Tag Archives: रियल लाइफ की लव स्टोरी

जज्बात पेज के जरिए दो प्यार करने वालों की हुई शादी

शगुफ्ता की कहानी पोस्ट हुई थी जिसमें उसने कहा कि इस पेज की वजह से उसकी जिंदगी में खुशी और प्यार आया। आपको यह जानकर खुशी होगी कि इस पेज की वजह से दो प्रेमी जोड़ों की शादियां भी हुई हैं। इस पेज को शुरू हुए बहुत ज्यादा दिन नहीं हुए हैं लेकिन कई रीडर्स मुझे ये लिखते हैं कि इस पेज की वजह से उनकी जिंदगी बेहतर हुई या दर्द कम हुआ। यह पोस्ट उन दो शादियों के बारे में है जिसके पीछे यह पेज है।

करीब 6 महीने पहले की बात है। इस पेज की एक फॉलोअर यूपी के एक शहर में ब्यूटी पार्लर चलाती थी। शादियों के समय उसके ब्यूटी पार्लर में दुल्हनें भी आती थीं। उससे कभी-कभी बात होती थी तो मेरी उससे दोस्ती हो गई थी। मैंने उससे कहा था कि उन दुल्हनों की भी प्रेम कहानी होगी, जरा बात करना क्योंकि हमारे समाज में अधिकांश शादियां लड़कियों के मन के खिलाफ की जाती हैं। हलांकि कस्टमर की प्राइवेट लाइफ के बारे में पूछना नहीं चाहिए लेकिन फिर भी बातों-बातों में तो पूछा ही जा सकता है।

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एक दुल्हन जब सजने के लिए आई तो वो कुछ उदास थी। मेरी दोस्त ने उससे पूछा तो वो रो पड़ीं। वो दुल्हन प्रेग्नेंट थी लेकिन उसकी शादी जबर्दस्ती किसी और लड़के से की जा रही थी जबकि उसका लवर उससे शादी करने के लिए तैयार था। मेरी दोस्त ने उसे समझाया कि अगर ये शादी करोगी तो इससे कई जिंदगियां बर्बाद हो जाएंगी। तुम होने वाले पति को धोखा दोगी, तुम और तुम्हारा ब्वॉयफ्रेंड बर्बाद होगा, होने वाले बच्चे की जिंदगी खराब होगी।

मेरी दोस्त के समझाने पर वह दुल्हन ब्यूटी पार्लर से ही अपने लवर के साथ फरार हो गई। इधर उसके घर वाले उसको खोजते-खोजते ब्यूटी पार्लर तक आए लेकिन मेरी दोस्त ने कह दिया कि उसको कुछ नहीं मालूम कि दुल्हन कहां गई। शादी के तीन-चार दिन बाद प्रेमी पति के साथ दुल्हन अपने घर आई तो उसके भाई-पिता दोनों को मारने-पीटने पर उतारू हो गए फिर मां ने बीच-बचाव किया। घरवालों ने बेटी से रिश्ता तोड़ लिया लेकिन इस शादी की वजह से सच में कई जिंदगियां बर्बाद होने से बच गईं।

दूसरी शादी अभी हाल में उत्तराखंड की आस्था ने की। उसने अपने घरवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर लवर से शादी की और आज बहुत खुश है। उसके घरवाले उसकी शादी जबर्दस्ती किसी सरकारी नौकरी करने वाले से करना चाहते थे लेकिन आस्था समाज के इन छोटी सोचों के खिलाफ थी। हलांकि उसकी शादी के पीछे उसकी खुद की हिम्मत और सोच है क्योंकि मैं उसे पिछले एक साल से ज्यादा समय से जानता हूं। फिर भी आस्था का कहना है कि इस पेज की वजह से उसके अंदर अपने प्यार को पाने का जज्बा बचा रहा इसलिए मैं भी यह सोचकर खुश होता हूं कि इस पेज ने कहीं न कहीं उसकी मदद की।

जब आस्था से मेरी पहली बार बात हुई थी तो उस समय आधी रात का समय था। आस्था को उसके माता-पिता ने सुबह तक फैसला लेने को कहा था कि या तो हमारी मर्जी से शादी करो या घर छोड़ दो। पैरेंट्स ने ये चेतावनी दी थी कि अगर अपनी मर्जी से शादी करोगी तो तुमसे कोई रिश्ता नहीं रहेगा। उस रात आस्था बहुत परेशान थी और घर में बंद होकर जिंदगी के अंधेरे से जूझ रही थी। मुझसे उसने एफबी पर उसी समय कॉन्टेक्ट किया था। मेरी कोशिश यही रहती है कि चाहे कितनी भी बुरी परिस्थिति हो, इंसान जिंदगी की तरफ देखे और वक्त को भी थोड़ा वक्त दे। एक साल तक परिस्थितियों से जूझने के बाद आस्था ने आखिरकार फैसला ले लिया।

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मुझे जज्बात पेज पर सच्चा प्यार मिला, मैं बहुत खुश हूं – शगुफ्ता लव स्टोरी

मैं शगुफ्ता हूं। मैं अपनी जिंदगी में पास्ट के बारे में सबसे शेयर कर अपना दर्द कम करना चाहती थी इसलिए मैंने इस पेज पर अपनी स्टोरी पोस्ट कराई थी। मैं बहुत रोती थी और मुझे यह लगने लगा था कि प्यार व्यार कुछ नहीं होता है। एक नफरत सी हो गई थी प्यार शब्द से लेकिन किस्मत में क्या हो जाए कोई नहीं जानता। इस पेज पर स्टोरी पोस्ट होने के बाद मेरी किस्मत में कुछ अच्छा हुआ।

मैंने अपनी स्टोरी इस पेज पर रो-रोकर लिखी थी लेकिन आज मैं बहुत खुश हूं। इस पेज की वजह से मेरी जिंदगी में खुशी आई है। उस पोस्ट की वजह से मेरी जिंदगी में ऐसा कोई आया है जो मुझसे बहुत ज्यादा प्यार करता है। हमारी मुलाकात इसी पेज पर कमेंट्स से हुई थी। मेरी पोस्ट पर उसने भी कमेंट्स किए थे फिर मैंने उसको रिप्लाई दिया था तो उसका फ्रेंड रिक्वेस्ट आया।
true love
मैंने फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट किया और हम दोनों नॉर्मली बात करने लगे। बात करते-करते हम दोनों को एक दूसरे की बातें अच्छी लगने लगी। एक दिन मैंने कहा कि अब मैं ऑनलाइन नहीं आऊंगी तो उसने मुझे रोका। फिर ऐसी बातें बताईं कि उससे मुझे हमदर्दी हो गई और फिर मैं उससे रोज बात करने लगी।

हम दोनों एक दूसरे के प्यार में पड़ गए। एक दिन मैं बहुत दुखी थी और मैंने उससे कहा कि जा रही हूं तो उसने कहा कि मुझे भी साथ ले लो, जहां जा रही हो। पता नहीं क्यों, उस दिन वो मुझे बहुत अपना सा लगा। मेरी हिम्मत नहीं हुई कुछ बोलने की। इसकी वजह थी कि हम फेसबुक पर मिले थे और रियल लाइफ में भी इतनी जल्दी कोई फैसला नहीं लेता। मैंने फिर मना कर दिया तो वो रोने लगा।

ऐसा लगने लगा मुझे कि जैसे कि वो टूट सा गया। फिर मैंने ही साथ का हाथ बढ़ाया। मैंने पूछा कि साथ नहीं चलोगे, कल तक तो बोल रहे थे कि जहां जाओगे साथ जाएंगे तो साथ नहीं जाना क्या? इसके बाद हम दोनों का प्यार बढ़ता ही गया। तो यही है मेरी लव स्टोरी।

मुझे पता है कि कुछ लोग कहेंगे कि फेसबुक पर लव जैसा कुछ नहीं होता तो उनको मैं यही बोलूंगी कि सबसे पहले ट्रस्ट करना सीखो। कई लोग इसी वजह से अपना प्यार खो देते हैं क्योंकि उनको ट्रस्ट नहीं हो पाता। एडमिन राजीव का बहुत-बहुत थैंक्यू।

एडमिन की तरफ से दो शब्द –
मैंने शगुफ्ता के लवर से चैट की तो उन्होंने भी यही कहा कि वो शगुफ्ता से प्यार करते हैं और जल्दी ही दोनों एक दूसरे के साथ होंगे। मुझे खुशी है कि इस पेज की वजह से कोई मुझसे कह रहा है कि उनकी जिंदगी में आंसुओं की जगह मुस्कुराहट आई। मैं बस ये कहना चाहता हूं कि एक दूसरे के साथ वफा करें, यही उम्मीद है, आशा है।

उसने मुझे आकर गले से लगाया था फिर बाद में बोली मैं भटक गई थी – मोहित की लव स्टोरी

मैं दिल्ली से मोहित हूं। मेरी लव स्टोरी 2013 में शुरू हुई थी। कोटा में पीएमटी की तैयारी के लिए कोचिंग करने आया था। यहां मैं अकेला था। कुछ दिन बाद यहां मेरे मोहल्ले के अंकल की बेटी महिमा आई। मैंने हॉस्टल खोजने में और कोटा में रहने में उसकी मदद की लेकिन उस वक्त मैं उसका मोबाइल नंबर नहीं मांग पाया और अंकल भी नहीं दे गए। जब वो कोटा आने वाली थी, उन्हीं दिनों मैं उसके बारे में खूब सोचा करता था। महिमा से मेरी ज्यादा बात नहीं हुई थी इसलिए मैं उसके हॉस्टल जाकर सीधे मिलने से बचता था।

कोटा आने के 9 दिन बाद महिमा ने खुद मुझे कॉल किया। मैंने कहा, थैंक्स गॉड। हम दोनों में खूब बातें हुईं। एक बार उसके हाथ का एक बैंड खुल गया था तो मुझे बांधने को बोली थी, मैंने उस बैंड को बांधने में 5 मिनट लगा दिए थे। वो मेरे लिए काफी खूबसूरत पल थे। उस रात उसने फोन किया तो मैंने कहा कि देख, जीएफ बीएफ वाला गेम मत खेल मेरे साथ तो वो बोली कि तू मेरा फ्रेंड भी है और बीएफ जैसा भी है।
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उसके इतना कहने के बाद मेरी कमजोरी मुझ पर हावी होने लगी जैसा कि हर लड़के के साथ होता है। एक दिन उसने मुझसे कहा कि मैं तुम्हारे रूम पर आऊंगी और तुमको हग करूंगी। यह सुनकर मैं तो किसी और ही दुनिया में खो गया। मैं सोचने लगा कि वो मुझे प्यार करने लगी है। वो अगले दिन मेरे कमरे पर आई और सच में मुझे गले लगा लिया। वो भी मेरी लाइफ का बेहद खूबसूरत मोमेंट था।

उसके बाद एक महिने तक हम मिलते रहे और बात करते रहे लेकिन अचानक फिर उसका बिहेब चेंज होने लगा। वो मुझसे बहुत खराब बिहेव करने लगी। मैं गुस्से में आया और एक दिन उसे मिलने के लिए बुलाया। जब वो आई तो मैंने गुस्से में उसे गाली दे दी। हम दोनों की लड़ाई हो गई लेकिन मुझे लग गया था कि उससे मुझे प्यार हो गया था। अब उससे प्यार की बातें बंद हो गईं। मैंने सॉरी बोला तो वो बोली कि हम सिर्फ नॉर्मल फ्रेंड हैं। फिर दो महिने तक हमारी बात नहीं हुई।

एक दिन वो मुझको दिखी तो मैं उससे मिलने गया लेकिन वो डर कर दूर हट गई जैसे मुझे जानती भी नहीं। इसके बाद एक दिन मैंने बहुत परेशान होकर उसको कॉल किया तो नंबर बिजी जा रहा था। उसने कॉल काटकर मुझसे दस मिनट बात की और फिर उसका नंबर बिजी जाने लगा। इसके बाद फिर उसका कॉल आया तो बहुत रो रही थी। वो कह रही थी कि मुझे फिर से कभी कॉल मत करना। मैंने पूछा क्यों तो कहने लगी कि तुमसे मिलने से पहले से मेरा ब्वॉयफ्रेंड है, मैं उससे प्यार करती हूं।

मैंने पूछा कि फिर मेरे साथ तुमने क्या किया था तो वो बोली कि मैं भटक गई थी। इससे पहले कि मैं और कुछ पूछता, उसने फोन काट दी। मैंने बार-बार फोन किया लेकिन उसने नहीं उठाया। फिर मैंने उसको जानबूझकर मैसेज किया कि अगर कॉल नहीं उठाओगी तो मैं सुसाइड कर लूंगा। इसके बाद उसने मुझे फोन किया तो बहुत रो रही थी, कहने लगी कि फिर मुझे कॉल मत करना, मेरा ब्वॉयफ्रेंड नाराज हो गया है क्योंकि मैंने उसकी कॉल काटकर तुमसे बात की थी। मैंने कहा, ठीक है आगे से कॉल नहीं करूंगा।

इसके बाद मैं सो गया। अगले दिन दोपहर में मेरे भाई ने कॉल किया और बोला कि तू मर रहा है क्या। मैं भाई की बात सुनकर चौंक गया। तब मुझे अहसास हुआ कि महिमा ने मेरे सुसाइड करने की बात को मेरे भाई को कॉल कर बताई था। महिमा के पास मेरे भाई का नंबर था। महिमा ने मेरे भाई को बताया कि मोहित मेरे लिए सुसाइड कर रहा है। भाई को मैंने समझाया कि ऐसा कुछ नहीं है और किसी तरह मामले को शांत किया।

मैंने उस दिन के बाद से महिमा से बहुत नफरत करने की कोशिश की लेकिन कभी कर नहीं पाया। वो डबल गेम खेलती रही मेरे साथ। उसका एडमिशन 2015 में लखनऊ के बनारसीदास मेडिकल कॉलेज में हो गया और कोटा से चली गई लेकिन मैं आज भी पीएमटी की तैयारी कर रहा हूं। पिछले चार-पांच सालों से मैंने उसको कई नंबरों से वाट्सएप पर मैसेज किए और हर बार ब्लॉक हुआ। वो आज भी पुराने नंबर से वाट्सएप चलाती है।

मैं नया नंबर लेता हूं, उसे वाट्सएप पर मैसेज करता हूं। कुछ बात करने के बाद अपने दिल के दर्द लिखता हूं तो वो तुरंत ब्लॉक कर देती है। पिछली बार उसने कहा कि मैं जिंदगी में आगे बढ़ चुकी हूं, तुम भी आगे बढ़ो, अपनी लाइफ बर्बाद मत करो। उस पगली को कोई समझाओ कि सच्चे आशिक कुछ भी कर सकते हैं।

मेरे साथ चाचा ने ज्यादती की लेकिन कमल ने मुझे स्वीकार किया- अनीता की लव स्टोरी

मैं सुजाता हूं। मेरी एक दोस्त है अनीता। अभी अनीता 21 साल की है। अनीता दिल्ली के एक इलाके में रहती है। उसकी ज्वाइंट फैमिली है, उसके पापा तीन भाई हैं यानी घर में पापा मम्मी के अलावा दो चाचा, दो चाची और एक दादी थी। सुजाता अपनी दादी से बहुत प्यार करती थी। उसकी दादी बीमार रहती थी तो वो दादी की खूब सेवा करती थी। अचानक एक दिन उसकी छोटी चाची की डेथ हो गई जिसके बाद दादी और बीमार रहने लगी।

छोटे चाचा अनीता पर गंदी नजर रखते थे। छोटे चाचा ने उसके साथ रेप किया था तो उसने दादी को ये बात बताई थी लेकिन दादी ने तब उसके पैर पकड़ कर माफी मांगी थी। दादी ने उसे इस तरह से चुप करा दिया था। अनीता से रेप की बात सिर्फ उसकी दादी को मालूम थी वो भी कुछ दिनों बाद गुजर गई। इधर छोटे चाचा बराबर अनीता के साथ गलत काम करने के फिराक में रहते थे और एक रात फिर उनको मौका मिल गया जब अनीता के पापा घर में नहीं थे और सिर्फ मां थी।

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अनीता उस रात भी कुछ बोल नहीं पाई और छोटे चाचा ने उसकी मां को भी बदनाम करने की धमकी दी थी। मामला वहीं दब गया था लेकिन अनीता इसके बाद काफी बीमार रहने लग गई। सात महिने वो हॉस्पिटल में एडमिट रही। जब उसकी बीमारी ठीक होने लगी तो उसकी मम्मी तब तक अंधविश्वासी हो चुकी थी और उसको तांत्रिकों के पास ले जाकर झाड़-फूंक कराने लग गई। इस बीच अनीता को उसकी मां एक मौसी की बेटी की शादी में ले गई।

अनीता की मौसेरी बहन की शादी थी जिसके होने वाले देवर कमल को वो पसंद करने लगी। दोनों के बीच बातें होने लगी और दोनों दोस्त बन गए। बातों बातों में एक दिन कमल ने अनीता को प्रपोज किया लेकिन अनीता ने इसका जवाब नहीं दिया क्योंकि वो अपने पास्ट से डरती थी। फिर भी दोनों की बातें जारी रहीं। इस बीच अनीता फिर बीमार पड़ी और मरते-मरते बची। हॉस्पिटल में दो महिने एडमिट रही, वहीं कमल भी मिलने आया।

अनीता जब कुछ ठीक हुई तो उसने कमल को फोन पर अपने साथ हुए रेप की घटना को बता दिया लेकिन उसने ये नहीं बताया कि उसके चाचा ने ही ऐसा किया है। इसके बात अनीता ने कमल से पूछा कि अब भी मुझसे प्यार करते हो तो कमल ने साफ-साफ बोल दिया कि पहले बताती तब भी तेरा साथ देता और आज भी तेरा साथ दूंगा तब अनीता ने भी अपने दिल की बात उसे बता दी कि वो भी उससे प्यार करती है।

अनीता और कमल के प्यार के बारे में अनीता की फैमिली को पता चला तो उसके मम्मी पापा ने शादी कराने से मना कर दिया। शादी के लिए कमल राजी है। अब अनीता बहुत परेशान है और कभी-कभी मरने की भी बात करती है। उसके साथ जो भी हुआ, सिर्फ उसकी मम्मी, कमल और मुझको मालूम है।

अनीता मुझसे सलाह मांगती है। उसके साथ जो भी हुआ वह सोचकर मुझे बहुत गुस्सा आता और परेशान होती हूं कि उसे आखिर मैं क्या सलाह दूं?

उसने मुझसे पूछा कि बीएफ को चुनूं कि फैमिली की मर्जी से शादी करूं – शिवम की लव स्टोरी

मैं मुरादाबाद से शिवम हूं। हमारी करीबी रिलेशन में एक लड़की है जिसे मैं बहुत प्रेम करता था, करता हूं और करता रहूंगा क्योंकि मेरा प्रेम एकतरफा था। हम दोनों एक दूसरे को बचपन से जानते हैं। वो एक साल के लिए हमारे घर में रहने आई थी, तब उसने बीएससी में एडमिशन लिया था लेकिन सेकंड ईयर में वो चली गयी तब मुझे उससे प्यार हो गया। मैंने उसके सामने विवाह का प्रस्ताव रखा तो उसने मना कर दिया था।

मेरी फैमिली उस समय तैयार थी और हम दोनों की शादी हो सकती थी लेकिन वो नहीं मानी क्योंकि हमारी फैमिली करीबी रिश्तेदारी में है तो मेरे घरवालो ने उनसे बात करना ठीक नहीं समझा क्योंकि लड़की की हां नहीं थी। हलांकि मेरी फैमिली पूरी तरह मेरे साथ थी लेकिन वो नहीं हम दोनों की कास्ट भी एक ही है।

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उसके बाद मेरी सगाई दूसरी लड़की के साथ हो गयी। लगभग एक साल हो गया है। मुझे समझ नहीं आता मै खुश हूं या नहीं लेकिन जिससे मेरी सगाई हुई है वो शायद खुश है। हम 2 बार मिल भी चुके हैं लेकिन जैसे सब लोग बोलते हैं कि बाद में सब ठीक हो जाता है, मुझे ऐसा नहीं लगता।

जिससे मैं प्यार करता था, वो मुझसे अब भी बात करती है। उसने मुझसे शादी करने से भले ही मना कर दिया हो लेकिन मैं उसकी आज भी उतनी ही फिक्र और इज्जत करता हूं जितनी पहले करता था। अगर वो परेशान होती है तो मझे अजीब सी फीलिंग आती है और मैं भी परेशान होता हूं तो वो दिल रखने के लिए बोल देती है कि मैं हमेशा तेरे साथ हूं लेकिन उसने मुझे बताया कि वो किसी और से प्यार करती है और उससे ही शादी करना चाहती है।

उसकी फैमिली ने उसके लिए लड़का देखना शुरू कर दिया है लेकिन जिससे वो प्यार करती है, उस लड़के की फैमिली भी राजी नहीं है। वे दोनों बहुत रोते है। उन दोनों की कास्ट अलग है। वो न फैमिली को छोड़ना चाहती है न अपने बीएफ को। वो बहुत रोती है कि उसकी फैमिली कभी शादी के लिए राजी नहीं होगी। उसने मुझसे पूछा कि उसे क्या करना चाहिए? तो मैंने उसे कहा कि अपनी फैमिली की बात मानो।

आप मझे इस पेज के माध्यम से बतायें, मैने गलत सलाह दी या सही।

उसके लिए मैंने सरकारी नौकरी हासिल की लेकिन वो मुझे छोड़ गई- महेंद्र की लव स्टोरी

मैं उत्तर प्रदेश से महेंद्र हूं। फिलहाल सरकारी नौकरी कर रहा हूं लेकिन जिसके लिए इस मंजिल तक पहुंचा उसकी कहानी कह रहा हूं। एक लड़की थी। 11वीं में पढ़ता था मैं जब वो मेरे क्लास में पढ़ने आई थी। उन दो सालों में ऐसा कोई लगाव नहीं हो पाया था। पढ़ने में वो बहुत अच्छी थी। मैथ्स में तेज थी। मुझे यह सोचकर खुशी होती थी कि वो बहुत आगे जाएगी इसलिए मैं चाहता था कि उसके टच में रहूं चाहे वो जहां भी रहे।

12वीं के बाद हम दोनों की मुलाकात नहीं हुई लेकिन खबर मिलती रहती थी। एक लड़का जो हम दोनों का कॉमन फ्रेंड था, वह उसके बारे में बताता रहता था। फिर एक दिन फेसबुक पर उसका फ्रेंड रिक्वेस्ट आया। बहुत खुश था मैं उस दिन। फिर हमारी बातों का सिलसिला चल पड़ा। एसएमएस और फेसबुक चैट के जरिए हम घंटों बात किया करते थे। बहुत सारी बातें। इधर उधर की बातें।
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उसके साथ ऐसे ही बातें करना बहुत अच्छा लगता था। अगर किसी दिन उससे बात न हो तो किसी काम में मन नहीं लगता था। पता ही नहीं चला कि कब प्यार हो गया उससे। उसके बिना जिंदगी की कल्पना भी करना बहुत तकलीफ देता था। एक दिन इशारों इशारों में उसने भी बता दिया कि वो भी मुझे बहुत चाहती है। फिर मैंने उसे अपने दिल की बात बता दी। यकीन मानिए अगर उसने हौसला ना बढ़ाया होता तो शायद मैं कभी अपने दिल की बात ना कह पाता।

हम अपनी लव लाइफ जी रहे थे। कुछ महीने गुजरे थे कि मेरी एक गलती की वजह से उसके जीजा को ये बात पता चल गई। दरअसल उसके जीजा हम दोनों के कॉमन फ्रेंड थे। उनको हम दोनों के आपस के कमेंट्स पढ़कर शक हुआ और फिर मुझे पता चला कि उसके घरवाले उसकी पढ़ाई छुड़वा रहे हैं। जीजा का उसके घर पर काफी कंट्रोल है।

मैंने उससे कहा कि वो अपने घर में ये कह दे कि वो मुझे सिर्फ दोस्त मानती है और कुछ नहीं। उसकी जीजा, बहन और मां उसको साथ लेकर मेरे घर शिकायत करने आए। उन्होंने कहा कि मैं लड़की को परेशान करता हूं जिसे मैंने सबके सामने एक्सेप्ट कर लिया और माफी मांगी। फिर उसकी पढ़ाई छूटने से बच गई। उसे इस तरह बचाया लेकिन मेरे पापा ने कई महिनों तक मुझसे बात नहीं की थी।

इसके बाद हम दोनों चुपके से बात एफबी पर बात किया करते थे। कुछ महिने बाद उसके जीजा ने फिर उसकी चैट देख ली। चैट पढ़ने के बाद उनको हम दोनों के रिश्ते के सच के बारे में पता चल गया। उस दिन के बाद उसका घर से निकलना बंद कर दिया गया। वो कुछ दिनों तक किसी तरह से मुझसे बात किया करती थी लेकिन फिर उसके फोन भी आने बंद हो गए। मुझे कहीं से उसका नया नंबर मिला तो फोन किया। उसने जवाब दिया कि वो मुझसे बात नहीं करना चाहती है।

उसने कहा कि मैंने उसकी लाइफ बर्बाद कर दी और मेरी वजह से उसको घरवालों के सामने उसको नीचा देखना पड़ा। उसने कहा कि मुझसे मिलना उसकी बहुत बड़ी गलती थी। मैंने सोचा कि शायद वो गुस्से में ये सब बोल रही थी। कुछ दिन बाद जब मैंने फिर फोन किया तो यही सब बातें वो बोलती रही। जिस लड़की के लिए मैंने जाने कितनी रातें रोकर गुजार दीं, जिसे मैंने टूट कर प्यार किया था, जिसके लिए अपनी फैमिली के सामने मैंने ये कबूल किया कि मैंने उसको परेशान किया था ताकि उसकी पढ़ाई घर वाले न छुड़ाए, जिसकी वजह से मेरे पापा मुझसे बात नहीं करते थे, वो ये सब बातें मुझे सुना रही थी।

हम दोनों की कास्ट एक नहीं है। मैंने सोचा कि सरकारी नौकरी हासिल कर लूंगा तो शायद अपने घरवालों को भी मना लूंगा। इसी से मोटिवेशन पाकर मैं अच्छी सरकारी नौकरी पा गया। लाइफ डिस्टर्ब होने के बावजूद मैंने सरकारी नौकरी हासिल की लेकिन जॉब तो मिली पर तब तक हम दोनों के रिश्ते के बारे में उसके घरवालों को पता चल चुका था और वो मुझसे दूर जा चुकी थी।

ढाई साल हो गए, एक दिन भी ऐसा नहीं गुजरा कि जिस दिन उसे याद कर मैं रोया नहीं और वो मुझे ऐसे बुरा भला कहती रही। मुझे नहीं पता कि उसे प्यार करना मेरी गलती थी या नहीं पर इतना जानता हूं कि अब मेरी लाइफ में कोई और नहीं आएगा।

वो कहती है कि शादी के बाद पति को छोड़ तुम्हारे पास आ जाऊंगी- मनीष की लव स्टोरी

मैं राजस्थान से मनीष हूं, 26 साल का हूं। मैं एक लड़की से बहुत प्यार करता हूं। वो भी मुझे बहुत प्यार करती है। हम एक साल से साथ हैं और उसकी फैमिली ने उसकी शादी कहीं और फिक्स कर दी है लेकिन वो इससे खुश नहीं है। वो उस लड़के को भी पसंद नहीं करती है, न ही वो फोन पर उससे कभी बात करती है।

उसके बारे में मैंने अपनी फैमिली को बताया और उनको हमारी शादी से कोई प्रॉब्लम नहीं थी। मैंने जीएफ से कई बार कहा कि हम दोनों के बारे में फैमिली को बता दो लेकिन वो डरती है कि अगर फैमिली को बता दिया तो हम दोनों का मिलना बंद हो जाएगा। वो कहती है कि शादी के बाद वो पति को छोड़ देगी और मेरे पास किसी तरह से आ जाएगी।

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मैंने उससे कहा कि प्लीज शादी कर लेते हैं हम दोनों लेकिन वो मुझे और अपनी फैमिली दोनों को खोना नहीं चाहती है। दरअसल उसकी बड़ी बहन ने भागकर शादी की थी, उस वक्त मेरी जीएफ की उम्र कम थी। उसने मां-बाप की बदनामी और पुलिस के चक्कर देखे थे जो उसके दिमाग में रह गई इसलिए वो ये सब फिर नहीं चाहती। वो अपने छोटे भाई-बहन के बारे मेें भी सोचती है।

मुझे कुछ समझ नहीं आता है कि आगे क्या करें। मैं उसको कभी खोना नहीं चाहता और वो भी मुझे खोना नहीं चाहती है। हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। मैं बहुत परेशान हूं।

प्यार करो तो उसे निभाने की हिम्मत रखो वरना प्यार ही मत करो – रिया की स्टोरी

हेलो दोस्तों! मैं बिहार से रिया, आज आपलोगों से शेयर करना चाहती हूं। मैंने इस पेज पे बहुत सारी कहानियां पढ़ी। कई कहानियां दर्दनाक हैं। मेरी कहानी भी कुछ ऐसी ही है, मैं जिसे प्यार करती हूं 2 महीने पहले उसकी शादी हो गयी। हम दोनों बहुत प्यार करते थे एक-दूसरे से। हमारे परिवारवाले नहीं माने इसलिए हम शादी नहीं कर पाए। वो खैर लड़का है, अपने काम में व्यस्त रहता है इसलिए वो अपनी जिंदगी में थोड़ा आगे बढ़ गया है। समझौता ही सही पर अब वो जीने लगा है। भूला तो वो आज भी नहीं है, ना प्यार कम हुआ है पर कहते हैं न कि कभी-कभी अपने लिए नहीं, अपनों के लिए जीना होता है।

उसके जाने के बाद मेरी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। मैं कैसे जिंदा हूं, मुझपे क्या बीती है, मैं ही जानती हूं। वो तकलीफ ऐसी है जिसे लफ्जों में मैं बयां नहीं कर सकती। कोई खुशी नहीं, जिंदगी में ना कोई इच्छा है। अपनी जिंदगी ही खुद के लिए बोझ बन गया है।

मैं आज इस पोस्ट के जरिये सारे प्यार करने वालों से कुछ कहना चाहती हूं। अगर आप किसी से सच्चा प्यार करते हो तो उसे पाने की पूरी कोशिश करो। समझौता करके इंसान सिर्फ जिंदा रह सकता है, जी नही सकता। कोई आपके दर्द को कभी नहीं समझेगा। ये दुनिया ऐसी ही है दोस्तों। मैं मानती हूं हमारे लिए परिवार जरूरी है, सबकुछ है। हमारा अस्तित्व उन लोगों से ही है। मैं खिलाफ जाने को नहीं बोल रही हूं, बस बोल रही हूं कि आप अपने प्यार को भी परिवार जितना ही वैल्यू दो। दोनों में से किसी को ना छोड़ो। जिद पे अड़ जाओ और तब तक कोशिश करो जब तक परिवार ना माने।

riya story

हम जिसके साथ जीना चाहें, उसी के साथ ना जी पाए तो जिंदगी में क्या रहा? ये समाज और दुनिया आज तक किसी की न हुई है, ना होगी। ये बस बनी ही है आपमें कमियां निकालने के लिए, आप पे हंसने के लिए। आपका दर्द आपके आंसू कोई देखने नहीं आता, वो आपको खुद ही सहना होता है।

और हम लड़कियों की हालत तो और खराब है इस दुनिया में। शादी के बाद मां-बाप जैसे अपनी जिमेदारी पूरी कर निश्चिन्त हो जाते हैं। जो है, अब जैसा है, समझौता कर के जीना सीख ले, अब वही तेरा घर है, ऐसा बोल दिया जाता है। वो पल-पल किस घुटन में जीती है, वही जानती है। जाए तो जाए कहां और कहे तो कहे किससे। उसके अपने ही बेगाने हो गए तो गैरों से उम्मीद कैसी अब।

इसलिए दोस्तों बदनामी समाज इन सबकी चिंता किये बिना आपलोग अपने प्यार का साथ पाने को हर कोशिश करो। किसी समाज के पास इतना वक्त नहीं होता कि बैठ कर आपके बारे में सोचे। और वैसे भी कोई भी खबर कुछ दिनों बाद पुरानी हो जाती है, सब भुला देते है। थोड़ा स्वार्थी बनो यारों, जिंदगी अपनी खुशी के लिए भी जियो, कब तक आखिर- कब तक लोगों की डर से चुप रहना। और हमारे मां-बाप भी कौन सा हमारा साथ हमेशा देने वाले हैं, साथ तो हमसफर ही देगा न इसलिए हमसफर अपने मन का ही चुनो।

अगर प्यार कर ही लिया है तो निभाने का व हौसला रखो दोस्तों। जिंदगी मर-मर के जीने से तो अच्छा है कि चाहे जितना भी वक्त लगे जितना दर्द सहन करना पड़े पर हार ना मानो। जब तक प्यार को मंजिल न मिल जाये। दुनिया की कोई मजबूरी, किसी की खुशी जिंदगी से बड़ी नही हो सकती। चीजें बहुत बदतर हो सकती हैं, जानती हूं, रास्ता बहुत काटों भरा है प्यार का पर पा लेने का सुकून हर दर्द भुला देगा।

इसलिए दोस्तों जब तक ये न लग जाए कि अब कुछ नहीं हो सकता, प्यार को पाने की कोशिश मत छोड़ना। मैने तो खो दिया क्योंकि हमारे घरवालों ने साथ नहीं दिया, ऐसे लोगों से भी कहूंगी कि प्यार करते हो तो साथ देने की हिम्मत भी रखो। अगर मेरी बातें पढ़ के किसी एक में भी इतनी हिम्मत आ गयी हो कि वो अपने प्यार को पाने के लिए लड़ ले और उसे पा ले तो मैं समझूंगी कि मैं हार कर भी जीत गईं। मुझे बहुत खुशी होगी।

मैं तुमसे प्यार करती हूं लेकिन पहले बीएफ को नहीं छोड़ सकती – आदित्य की लव स्टोरी

मैं आदित्य हूं। 28 साल का हूं और मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहा हूं। एक लड़की ने मेरी कंपनी को ज्वाइन की और हम साथ काम करते थे। बात होते-होते मैंने ही उसको प्रपोज किया था तो उसने रिजेक्ट करते हुआ कहा था कि वो किसी और के साथ रिलेशनशिप में है और वो मुझे एक्सेप्ट नहीं कर सकती। फिर उसने कहा कि अगर मैं किसी और के साथ रिलेशनशिप में नहीं रहती तो तुमको एक्सेप्ट कर लेती।

मेरे प्रपोजल को रिजेक्ट करने के बाद भी वो मुझसे बात करती रही। मैंने उससे साफ-साफ कह दिया था कि मैं तुम्हारा दोस्त नहीं बन सकता और फिर उसने भी जवाब दिया था कि मैं भी तुमको पसंद करती हूं और तुम्हारी केयर करती हूं लेकिन तुमसे प्यार नहीं कर सकती।
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हम एक ही ऑफिस में काम करते थे इसलिए हमारे बीच रिश्तों की नजदीकियां बढ़ने लगीं। हम घंटों एक दूसरे के साथ बात करते थे और एक दूसरे की केयर करते थे। एक बार जब हम एक दूसरे के बहुत पास आ गए थे तो उसने कहा भी था कि ऐसा लगता है, मैं तुमसे प्यार करने लगी हूं।

इसके बाद वो कुछ दिन के लिए बेंगलौर गई जहां उसका पहला बीएफ रहता है। वहां से लौटी तो उसका बिहेव बदल गया था जिसको देखकर मैं काफी अपसेट रहने लगा। मैं उसका बहुत ख्याल रखा करता था, उसे बहुत प्यार करता था। मैंने उससे बार-बार पूछा कि तुम्हारे साथ प्रॉब्लम क्या है तो उसने कहा कि ये सच है कि मैं भी तुमसे प्यार करती हूं लेकिन मैं अपने पहले बीएफ को नहीं छोड़ सकती इसलिए तुम अपनी जिंदगी में आगे बढ़ो।

हम दोनों अभी भी एक ही ऑफिस में रोज मिलते हैं लेकिन वो मुझसे काफी खराब तरीके से बात करती है। उससे मुझे ऐसे रूखे बर्ताव की उम्मीद नहीं थी। मैं उससे काफी प्यार से, विनम्रता से बात करता हूं लेकिन फिर भी वह इन सब चीजों के लिए मुझे जिम्मेदार ठहराती है। अब बताइए ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए? क्या इन सबके लिए सिर्फ मैं जिम्मेदार हूं?

प्यार जताने के बहाने वो कई बार आया लेकिन उसका इरादा कुछ और था – रश्मि की लव स्टोरी

मैं रश्मि हूं और कानपुर से हूं। मेरी कहानी उन लड़कियों के लिए है जो किसी लड़के के साथ प्यार में इमोशनल होकर फिजिकल रिलेशन बना बैठती हैं। 2010 की बात है, उस समय मैंने 12वीं पास की थी। मेरे पापा के एक क्लोज फ्रेंड थे। हमारी फैमिली एक दूसरे के यहां आती जाती थी। मेरी ही उम्र का उनका एक बेटा था जिसके साथ मैं लव रिलेशन में आई। पहले हम दोनों में बातें हुईं, फैमिली फ्रेंड होने की वजह से क्लोज आ गए।

मैं उसको बहुत ज्यादा चाहती थी। हम दोनों के बीच फिजिकल रिलेशन बने, मैं मानती हूं कि उसमें मेरी भी गलती होगी। मैं उसे बहुत प्यार करती थी इसलिए उसने जब मुझ पर दबाव डाला तो मैं भी उसके आगे झुक गई लेकिन हमारे बीच सिर्फ एक बार ऐसा हुआ। मुझे बहुत बुरा फील हो रहा था और उसके बाद मैंने देखा कि वो हमेशा मुझे ऐसे देखता था जैसे कि मैं कोई चीज हूं। मैंने उससे मना किया तो हमारे बीच झगड़े होने लगे और उसने 2012 में अचानक मुझसे बात करना छोड़ दिया।rashmi love story

मैं उसको फोन करती थी तो वो उठाता नहीं था। यही नहीं उसने मेरा नंबर भी अपने दोस्तों को दे दिए जो मुझे फोन कर परेशान करने लगे। मैं इन्हीं सब वजहों से एक दिन घर में रो रही थी कि मेरे भाई ने देख लिया। मुझे यही लगता था कि हम दोनों के रिश्ते के बारे में कोई नहीं जानता लेकिन ये सच नहीं था। मेरे भाई ने कहा कि मेरा बीएफ किसी और लड़की के साथ घूमता है तो मुझे काफी शर्मिंदगी हुई कि भाई को सारी बातें मालूम हैं।

इसके बाद हमारे रिश्ते में एक साल का और गैप हुआ और अचानक उसके बाद उसने मुझे मैसेज करना शुरू किया और माफी मांगने लगा। वो लिखता था कि वो अपने किए पर बहुत दुखी है, माफी चाहता है लेकिन मैं उसके मैसेज का कोई जवाब नहीं देती थी। इस बीच एक फैमिली फंक्शन में उसके घर गई तो वो काफी उदास और पछतावे वाली नजर से मुझे देखता रहा लेकिन मैंने उससे कोई रिश्ता नहीं रखा और ऐसा करते-करते मैं पोस्ट ग्रेजुएशन में आ गई। मैंने सिविल की तैयारी के लिए एक नामी कोचिंग ज्वाइन की। पता चला कि वो भी वहीं क्लास करता था।

हम दोनों के बीच कोचिंग में थोड़ी बहुत बात शुरू हुई। मुझे लगा कि सच में शायद वो सुधर गया है और अपने किए पर पछता रहा है। मैं उससे बात करने लगी लेकिन फिर कुछ दिन बाद उसने मेरे सामने फिजिकल रिलेशन की डिमांड रख दी। तब मुझे लगा कि उसको अभी भी मेरे शरीर की जरूरत थी इसलिए वो दुखी होने, माफी मांगने, पछताने, रोने धोने, उदास होने का नाटक कर रहा था। मैं फिर उससे दूर हुई और उससे कोई रिश्ता नहीं रखा।

मैं लड़कियों को यह कहना चाहती हूं कि वो किसी भी लड़के के इमोशनल ड्रामे में न फंसे। एक बार लगे कि कोई लड़का बस जिस्म से प्यार करता है तो उसके किसी भी इमोशनल नाटक पर ट्रस्ट न करें। ऐसे नाटक करने वाले हमारी सोसायटी में बहुत हैं जो लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करते हैं।

जज्बात पेज से मुझे हिम्मत मिली और मैंने लवर से शादी की

जज्बात शायद वो भावनायें जो मन में छुपी होती हैं और बयां होती हैं कहीं ऐसी जगह जहां दिल कहता है कि कोई होगा हम जैसा, जो समझे वो सब और उन बातों के मायने जो हम कहना चाहते हैं। मेरे लिये तो बस इस जज्बात पेज के मायने हिम्मत, उम्मीद, आशा और चाह… यहां की हर कहानी एक नहीं बार-बार पढ़ी है। इन कहानियों से अजीब सी हिम्मत मिलती है, एक आवाज आती है दिल से कि अपने प्यार का साथ निभाना है।

ये हिम्मत इस पेज की कहानियों से ही आयी है कि दिनभर सोच में रहती थी कि कितने दिल हैं, हजारों टूटे हुए, समझौते किये हुए और आज भी प्यार की यादों में लिपटे हुए, बहुत दर्द होता है जब हम एक पल को कमजोर होकर सोच लेते है कि परिवार के लिए हम छोड़ देंगे उसे… अपनी खुशी अपने प्यार अपनी जिंदगी अपनी हर खुशी हम अपनों के लिए छोड़ देंगे लेकिन अजीब है ना जब हम एक तरफ हम सोच रहे होते हैं तो दूसरी तरफ हमारे घर वाले हमें गलत समझ कर आपस में बातें करने लगते हैं। जबर्दस्ती शादी करा देते हैं और उसके बाद बेटी आत्महत्या भी कर ले तो कौन सी बड़ी बात है?

हम जब उनको कहते हैं कि हमें किसी से प्यार है तो हमारे रिश्तेदारों को सबको बता दिया जाता है कि ये तो ऐसी है, इसने ऐसा किया है और वह एक पल में आकर हमें कहने लगते हैं कि कहां मुंह काला किया, कितनों के साथ किया, रोज कॉलेज तभी तो जाती है। और हम यह सब सुनकर जहर का घूंट पीकर वहीं अंदर से मर कर रह जाते हैं। फिर भी समाज कहता है कि मां-बाप के खिलाफ नहीं जाना चाहिए, वह हमेशा सही होते हैं…. कहा जाता है कि वो गलत ना बोल सकते है, ना कर सकते हैं तो जो लड़की कल तक संस्कारी होती है और अगले पल चरित्रहीन हो जाती है, जिसकी दुनिया एक पल में बदल जाती है, वो सब समाज में सही होता है क्या?
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कुछ लड़कियां होती हैं जिनमें बहुत हिम्मत होती है। इतना कुछ सुनने के बाद पाबंदियों के बाद वह फिर भी अपने प्यार को छोड़कर मां-बाप की मर्जी से शादी करती है और सोचती है कि शायद वो यकीन वह प्यार कभी वापस मिल सके पर ऐसा कभी नहीं होता। शादी के बाद शायद मां बाप को लगता है कि उनकी जिम्मेदारी पूरी हो गई। उनकी बेटी भूल चुकी है अपना प्यार, अपना अतीत पर वह एक सच से अनजान रहते हैं कि हम कभी वो भूल ही नहीं पाते, छोड़ नहीं पाते हैं, वजह ही नहीं होती उसे छोड़ने और भूलने की। जब वो प्यार वापस हम पा ही नहीं पाते तब लगता है कि हमने ये मजबूरी के रिश्ते जोड़े क्यों?

मां-पापा आखिर समझ क्यों नही पाते कि ज़बर्दस्ती और मर्जी में कितना फर्क होता है… हम जहां मर्जी से जाते हैं और जहां मजबूरी में…वहां जमीन आसमान का फर्क होता है। हमसे गलती हो, पति बुरा हो, ससुराल में गलत बर्ताव हो तो इसके ज़िमेदार हम ही होते हैं। सब हमें गलत कहते हैं, क्यों? क्योंकि हमने कभी परिवार को अपने प्यार से शादी की बात कही होती है और तबसे फिर कभी हम सहीं बन ही नहीं पाते, सही होकर भी बेइज्जत होते रहते हैं।

इतना कुछ देख चुकी हूं और बहुत कुछ अनुभव भी कि जब परिवार एक पल में हमें पराया कर देता है तो फिर जो लोग भागकर एक दूसरे को चुनते हैं और धीरे-धीरे जब ठीक कर देते हैं, वो लोग काफी हद तक सही ही करते हैं क्योंकि धीरे धीरे सब ठीक हो जाता है पर जहां मजबूरी के रिश्ते से बंध जाते हैं वहां कोई उम्मीद नहीं होती कि हम अपना प्यार पा लेंगे, खुश रहेंगे। ये सोच तब किसी काम की नहीं होती क्योंकि बहुत देर हो चुकी होती है। एक पल के लिए हम जिनके लिए अपनी खुशियां छोड़ने की सोच भी लेते हैं वही परिवार क्यों नहीं एक बार हमारी पसन्द से मिलने को राजी नहीं होता? क्यों हमें वेश्या कह दिया जाता है? जब हम उनके लिए अपनी खुशी छोड़ने को तैयार रहते हैं तो वो भी एक बार हमें समझने की कोशिश क्यों नहीं कर सकते… आखिर क्यों?

यहां पहाड़ो में अक्सर यही होता है कि लड़की की पसंद नहीं, लड़के की जॉब देखी जाती है, सरकारी है तो लाखों बुराई भी मंजूर है पर लड़क़ी जिससे प्यार करती है, वो मंजूर नहीं है चाहे वो लड़का सच में लाखों में एक हो, कोई बुराई ना हो पर लड़की की पसंद है ना.. तो वो परिवार की नजर में बुरी ही होती है। लड़का कम और परिवार ज़्यादा देखा जाता है, सब सरकारी नौकरी मैं हैं तो लड़का शराबी भी अच्छा है… वाह, है ना कमाल की बात, क्या सोच है मां-बाप की।

लड़कियों को इतना आत्मनिर्भर बनाया ही नहीं जाता, पढ़ाया ही नहीं जाता कि वो अपने साथ हो रहे अत्याचारों से मुक्त हो खुद के पैरों पर खड़ी हो। मायका तो कबका पराया हो जाता है और ससुराल कभी अपना नहीं पाता हमें…तो हमारा घर कौन सा होता है?

बस इतना ही कहूंगी थक हार कर
पल में हंसाती है पल में रुलाती है
यह जिंदगी है साहब हर रंग दिखाती है
छोटी सी खुशी को बड़ा कर जाती है
हंसते हंसते कितना रुला जाती है
यह किस्से तजुर्बे हैं साहब
जो जिंदगी ही दे जाती है

मैं तो अपने प्यार से इतना ही कहना चाहूंगी कि जब सबकी नजरों मैं गलत थी, बस तुम थे साथ हमारे। सपने मैं भूलने चली थी.. तुम ने कहा भरोसा रखो, साथ दूंगा, सब ठीक कर दूंगा। आज मैं सबकी नफरत सह कर भी खुश हूं, वजह तुम हो। मैं तुम्हारा साथ कभी नही छोडूंगी। बस तुम्हारे साथ मिल कर सब ठीक कर दूँगी और सब ठीक नहीं भी हुआ तो मैं तो वैसे भी मर चुकी हूं इन चारदीवारी में कैद सी, जहां प्यार अपनापन ही नहीं, बस नफरत है सबके मन में आज मेरे लिए।

पता नहीं लोग कहां से इतनी हिम्मत लाते हैं कि मजबूरियों में कहीं और रिश्ते बांध लेते हैं। मैं उन लोगों में शामिल नहीं होना चाहती, जो हार जाते हैं, तुम मुझे हारने भी मत देना, सबकी नफरत सह कर खुश रहूंगी, बस तुम साथ देना। हम एक दिन मिल कर सब ठीक कर देंगे।

थैंक्यू जज्बात.. हिम्मत हौसला आशा उम्मीद के लिए… बहुत खास हैं यहां की कहानियां… मेरे लिए जिनसे हिम्मत मिलती है।

आस्था

मैं शादी किसी और से करूंगी इसलिए तुमसे प्यार नहीं कर सकती – लता की लव स्टोरी

मेरा नाम लता है। मैं एक लड़के को दो साल से जानती हूं। वो मेरा बहुत अच्छा दोस्त है। वो बहुत ही हेल्पिंग, केयरिंग और ट्रस्टफुल है।

उसने मुझे एक साल पहले प्रपोज किया था और मैंने उसे समझाते हुए मना कर दिया था क्योंकि मेरी शादी घर से ही एरेंज होगी और इससे पहले मैं किसी के साथ रिलेशन में नहीं रहना चाहती।

वो मेरी बात समझ तो गया क्योंकि हम दोनों के बीच अंडरस्टैंडिंग बहुत अच्छी है। मैंने मना किया तो वो बहुत हर्ट भी हुआ था और मुझे भी बुरा लगा था उसे हर्ट होते देखकर, लेकिन मेरे पास मना करने के सिवा कोई रास्ता नहीं था क्योंकि मैं बस उसे दोस्त मानती हूं। मैं शादी मां-बाप की मर्जी से करूंगी।
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जबसे मैंने उसके प्रपोजल पर मना किया है तबसे वो बहुत ही उदास रहता है। बस मेरे सामने फेक स्माइल देता रहता है। मुझे बहुत बुरा लगता है उसे उदास देखकर। मैंने कई बार उससे ऐसी लैंग्वेज में बात की जो मुझे नहीं बोलनी चाहिए थी ताकि वो मुझसे दूर हो जाए। मैंने कई बार उसकी जानबूझ कर हेल्प नहीं की कि शायद वो मुझे खराब मानकर भूल जाए लेकिन मेरे इन सब उपायों का कोई असर नहीं हुआ।

मैं अपने उस दोस्त को उदास देखती हूं तो बुरा लगता है। ये बात भी है कि मैं ऐसे दोस्त को खोना नहीं चाहती और मैं लव रिलेशनशिप भी नहीं रखना चाहती। मेरा एक रिलेशनशिप पहले रहा था जिसके बाद मैंने फैसला किया था कि शादी से पहले अब किसी के साथ रिलेशनशिप में नहीं आऊंगी।

हम दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं और एक ही शहर में रहते हैं इसलिए दूर जाने का भी चांस नहीं है। समझाने का कोई असर ही नहीं पड़ रहा। मैं क्या करूं, बताइए।

वो मेरी फीलिंग्स समझता ही नहीं और मैं इस प्यार से काफी थक गई हूं- वैशाली की लव स्टोरी

मैं वैशाली हूं। मैं राजस्थान से हूं। मैं उस समय 20 साल की थी जब तीन साल पहले मेरे जीजा के कजिन भाई से एक शादी में मुलाकात हुई। एफबी के एक मैसेज से हमारी बात शुरू हुई थी। हम दोनों इसके बाद भी हमारे रिश्तेदारों की शादी में मिलते रहे। हम दोनों की वाट्सएप और एफबी पर बात होने लगी। एक साल तक ऐसे ही नॉर्मली चलता रहा, हम दोनों करीब आते गए। हम दोनों का रिश्ता सबसे छुपा रहा। एक साल बाद हम दोनों ने एक दूसरे के प्यार को एक्सेप्ट कर लिया। प्रपोज उसने ही किया था।

एक दिन मेरे भाई ने मेरे फोन में उसके साथ हुआ चैट देख लिया। वैसे मैं उसके नंबर और चैट डिलीट कर देती थी लेकिन उस दिन भूल गई थी। फिर तो घर में काफी हंगामा हुआ। मम्मी दीदी ने भी काफी डांटा। भैया ने हाथ भी उठाया मुझ पर। मेरे भैया उसे जानते थे तो उन्होंने उसको फोन कर बहुत धमकाया और कहा कि मैं तेरे घर आ रहा हूं तो यह सुनकर वह खुद ही चला आया। मेरे भैया ने उसको बहुत गाली दी, मारने भी उठे और फोन फॉर्मेट करा दिया।
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दो दिन तक बात नहीं हुई लेकिन उसके बाद मैंने अपनी फ्रेंड के फोन से उसे कॉल किया तो भाई की वजह से बहुत गुस्सा था। इसके बाद उसने कहा कि आगे से भाई को पता नहीं चलना चाहिए, ध्यान रखना। फिर हम दोनों के बीच बातें होने लगी, हम वीडियो कॉल पर भी बात करते थे। वह अपनी फैमिली से छुपकर बात करता था और मैं भी। मैं उससे मिलने को कहती तो वो गुस्सा करता था। फिर अचानक मेरे घरवालों को पता चल गया। मेरा भाई मेरा फोन लेकर गुस्से में चला गया तो पापा ने मुझसे पूछा कि तेरे और भाई के बीच क्या लड़ाई है तो मैंने उनको सबकुछ बता दिया।

मेरा बीएफ मेरे ही कास्ट का था। मैंने पापा को बताया तो वो उसके पापा को जानते थे। उन्होंने कहा कि दोनों का गोत्र एक ही है इसलिए शादी नहीं हो सकती। पापा ने कहा कि अब उससे बात मत करना कभी। भैया से फोन दिलवा दिया और उसी दिन मुझे दूसरे लड़के वाले देखने आ गए। मैंने मना किया लेकिन मुझे जबर्दस्ती उनके सामने भेजा गया। लड़का तैयार था लेकिन मैंने मना कर दिया। उसी शाम मैंने बीएफ को फोन पर ये सब बातें बताईं तो वो अपसेट हो गया।

हमारी बातें इस बीच बंद हो गई क्योंकि हम दोनों की बात खुलने से वह बहुत गुस्सा था। मेरे भैया की शादी फिक्स हुई तो मैं उसे कार्ड देने गई लेकिन उसने मुझसे बात तक नहीं की। मैंने उसको भाई की शादी में बहुत बुलाया लेकिन उसके परिवार के सभी लोग आए लेकिन वो नहीं आया। मैं बहुत रोई। वो मुझे इग्नोर करता था, मुझ पर गुस्सा करता था। फिर मैंने किसी तरह से उसको मनाया और हमारे बीच जब बातें शुरू हुईं तो उसने हमेशा मेरी गलती निकाली।

मुझसे उसने कहा कि बिना पूछे वहां जाते हो, यहां जाते हो, ये करते हो, वो करते हो…किसी न किसी बात पर शिकायत करता है तो मैं सॉरी बोलती हूं तो कहता है कि अपने आपको सुधार लो, ये बार बार सॉरी मत बोला करो। मैं अपने घर में दूसरों के सामने अपनी गलती मानकर इसी तरह झुकती रही हूं। कोई कहता है कि तुम्हारी गलती है तो मैं झुक जाती हूं। उसके सामने भी झुकती रही लेकिन उसने अपना बिहेव चेंज नहीं किया। कभी फोन पर मैं रोती हूं तो कभी वो रोता है। हम दोनों ही इस रिश्ते से हर्ट होते हैं लेकिन उसका कोई स्टैंड ही नहीं है, घर में हमारी शादी की बात ही नहीं कर पाता।

हम दोनों की आर्थिक स्थिति अच्छी है। मैं उससे बहुत प्यार करती हूं और उसकी एक बहन भी है जो मुझे बताती है कि भैया बहुत अपसेट रहते हैं लेकिन तुमसे प्यार करते हैं। मुझे भी लगता है कि वो प्यार करता है लेकिन पता नहीं क्यों वो ऐसा बिहेव करता है। मैं अभी एलएलबी कर रही हूं और वो मुझसे एक साल छोटा है। अभी मैं 23 साल की हूं और वो 22 साल का। मैं उससे शादी करना चाहती हूं लेकिन वो घर में बात भी नहीं करता। मेरी फीलिंग्स को समझता ही नहीं।

मैंने थक-हार कर उससे कहा कि 1 जनवरी तक फैसला कर लो वरना मैं इस रिश्ते से दूर हो जाऊंगी। रोज-रोज ऐसे रोकर खुद को हर्ट नहीं करना चाहती, ना तुमको हर्ट करना चाहती हूं तो उसने जवाब दिया कि अच्छा ठीक है 1 जनवरी तक बता दूंगा लेकिन उसके बाद से 1 जनवरी करीब आ रहा है लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया है? मैं इंतजार में हूं।