Tag Archives: सैलाब शायरी

शायरी – गम की तन्हाई में तेरी याद मेरे चारों तरफ है

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मैं अंधेरे में हूं लेकिन ये सितारों की चमक है
गम की तन्हाई में तेरी याद मेरे चारों तरफ है

नजरअंदाज मैं करता रहा हूं इस जमाने को
मेरी आंखों में बसा एक सुनसान फलक है

तेरे सैलाबे-मुहब्बत का वो दरिया ना रहा
रेत में ताक रही अब मेरी तस्वीरे-पलक है

सांस की डोर से बांधी है ये उम्र तन्हा
भीड़ की राह पे मेरी सांसों का अंदाज अलग है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दीवाना तेरी दुनिया में कुछ दिन का मेहमान है

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दिल जख्मी है, जिस्म खाक है और जेहन परेशान है
दीवाना तेरी दुनिया में कुछ दिन का मेहमान है

एक समंदर सैलाबों का, जलता हुआ एक सहरा सा
एक पैकर में शोला-शबनम, तेरी आंखों की शान है

हालत दुश्मन क्या समझेगा, जाने कब शमा बदलेगा
मौत के दर पे मैं खड़ा हूं, कैद में मेरी जान है

चांद सुलगता पत्थर है, रात का आलम बंजर है
मेरे लम्हों के मंजर में कोई सुबह न शाम है

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – कोई मुजरिम भी फरिश्ता इश्क में हो जाएगा

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सो गया हर शै दुनिया में, इश्कवाले जागे हैं
आशिकों के दिन बदकिस्मत, रातें भी अभागे हैं

हम जुदाई के सदमे से इस तरह से टूट गए
ठहरे पानी में अब हरसू, दर्द की सैलाबें हैं

कोई मुजरिम भी फरिश्ता इश्क में हो जाएगा
पाक जिनसे होंगी रूहें, ऐसी भी गुनाहें हैं

ये तलबगारों की बस्ती जालिमों की बस्ती है
रंजिशों की इस महफिल में हम तन्हा रह जाते हैं

©RajeevSingh