Tag Archives: सहारा शायरी

शायरी – इश्क के सागर में वो दूर गई इतनी

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तेरी सूरत का चिराग जो बुझा जीवन से
मुद्दतों तक आईने में कोई चेहरा न दिखा

इश्क के सागर में वो दूर गई इतनी
कि कश्ती को फिर अपना किनारा न दिखा

इन अंधेरों में अब सुकूं नहीं मिलता
मगर इसके सिवा कोई सहारा न दिखा

मैंने चांद को तलाशा बहुत आस्मा में
मगर अमावस में मुझको उजाला न दिखा

©RajeevSingh

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शायरी – सो चुके हैं सभी पर वो जागते ही रहे

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दोस्तों में तुमसे बड़ा कोई न हुआ
दुश्मनों में तुमसे बुरा कोई न हुआ

जान देने के उसूलों पे जो चलते हैं
उनको मरने के सिवा चारा कोई न हुआ

सो चुके हैं सभी पर वो जागते ही रहे
जिनके सोने का सहारा कोई न हुआ

मुंह पे एक बार जो कह दी सच्ची बातें
फिर मेरे रूबरू दोबारा कोई न हुआ

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – कितनी प्यासी थी ये लहरें रेतों के लिए

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जो सुलगता नहीं हो वो चिरागां कैसा
जो उजड़ता नहीं हो वो बहारां कैसा

मैंने पत्थर को भी शीशे का टुकड़ा समझा
बिना दिल के इन निगाहों का नजारा कैसा

जिंदगी थी तो तन्हा थे, ये भीड़ न थी
मेरी मैयत पे रिश्तों का ये सहारा कैसा

कितनी प्यासी थी ये लहरें रेतों के लिए
बिना रेतों के समंदर का गुजारा कैसा

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari