Tag Archives: हमसाया शायरी

शायरी – प्यासे ही रह गए यहां दिलरूबाओं के सनम

love shayari hindi shayari

भूले नहीं है दर्द को हमसाया समझ के हम
जाएंगे हम जहां-जहां वहां चलेंगे दर्दो-गम

कितनी उदास सी फिजा, कितना वीरान आस्मा
गुलशन में चारों ओर है रोता हुआ मेरा चमन

दुनिया के रेगिस्तान से कोई उम्मीद क्या करें
प्यासे ही रह गए यहां दिलरूबाओं के सनम

दो बरस का हादसा उम्रभर होता रहा
घायल सी तन्हाइयों में अब चोट खा रहे हैं हम

Advertisements