Tag Archives: सूफी गीत

शायरी – दिल की आह न आए जुबां पे

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दिल की आह न आए जुबां पे
इश्क जो होया तो जी भर रोया

ओय बुल्लिया तेरी बात न माना
इश्क में पड़के दर्द को जाना
अपने जिगर में कांटों को बोया
इश्क जो होया तो जी भर रोया

रात फकीरी रे दिन भी फकीरा
सारे जहां में अब कोई न मेरा
घर भी गंवाई, सब कुछ खोया
इश्क जो होया तो जी भर रोया

©RajeevSingh

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शायरी – प्रीत में जोगन बन जाऊंगी मैं

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प्रीत में जोगन बन जाऊंगी मैं
तोरी नगरी पिया चली आऊंगी मैं

घर की दीवारें तो तोड़े नाही टूटे
अपनी देहरी मोसे जाने कब छूटे
पिंजरे को तजके उड़ जाऊंगी मैं
तोरी नगरी पिया चली आऊंगी मैं

नगरी में आके पिया तोरे दर पे
धूनी रमाऊंगी मैं दिल की अगन से
हवन की लकड़ी बन जाऊंगी मैं
तोरी नगरी पिया चली आऊंगी मैं

©RajeevSingh