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शायरी – अपनी ये दर्द भरी दास्तां सुनाता भी नहीं

love shayari hindi shayari

कभी मेरे दर पे तू भूलकर आता भी नहीं
अपनी कोई दर्द भरी दास्तां सुनाता भी नहीं

तेरे साये को भी मालूम नहीं मेरा नाम-पता
जुबां तो है मगर तू मुझसे पूछता भी नहीं

तू बता दे मुझे सच क्या है और झूठ क्या
मैं क्या जानूंगी जब तू कहीं बोलता भी नहीं

मैं सोचूं भी तो तू मुझको कहां मिलता है
मुझे खोने के खयाल से तू डरता भी नहीं

©RajeevSingh #love shayari

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शायरी – दिल में दर्द बसाने की हसरत ही नहीं

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तेरी दुनिया बेरहम हो चुकी मालिक
यहां आंसू बहाने की फुरसत ही नहीं

हर कोई परेशां है खुशियों के लिए
दिल में दर्द बसाने की हसरत ही नहीं

ऐसी दुनिया में कोई क्यों करे मुहब्बत
जिसने पहचाना तेरी कुदरत ही नहीं

जो सामने किसी के सच बोल देता हो
उनसे रखता यहां कोई सोहबत ही नहीं

©RajeevSingh