Tag Archives: सागर शायरी

शायरी – बह गए आंसू कतरा-कतरा

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खत का ये छोटा सा टुकड़ा
लाया है महबूब का दुखड़ा

सहमी-सहमी उंगलियों से
बह गए आंसू कतरा-कतरा

लिखा तो बहुत कुछ उसने
लेकिन हर्फ है बिखरा-बिखरा

कोरा कागज, कितनी बातें
बहता सागर, प्यासा गहरा


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

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शायरी – मैं तो टूटा आईना हूं

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मुद्दतों से तुमसे जुदा हूं
बूंद से सागर बना हूं

मुझमें अपना अक्स न देखो
मैं तो टूटा आईना हूं

जिस्म मेरा बर्फ का टुकड़ा
दिल का जलता आशियां हूं

हुस्न की एक आग हो तुम
और मैं इश्क का धुआं हूं


©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – आप जब तक मेरे कातिल हैं

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कोई बंदा गुनाह कर जाए
हमको कोई तबाह कर जाए

कश्तियां रेगिस्तां में तरसती हैं
कोई सागर आके भर जाए

जो खुदा बनके मुझमें बसते हैं
मेरी गलियों से वो गुजर जाए

आप जब तक मेरे कातिल हैं
हर गवाही से हम मुकर जाएं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – चल पड़ा हूँ किधर, जाने कौन शहर

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चल पड़ा हूँ किधर, जबसे छूटा है घर
और बिछड़ा है मेरा हसीं हमसफर
चल पड़ा हूँ किधर, जाने कौन शहर

अपने साये से रुखसत हुआ था कभी
जब दीये बुझ गए मुफ़लिसी में सभी
अब अंधेरे में रहता हूँ आठों पहर
चल पड़ा हूँ किधर, जाने कौन शहर

कोशिशें की बहुत, हौसले थे मगर
हो गया चाक मेरा ये नाज़ुक जिगर
फिर भी मिल न सका इश्क में रहगुज़र
चल पड़ा हूँ किधर, जाने कौन शहर

सागर से उठे थे धुएँ की तरह
फिर हवा में उड़े पंछियों की तरह
और घटा बनके एक दिन बरसी नज़र
चल पड़ा हूँ किधर, जाने कौन शहर

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – अश्कों में डूबता हुआ जलता हुआ दिल है

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मेरी उदास शाम की हालत तो देखिए
ढलते हुए शबाब की सूरत तो देखिए

अश्कों में डूबता जलता हुआ दिल है
सागर में उतरता हुआ सूरज तो देखिए

जैसे उड़ता परिंदा आकाश चीड़ता हो
सीने में उठे दर्द की ताकत तो देखिए

तन्हा सा आधा चांद फलक पे जला है
सितारों की भीड़ में आशिक तो देखिए

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – शबनम तेरे सागर की एक बूँद ही तो है

इश्क में आशिक और माशूक के बीच का रिश्ता रोशनी और परछाई का होता है। आस्मा के दिल में जो चांद रोशन है, वो किसी की परछाई है। महबूब की रोशनी पाकर ही आशिक की जिंदगी का अंधेरा छंटता है।

दिल के अंदर जज्बातों का एक समंदर हैं। वो दर्द का समंदर भी महबूब का दर्द बनाता है। दिल में उठने वाली लहरें आंखों से छलकती हैं। आंखों से होने वाली यही बारिश इश्क की जुबां होती है जिसके जरिए यह जाहिर होता है कि यहां मोहब्बत है।

तेरी सांसे शायरी इमेज
तेरी सांसों की हवा जो लग जाए
ये दिल की आग तो भड़क जाए

जिंदगी कितने ख्वाब दिखाती है। ऐसा लगता है जैसे ख्वाब रोज नया एक तमाशा दिखाती है और हम जिंदगी के मेले में खो सा जाते हैं। ये इश्क का मेला, ख्वाहिशों का तमाशा आशिक को दुनिया में गुमनाम सा कर देता है।

इश्क में जिंदगी वीरान सी हो जाती है। इस वीरानी में ख्वाहिशों के कई मजार हैं जिन पर आशिक रोज शम्मे जलाता है। रात यादों का शहर बन जाता है और ये शहर श्मशान सा नजर आता है जहां दुनिया की मजबूरियों में हर ख्वाहिश की लाश जलती नजर आती है।

इश्क की रोशनी एक तरफ जिंदगी को रोशन करती है तो दूसरी तरफ अगर मुकम्मल न हो तो जिंदगी को जलाती भी है। जिगर में दर्द की जलन सी होती है। इन्हीं अहसासों में डूबी हुई यह गजल जिसमें मोहब्बत के गहरे दर्द का बयां है। यह गजल इश्क की आग की वो जलन है…

रू-ब-रू आग के जब आईने बन गए
आस्मा के दिल में तब एक चाँद बन गए

शबनम तेरे सागर की एक बूँद ही तो है
वही बूँद मेरी आँखों की जुबां बन गए

ख्वाबों के तमाशों से हम उबर नहीं पाए
इस मेले में खोकर यूँ गुमनाम बन गए

मजारों पे कितने ही शम्मे जलाए हमने
यादों के शहर भी अब श्मशान बन गए

©RajeevSingh