Tag Archives: रेगिस्तां शायरी

शायरी – एक नदी की चाहत तो उस रेगिस्तां को भी है

love shayari hindi shayari

समंदर से प्यार करना कोई नदी छोड़ पाती नहीं
रेगिस्तां की तरफ भूलकर भी कभी वो जाती नहीं

एक नदी की चाहत तो उस रेगिस्तां को भी है
मगर प्यासे की प्यास कोई भी बुझाती नहीं

जहां कांटें ही हैं, फूलों का खिलना मयस्सर नहीं
वहां रेतों को सींच, कोई गुलशन बसाती नहीं

जिधर पानी अथाह, उसी के दामन को थामेगी नदी
इधर पानी नहीं, ये कमी तो कभी भर पाती नहीं

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – मुझे हर दर्द अब तेरा ही अहसास लगे

love shayari hindi shayari

रेत अब बूंद लगे और बूंद की प्यास लगे
हूं समंदर में मगर रेगिस्तां मुझे पास लगे

मेरी रूह पे रह गया मोहब्बत का निशां यूं
फासला तुमसे हुआ तो तुम मुझे पास लगे

देखते रह गए तेरी हसीन तस्वीर को हम
पल पल तेरा अक्स मुझे आंखों क पास लगे

दर्द में पाया तुझे और मैं रो पड़ा अक्सर
मुझे  हर दर्द अब तेरा ही अहसास लगे

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – जब तलक दर्द मेरे दिल से नहीं मिट जाएगा

new prev new shayari pic

जब तलक दर्द को वो महसूस न कर पाएगा
तब तलक जमाना मेरी उदासी पे मुस्कुराएगा

दरिया की तलाश में चलता हूं जलते रेतों पर
दुनिया के रेगिस्तां में प्यासा दिल मर जाएगा

इस सवाल में उलझा रहता हूं मैं आठों पहर
तुमसे जुदा होकर मेरे पास क्या रह जाएगा

आंखों की ख्वाहिश है कि तुझे एक बार देखूं
तभी तेरे आशिक को जरा सुकून मिल पाएगा

©rajeevsingh              प्यार शायरी

prev shayari green next shayari green