Tag Archives: हिज्र शायरी

शायरी – जो पल गुजारे हमने तेरी याद में

love shyari next

बेदर्द ये रातें और हिज्र के मौसम
खुद पर खामोशी से मनाते हैं मातम

दिल में उठा अभी आंसू के तूफां
नजरों के रहगुजर में आया है सावन

बस्ती में कहीं पर निशां नहीं तेरा
हम ढूंढ़ रहे हैं कबसे तेरा आंगन

जो पल गुजारे हमने तेरी याद में
हर पल मिला है तेरे दर्द का दामन

हिज्र- जुदाई

©RajeevSingh # love shayari

Advertisements

शायरी – कागज पे लिखी बातें भी दिल तोड़ देती हैं

love shayari hindi shayari

बंद कर दूं ये दरवाजे, लगा दूं ये खिड़कियां
फुरसत है, उन्हें यादकर ले लूं मैं हिचकियां

हमने बनाए जाने कितने सपनों के महल
हिज्र के तूफान ने उजाड़ दी है बस्तियां

कागज पे लिखी बातें भी दिल तोड़ देती हैं
उनकी खतें पढ़के निकलती है सिसकियां

तेरी यादों के गुलशन में बैठा मैं कई पहर
आंखों से उड़ती रही अश्कों की तितलियां

हिज्र- जुदाई
अश्क- आंसू

©RajeevSingh # love shayari

शायरी – पलकों की आगोश में तुझे रखती हूं

love shayari hindi shayari

पलकों की आगोश में तुझे रखती हूं
रात-दिन बस तेरे दर्द में मैं बहती हूं

दिल तेरे साज पे एक राग में रोता है
मैं तेरे इश्क में तन्हाइयों में गाती हूं

हिज्र के कांटों बीच गुलाब है तू सीने में
यूं ही आठों पहर तेरे गम में महकती हूं

हाथ उठे हैं कई बार करने को दुआ
तुम मेरे बिन न जलो, बस यही कहती हूं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – हद से ज्यादा ये दर्द जब बढ़ जाएगा

love shayari hindi shayari

हम वस्ल के वहम में जीये जाएंगे
हिज्र के दर्द अलम से पीये जाएंगे

तेरी यादों की रातों में रोएंगे हम
इश्क में ये सितम भी सहे जाएँगे

हद से ज्यादा ये दर्द जब बढ़ जाएगा
हम खामोशी को तोड़ गजल गाएंगे

जब फुरकत के सदमे मिले हैं हमें
तुमसे मिलने की दुआ बस मांगेंगे

वस्ल- मिलन
फुरकत- विरह
हिज्र – जुदाई

अलम – वेदना, कष्ट

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari

शायरी – दर्द टूटा है बड़ी जोर से आहें भरके

love shayari hindi shayari

दर्द टूटा है बड़ी जोर से आहें भरके
आह निकली है बड़ी देर से सजदा करके

दीद तेरी ही हुई थी, हिज्र तुमसे ही मिले
इश्क तो रह गया है मौत का नगमा बनके

शमा, मेरे हाल पे मेरे तू नाराज न हो
तू देख खामोशी से एक परवाना जलते

मौत जब आ ही गई तो गिला क्या करें
जिंदा रहते तो तेरे गम को सदमा कहते

सजदा- इबादत, सिर झुकाना
दीद- दर्शन, to see
हिज्र- जुदाई

©RajeevSingh #love shayari

शायरी – हुस्न क्या चीज है, उन आंखों में डूबकर जाना

love shayari hindi shayari

हुस्न क्या चीज है, उन आंखों में डूबकर जाना
इश्क क्या होता है, अश्कों को बहाकर जाना

वो मुसलसल रहती है मेरे जिस्मो-जां में
अपने खयालों की किताबों को पढ़कर जाना

लुत्फ मिलता है गमे फिराक के मंजर में भी
हिज्र में चांद-सितारों के संग जागकर जाना

बुझ गया था वो चिराग मेरे जीवन का
मैंने शहनाई की आवाज को सुनकर जाना

गमे फिराक – जुदाई का गम
हिज्र – जुदाई

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari