Tag Archives: शाम शायरी

शायरी – शाम भी रूठी तेरे बिना, रात भी रोयी तेरे बिना

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शाम भी रूठी तेरे बिना
रात भी रोयी तेरे बिना

दिल को बहुत समझाया
समझा नहीं तेरे बिना

बिस्तर पे लेटी-लेटी
नींद न आई तेरे बिना

इश्क की बातें किससे कहूं
आंख भर आई तेरे बिना

©राजीव सिंह शायरी

शायरी – दर्द कम न हो कभी इस दिल में

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दो चिरागों को आग मिल जाए
दो दीवानों की आंख मिल जाए

हुस्न और इश्क पास बैठे हों
कोई तो ऐसी शाम मिल जाए

दोनों रूहों का कुदरती रिश्ता
काश दोनों को खबर मिल जाए

दर्द कम न हो कभी इस दिल में
चांद को भी तो दाग मिल जाए


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – जो फूल उसकी जुल्फों तक नहीं पहुंच सका

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मुहब्बत के मुकद्दर में वो हसीं शाम कभी होती
सोचता हूं ये जिंदगी तो उसके नाम कभी होती

जो फूल उसकी जुल्फों तक नहीं पहुंच सका
उसे तोड़ने को वो दिल से परेशान कभी होती

मुझे पत्थर समझकर जो हमेशा तराशती रही
उस खुदा से हमारी दुआ सलाम कभी होती

जिसको देखा किए हर शब उल्फत के आइने में
वह अक्स हमारे आशियां की मेहमान कभी होती

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – तू सिखा दे मुझे, कैसे तुझे हम भूल जाएं

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मेरी हर शाम तेरे गम में सुलग जाए
मेरी हर रात तेरी यादों में जल जाए

दिल के हर राग में तेरा ही दर्द होता है
मेरी आवाज इन आंखों से पिघल जाए

तू मुझे चाहे, न चाहे, मेरी ये चाहत है
जिसे भी तू चाहे वो तुझको मिल जाए

मेरा हर दर्द जानकर तू मुझे छोड़ गई
तू सिखा दे कि कैसे तुझे दिल भूल जाए

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – वहीं मिल जाएगी एक दरिया उसे रोती हुई

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अभी बरसात है, कभी रुकती कभी गिरती हुई
और एक शाम है भीगी हुई सी ढलती हुई

कौन जाने कि ये घटाएं कहां तक जाएंगी
जाने किस मोड़ पे बेवफा होगी हवा चलती हुई

जिस जगह कोई तलाशेगा वजूद अपना
वहीं मिल जाएगी एक दरिया उसे रोती हुई

ये फलक कितने मुसाफिरों का आशियाना है
फिर भी चिंगारियां हैं उसके दामन में जलती हुई

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – मेरा दिल तेरी यादों में डूब गया दरिया किनारे

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कितने दिनों के बाद मैं आया हूं दरिया किनारे
घाट पे मैं बैठा रहा देर तक दरिया किनारे

एक पत्थर पानी के दामन को छूकर खो गया
मेरा दिल तेरी यादों में डूब गया दरिया किनारे

शाम का ये चांद निकल आया है मेरे सामने
फिर अंधेरा छा रहा है आंखों में दरिया किनारे

अठखेलियां करते परिंदे खुद अपने में मस्त हैं
झुंड में तो कभी अकेले उड़ते हैं दरिया किनारे

(मेरी शायरी में जो दरिया, चांद या शाम है वह दरअसल वाराणसी में गंगा किनारे से प्रेरित है जहां मेरी शामें गुजरती थीं।)

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – हमसे भी क्यूं रोज तुम आंखें चुराया करते हो

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सारी दुनिया से तो तुम खुद को किनारा करते हो
हमसे भी क्यूं रोज तुम आंखें चुराया करते हो

धोखा है हर शाम को सूरज का डूब जाना भी
ये कहकर तुम चांद पे ऊंगली उठाया करते हो

जंगल को भी हिला गया आंधियों का काफिला
कैसे तुम अपनी आहें सीने में छुपाया करते हो

फिर तुम रात की साज पे गाने लगे अपनी गजल
जब शहर सोता है तो तुम दीप जलाया करते हो

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – ताने मिले हैं दुनिया के तेरे ही इश्क में

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तन्हाई में चले गए जब तू नहीं मिला
आईने से गले लगे जब तू नहीं मिला

ताने मिले हैं दुनिया के तेरे ही इश्क में
हम क्या जवाब देंगे जब तू नहीं मिला

रह लेंगे दीवारों से खामोशी बांटकर
कुछ कहने को बचा नहीं जब तू नहीं मिला

शामें तो काट लूंगी मैं उदास इस तरह
रातों को मैं रो लूंगी जब तू नहीं मिला

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – जाने क्या कहानी है जो खत्म नहीं होती

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अपनी जुबां तो खोलिए जब राहों में हैं मिलते
हम थक चुके हैं आपको सलाम करते-करते

मेरी निगाहें देखिए, दो उदास झील हैं बस
मुरझा गए हैं कितने ही कंवल खिलते-खिलते

जाने क्या कहानी है जो खत्म नहीं होती
ये उम्र गुजर जाए आपको पढ़ते-पढ़ते

महसूस ये होता है हर रोज मेरे दिल में
एक चांद सा जलता है हर शाम ढलते-ढलते

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – कभी तो मिलोगी तुम उसी दरिया पे बैठे हुए

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हम दरिया के पास थे शाम में बैठे हुए
भीड़ से दूर तन्हाई में चुपचाप से बैठे हुए

खामोशी का सिलसिला यूं ही चलता रहा
जाने कितने दर्द थे दिल में भी बैठे हुए

जब हुआ अंधेरा तो चांद और निखर गया
तुमको याद करते रहे हम भी वहीं बैठे हुए

शाम भी गुजर गई और ये सोचते घर आ गए
कभी तो मिलोगी तुम उसी दरिया पे बैठे हुए

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – अपनी आंखों में उसे बांध कर भला मैं कैसे रखूं

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शाम तो रख लिया अब रात को मैं कैसे रखूं
इतने उदास लम्हों को एक दिल में कैसे रखूं

हाथ आए थे चंद अश्क, छिटक के भाग गए
अपनी आंखों में उसे बांध कर भला कैसे रखूं

यादों के बयार संग मेरे दिल तक चले आए हैं
इन गर्द गुबारों को इस जिगर में अब कैसे रखूं

बूंद बनकर जो मेरी आंखों से दर्द बहा ले गया
ऐसे सावन को तेरे तोहफे के लिए मैं कैसे रखूं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – अश्कों में डूबता हुआ जलता हुआ दिल है

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मेरी उदास शाम की हालत तो देखिए
ढलते हुए शबाब की सूरत तो देखिए

अश्कों में डूबता जलता हुआ दिल है
सागर में उतरता हुआ सूरज तो देखिए

जैसे उड़ता परिंदा आकाश चीड़ता हो
सीने में उठे दर्द की ताकत तो देखिए

तन्हा सा आधा चांद फलक पे जला है
सितारों की भीड़ में आशिक तो देखिए

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – फिर कहां खो गए छोड़के मुझको एक दिन

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तुमको जाना ही पड़ा छोड़के मुझको एक दिन
दिल दुखाना ही पड़ा छोड़के मुझको एक दिन

तू परेशां है मेरे लिए दिल से अब भी
यूं भटकता ही गया छोड़के मुझको एक दिन

अब तो मुझमें भी एक शाम ढल आई है
जिसमें तू डूब गया छोड़के मुझको एक दिन

सुनके शहनाई मेरे दर से तुम लौट गए
फिर कहां खो गए छोड़के मुझको एक दिन

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari