा था और मैं एमबीए की पढ़ाई कर रहा था। हमने सोचा कि पहले जॉब खोजेंगे फिर शादी करेंगे और इसके लिए कम से कम डेढ़ साल रुकना बेहतर समझा। इसी बीच मेरा एक्सीडेंट हो गया और मैं पैरालाइसिस का शिकार हो गया।

मैं अपाहिज हो गया। अपने पैरों से चल नहीं सकता था फिर भी मेरा प्यार कम नहीं हुआ और उसका भी नहीं। मेरा करियर पूरी तरह से तबाह हो गया था। मैं ठीक हो जाऊं इसके लिए उसने बहुत मन्नतें मांगीं लेकिन मैं ठीक नहीं हो पाया। इस बीच खबर आई कि उसकी शादी फिक्स हो गई है। उसकी मां ने मुझे फोन कर कहा कि इसे ले जाओ वरना ये मर जाएगी। उसके पापा को हमारे रिश्ते के बारे में मालूम था लेकिन वो तैयार नहीं थे। उसकी शादी जबर्दस्ती की जा रही थी। लड़का यूएसए में इंजीनियर था।

मैं भी सोचने लगा कि मैं उसके लिए क्या कर सकता हूं, लाचार हूं, सिवाय प्यार के उसे कुछ भी दे पाने में सक्षम नहीं और सिर्फ प्यार से घर नहीं चलता है। उसके बारे में सोचकर लगा कि मेरे साथ उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। वो मेरा साथ चाहती थी और कहती थी कि मैं तुम्हारा ट्रीटमेंट खुद कराऊंगी, अच्छे से अच्छे डॉक्टर से कंसल्ट करूंगी फिर भी मैं शादी के लिए राजी नहीं हुआ। वो बहुत रोती थी। उसने कहा कि हम भागकर शादी कर लेंगे फिर मैंने उसे समझाया कि देखो, मेरे साथ रहकर तुम्हारी जिंदगी खराब होगी, मैं कभी खुश नहीं रख पाऊंगा।

मैंने उससे कहा कि उस प्यार का क्या मतलब कि जिंदगीभर तुमको मेरा बोझ उठाना पड़े और मैं ये बिल्कुल नहीं चाहता हूं। फिर उसे दुनिया समाज का वास्ता दिया कि अब अगर ना बोलोगी तो तुम्हारे मम्मी पापा को लोग क्या कहेंगे, उनकी रिस्पेक्ट है इतनी, उसका क्या होगा? फिर भी वो नहीं मानी तो मैंने कहा कि तुम अगर शादी नहीं करोगी तो मैं खुद को गोली मार लूंगा, मुझे सारी तकलीफों से छुट्टी मिल जाएगी। इसके बाद वो राजी हुई।

शादी के पांच दिन बाद वो यूएसए चली गई। सातवें दिन उसने अमेरिका से मुझे रात में लगभग 2 बजे फोन किया। मैं एक पल के लिए तो उसकी आवाज सुनकर खुश हुआ लेकिन उससे कहा कि आगे से कभी फोन मत करना। उधर से उसने कहा कि मैंने नहीं, मेरे पति ने फोन कराया है, लो ये बात करेंगे। उधर से उसके पति ने इधर-उधर की बात की और कहने लगा कि तुमने इसके साथ फिजिकल रिलेशन तो नहीं बनाया।

मैंने उसके पति से कहा, कैसे इंसान हो तुम, ये सब कभी दिमाग में चला ही नहीं, हम तो शादी करना चाहते थे। फिर उधर से उसके पति ने कहा कि मर्द हो न तुम। मैंने कहा, हां हूं लेकिन कुछ भी होता तो वो शादी के बाद ही होता। इसके बाद उसने फोन रख दिया। बाद में पता चला कि वो मेरे बारे में जानने के बाद मनीषा को वर्जिनिटी टेस्ट के लिए डॉक्टर के पास ले गया था। तीन महीने बाद पता चला कि उसका पति ड्रग्स लेता था।

उसका पति पैसे वाले घर से था और बिगड़ैल औलाद था। उसकी इंजीनियरिंग की डिग्री भी कंप्लीट नहीं हुई थी कि उसके घरवालों ने उसकी शादी झूठ बोलकर करा दी। यह सब देख-देखकर मनीषा ऊब चुकी थी। उसने इंडिया आने का फैसला किया। उसने वहां पुलिस की हेल्प ली और तो उसका पति कहने लगा कि चलो, मैं नशा छोड़ दूंगा, मैं भी तुम्हारे साथ इंडिया चलूंगा। मनीषा ने पुलिस कंप्लेंट वापस ली और पति के साथ इंडिया आ गई।

यहां एक सप्ताह बाद उसका पति फिर उसके साथ बुरा बर्ताव करने लगा। उसे घर में बंद रखने लगा। जानवरों सा सलूक करता था। फिर पता चला कि वो प्रेग्नेंट थी, उसके डैडी उसे घर ले आए थे। उससे मेरी बात नहीं हो पाती थी। इस बीच मेरे पैरों में थोड़ी-थोड़ी जान लौटी थी और मैं कोशिश करके चलने लगा था। उसने फोन किया तो मेरी उससे बात हुई। पता चला कि उसको बेटी हुई है। उसके ससुराल वाले उसको राजी कर वापस ले गए और वहां कुछ दिन बाद फिर उस पर जुल्म शुरू हो गए।

मनीषा के मां-बाप कुछ नहीं बोल पाते थे। फिर उसने एक दिन मुझे कॉल किया और कहा कि मिलना चाहती हूं। मैं उससे मिलने चला गया। काफी समय बाद उसे देखा तो वो बिल्कुल बदल गई थी। उसके चेहरे पर कोई रौनक नहीं बची थी। मैं उसे देखकर रो पड़ा। उसने जाते-जाते कहा कि अब तुमसे कभी नहीं मिल पाऊंगी। उसको लंग कैंसर हो गया था। हॉस्पिटल से ही फिर उसका कॉल आया था। वो बोली, ‘कहा था न कि तुम्हारे बिना ये जिंदगी मुझे रास नहीं आएगी, अपना ख्याल रखना, जिंदगी में आगे बढ़ जाना, जैसे मैं बढ़ी।’

खबर आई कि वो नहीं रही। मैं बहुत रोया, चिल्लाया। मेरी मां बहन ने किसी तरह मुझे संभाला। सब बोलते हैं कि शादी कर लो और मेरे पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं होता। अगर मैं शादी कर भी लेता हूं तो उसकी जगह किसी और को नहीं दे सकता और फिर अगर नहीं दे सकता तो किसी और की जिंदगी मैं क्यों बर्बाद करूं? या फिर समझौता करने को ही जिंदगी कहते हैं तो क्या करूं, कुछ समझ में नहीं आता।

मैं खुद भी कमाता हूं। मेरा बिजनेस है। फैमिली शादी के लिए प्रेशर डाल रही है। जितने भी आसपास के लोग हैं, उनका भी यही सवाल रहता है कि शादी कब कर रहे हो, उन्हें कैसे बताऊं और कैसे समझाऊं कि मैं क्या चाहता हूं?

मैं अभी 29 साल का हूं। 19 महीने पहले मनीषा इस दुनिया से चली गई। तबसे रोज उसकी रिकॉर्डेड आवाज सुनकर ही सोने की कोशिश करता हूं। नींद आंखों से दूर ही रहती है। गुस्सा भी बहुत आता है। मैं लोगों के मैरिज फोबिया का जवाब नहीं दे पाता, इन चीजों से मैं कैसे बाहर आऊं? घरवालों और लोगों के सवालों का क्या जवाब दूं और क्या शादी करना ठीक रहेगा?

बेटा शादीशुदा लड़की से प्यार करने लगा तो इसे देख मां बीमार पड़ गईं…

मैं सुरेंद्र हूं। मेरी मौसी का एक ही बेटा है जो दिल्ली में रहकर जॉब कर रहा है। उसकी जो बात मैं बताने जा रहा हूं वो मुझे अपनी मां से पता चली है। मां ने बताया है कि मौसी बहुत परेशान रहती है, किसी काम में मन नहीं लगता, कमजोर और दुबली होती जा रही है। इन सबका कारण है उनका बेटा जो अपनी मर्जी से शादी करने की बात कहता है। वह एक ऐसी शादीशुदा लड़की से प्यार करता है, जो अपने पति को छोड़ आई है और उसकी 4 साल की एक बेटी भी है।

यह लड़की उसके कॉलेज के दिनों में फ्रेंड रही थी। वह काफी अच्छे पैसे वाले घर से है। यह नहीं पता है कि उसने अपने पति को क्यों छोड़ा? मौसी का बेटा अब फैमिली के लोगों से ठीक से बात नही करता, ना ही किसी प्रोग्राम में आता है। पहले वो ऐसा नहीं था। अब बदल गया है। मैं भी चाहकर उससे इस बारे में बात नहीं कर सकता क्योंकि उसने अपनी मां को किसी को भी बताने से मना किया है।

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मौसी डरती है कि बताने से वो कुछ गलत कदम ना उठा ले। वो बहुत रोती है कि मेरा बेटा मुझे वापिस मिल जाए इसलिए वो किसी को कुछ नहीं बताती। फिर भी उन्होंने मेरी मां को बताया है और मां ने मुझे बताया। मौसी गांव में रहती है और बेटे ने घर आना जाना भी बहुत ही कम कर दिया है।

मौसी कहती है कि मुझे अपना बेटा चाहिए। उस घर में मौसा को अलावा दादी है। मौसी कहती है कि बेटे की शादी उसी लड़की से कर देती लेकिन वो एक बच्ची की मां है तो गांव वाले क्या कहेंगे। मौसी अब घुटन में जी रही है। मै भी सोचकर परेशान रहता हूं, समझ नहीं आता क्या किया जाये…

प्यार के बारे में दो अलग पीढ़ियों के विचार

यह अलग-अलग दो पीढ़ियों की समस्या है। मां सोचती है कि गांव के लोगों को क्या जवाब देगी और एक बच्ची की मां से उसका बेटा शादी करेगा तो जैसे अनर्थ हो जाएगा। साथ ही डर यह भी है कि अगर वो पहले पति को छोड़ सकती है तो उनके बेटे को भी छोड़ सकती है।

अब बेटा कॉलेज के जमाने से ही लड़की को जानता है। दोनों में अफेयर है। लड़की पति से अलग हो चुकी है। अब कॉलेज के जमाने का प्रेम फिर जागा होगा तो प्रेमिका को इस हालत में देखकर वो उसे नहीं छोड़ सकता। बेटे को मां से ज्यादा प्रेमिका की चिंता है। मां बीमार होती जा रही है और उधर बेटा मां के विचारों की वजह से घर से दूर होता जा रहा है। सिर्फ मां ही नहीं, पिता भी इस शादी के खिलाफ होंगे।

एक तरफ इकलौते बेटे की मां का प्यार…दूसरी तरफ बेटे के कॉलेज का प्यार…ऐसे हालात में आखिर में क्या होगा…बेटा प्रेमिका से शादी करेगा चाहे जो अंजाम हो, घर से दूर हो जाएगा…उधर मां-बाप बीमार होते चले जाएंगे और बेटे यानी बुढ़ापे के सहारे को खो बैठेंगे। मैंने समाज में ऐसे कई मामले को देखा है, वहां यही होते देखा है। आपलोगों का भी शायद यही अनुभव होगा।

नई पीढ़ी झुकती नहीं, पुरानी पीढ़ी समझती नहीं और अंजाम बुरा होता है। दो पीढ़ियों की समस्या को सुलझाया तभी जा सकता है जब पुरानी पीढ़ी नई पीढ़ी को अपनी मर्जी के लिए स्पेस दे हलांकि इसके बाद पुरानी पीढ़ी को समाज के सवालों का सामना करना पड़ता है। नई पीढ़ी को दिल्ली जैसी जगह में समाज का सामना ही नहीं करना पड़ता। लोग अलग-अलग समय और परिस्थति में फंसे होते हैं और फैसला नहीं ले पाने की वजह से मन और शरीर से बीमार हो जाते हैं।

मैं चार दोस्तों का प्यार देखकर उलझी हूं कि आखिर प्यार है क्या?

मैं 17 साल की अंशु हूं। मैं प्यार को लेकर बहुत कंफ्यूज्ड हूं कि प्यार क्या है? मैंने अपने दोस्तों को देखती हूं कि वो जिन लड़कों से प्यार कर रही हैं, उनकी कहानियां अजीब लगती हैं। मैं आप सबको अपनी चार सहेलियों की लव स्टोरी शॉर्ट में सुना रही है जिसको देख-देखकर मैं खुद उलझ गई हूं।

मेरी पहली दोस्त के तीन ब्वॉयफ्रेंड हैं। एक के साथ उसका ब्रेकअप हुआ, दूसरा मुसलमान और तीसरा बीएफ उसकी ही जाति का है। मुस्लिम लड़का उसे शादी करने की बात कहता है लेकिन वो उसे मना कर चुकी है। मगर वो उसे छोड़ भी नहीं रही। इसके साथ ही वो अपनी ही जाति के एक लड़के से प्यार करती है। वो दोनों लड़के ये नहीं जानते कि लड़की दोनों से बात करती है। वो कहती है कि वो दोनों से सच्चा प्यार करती है। क्या ऐसा पॉसिबल है कि एक लड़की दो लड़कों से सच्चा प्यार करे।

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मेरी दूसरी दोस्त का अफेयर एक शादीशुदा लड़के से चल रहा है। वो लड़का उससे कहता है कि वो अपनी बीवी को देखता तक नहीं और उससे दूर रहता है, बात भी नहीं करता। वो उसको कहता है कि शादी मर्जी के खिलाफ हुई है इसलिए अपनी बीवी को डाइवोर्स देगा और उससे शादी करेगा। मेरी दोस्त उससे प्यार करती है। क्या ये प्यार है?

मेरी तीसरी दोस्त का एक बीएफ है और वो दिन रात इसी कंफ्यूजन में जीती है कि वो उससे प्यार करता है कि नहीं। वो बार-बार यही कहती है कि उसे पता ही नहीं है कि लड़का उससे प्यार करता है भी या नहीं? मैं उसका कंफ्यूजन में देख खुद परेशान होती हूं कि क्या ये प्यार है?

मेरी चौथी दोस्त एक लड़के से प्यार करती है लेकिन वो लड़का किसी और लड़की से प्यार करता था जिसके साथ हाल में उसका ब्रेकअप हुआ है। अब वो उससे अपने प्यार के बारे में बताना चाहती है लेकिन यह सोचकर परेशान रहती है कि वो लड़का उसके प्यार को एक्सेप्ट करेगा या नहीं?

मैं अभी 17 साल की हूं। जिंदगी के बारे में अभी मेरा ज्यादा अनुभव नहीं है इसलिए मैं कह नहीं सकती कि प्यार क्या है, बीएफ क्या है, प्यार करना चाहिए भी या नहीं? मैं अपने आसपास दोस्तों की हालत देखकर सोचती रहती हूं कि प्यार क्या है और इसको करना चाहिए भी या नहीं, ये गलत है या सही…लेकिन मुझे कोई जवाब नहीं मिलता, कोई जवाब देने वाला है भी नहीं इसलिए इस पेज पर पोस्ट किया है, क्या आप लोग कुछ बताएंगे इस बारे में…अगर कोई जवाब हो तो जरूर दें….

आईआईटी में एक लड़की से इश्क हुआ, भूल नहीं पा रहा हूं – गोपाल की लव स्टोरी

मेरा गोपाल हूं। देश के एक आईआईटी से इसी साल एमएससी पास आऊट हुआ हूं। 2016 में जब मैं वहाँ पहुंचा तो सबकी तरह आईआईटी में जाने की खुशी थी। वहां सबके साथ अच्छा सबंध बन गया लेकिन एक लड़की के साथ मैं कुछ ज्यादा ही घुलमिल गया। हंसी मजाक में मै कब उसे पसंद करने लगा, पता ही नहीं चला। मैंने अपनी भावनाएं जाहिर करने का फैसला किया। वहां पर gratitude day मनाया जाता है जिसमें चिठ्ठी के द्वारा अपनी बात बोली जाती है तो मैंने भी उसे चिठ्ठी लिखी और जवाब का इंतज़ार करने लगा लेकिन कुछ दिनों तक कोई जवाब नहीं आया तो मैंने दूसरी चिठ्ठी लिखी और एक लड़की के द्वारा उस तक भेजा।

परंतु पूरे 20 दिन तक इंतज़ार किया लेकिन कोई जवाब नहीं बल्कि मैंने महसूस किया कि उसका व्यवहार भी कुछ बदल रहा है तो मैं समझ गया कि उसका जवाब क्या है। मैंने अपने आप को उससे दूर कर लिया जितना मैं कर सकता था और पूरे 6 महीने मैंने उससे बात नहीं की तब तक हमारा वहां एक साल पूरा हो चुका था और हम सब छुट्टियों में घर आ गये थे।

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जब हम वापस गए तो हमारी दोबारा बातचीत शुरू हुई और मैंने भी उस लम्हे को पूरी गरमजोशी से जिया और सोचा प्रेमिका नहीं तो क्या हुआ एक अच्छे दोस्त तो बन सकते हैं। मैंने पूरे साल उसके साथ कुछ अच्छे पल बिताये। यहां तक कि हर महफ़िल में मै उस पर शायरी सुनाना नहीं भूलता था। लेकिन जब आईआईटी में हमारे आखिरी दिन चल रहे थे तो एक दिन मैंने उससे फर्स्ट ईयर की चिट्ठियों के बारे में पूछा तो उसका जवाब सुनकर मै अंदर तक हिल गया उसने बताया कि उसे कोई चिट्ठी मिली ही नहीं कभी।

मतलब मेरी चिट्ठियां बीच में ही किसी ने रोक ली थी। इस जवाब ने मेरे पुराने घाव कुरेद दिए। मुझे समझ नहीं आ रहा था मै क्या करूँ? मैं दो तीन दिन तक शोक मनाता रहा लेकिन फिर मैंने जब मेरी क्लास की बाकी लड़कियों से बात की तो उन्हें मेरी फीलिंग्स के बारे में पहले से पता था और उन्होंने ये भी बताया की वो लड़की भी सबकुछ जानती है। ये सब मेरे लिये फिर से एक झटके की तरह था।

एक दिन मेरी उसकी इसी बारे में बात हुई और उसने कहा मैं तुम्हारा इस मामले में कोई मदद नहीं कर सकती क्योंकि वो किसी और के साथ बहुत खुश थी। और मैं भी नहीं चाहता कि उसका ब्रेकअप हो। लेकिन मेरे साथ ये समस्या है कि उससे मूव ऑन नही कर पा रहा हूं। मैं उसे अब भी पसंद करता हूं लेकिन मैं ये कभी नहीं चाहता कि मेरी वजह से उसके जीवन में कोई तकलीफ हो। मुझे रास्ता बताइये कि मैं आगे बढ़ने के लिए क्या करूँ?