Tag Archives: शहर शायरी

शायरी – कातिल से मोहब्बत कर बैठे

love shayari hindi shayari

खुद ही से अदावत कर बैठे
कातिल से मोहब्बत कर बैठे

वही अपना न रहा इस शहर में
जिनके लिए हम सबसे लड़ बैठे

उनके चर्चे जब हरसू होने लगे
सारे इल्जाम मेरे सर वो धर बैठे

खोजें जीने का कोई और ठिकाना
मिलने लगे हैं ताने अब घर बैठे

अदावत –  दुश्मनी
हरसू – हर तरफ

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

Advertisements

शायरी – जिंदगी का बिखर जाना अब आम बात है

love shayari hindi shayari

जिंदगी का बिखर जाना अब आम बात है
किसी मोड़ पर मर जाना अब आम बात है

खुशियों की खोज में लोग निकलते हैं शहर में
वहां से मातम लेकर आना अब आम बात है

तेरी दुनिया में ऐ खुदा अब छोटी सी बात पर
खत लिखके जहर खाना अब आम बात है

प्यार के परिंदे जो कहीं उड़ते हुए दिख जाएं
उनका कत्ल कर जाना अब आम बात है

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – शायद दोनों जुदा हो जाएं

love shayari hindi shayari


एक शहर में कितने घर हैं
तेरे घर हैं, मेरे घर हैं

तेरे अपने और मेरे अपने
सारे पत्थर, हम दो सर हैं

चार दीवारें, छत की दुनिया
बंदिश रस्मों के बिस्तर हैं

शायद दोनों जुदा हो जाएं
तुझमें-मुझमें बस ये डर है


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – ये खामोश दर्द, ये खामोश आह

love shayari hindi shayari


ये बंजर सी जमीं, ये बंजर आस्मा
ये बंजर सा शमा, ये बंजर दास्तां

काली सी घटा, काली सी हवा
है काले वक्त पे कुदरत के निशां

ये खामोश दर्द, ये खामोश आह
है खामोश इश्क, बेबस है जुबां

एक कली खिली मगर टूट गई
उसे लग गई शहर की आंधियां


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – एक खामोश मुसाफिर सा कोई

love shayari hindi shayari


एक खामोश मुसाफिर सा कोई
छू गया है मुझे साहिर सा कोई

घूमकर देखा जब शहर की तरफ
दूर तक था खड़ा पत्थर सा कोई

आईना नींद से जागा था तभी
जब उसे तोड़कर गया था कोई

ठहर गई है आंख में दरिया
इसके आगे है झरना सा कोई

साहिर- जादूगर, magician


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – अपने ख्वाबों में जिस दिन देखा तुमको

love shayari hindi shayari

अपने ख्वाबों में जिस दिन देखा तुमको
मोहब्बत ने कहा ये दिल दे दूं तुमको

कोई बनाए ख्वाब का अक्स कागज पे
उसे देखकर मैं पहचान लूं तुमको

जाने किस शहर में तुम मिलोगी मुझसे
तुम्हीं बताओ मैं कहां खोजूं तुमको

अब तो बस जी यही करता रहता है कि
जहां भी रहूं वहां बस सोचूं तुमको

©RajeevSingh # love shayari