Tag Archives: हुनर शायरी

शायरी – मेरे जज़्बात के हर कतरे में तुम बहने की अदाएँ सीख गए

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हम रोने का हुनर सीख गए
तुम आकर आँसू में भींज गए
मेरे जज़्बात के हर कतरे में
तुम बहने की अदाएँ सीख गए

फिजा की बिखरी यादों में
फूलों में सँवरे काँटों में
कायनात के दर्द की सोहबत में
हम जीना-मरना सीख गए

शाम की धुंधली राहों पर
गम की अँधेरी रातों पर
ख्वाब के टूटे शीशों पर
मुस्कुरा के चलना सीख गए

जख़्म के पहलू में सोकर
नग़मों को कागज पे लिखकर
अपनों के प्यार से दूर होकर
हम जीवन जीना सीख गए

©RajeevSingh #love shayari

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शायरी – एक आह सी आती है, उनकी तो नहीं

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रातों में सुनी है मगर देखी तो नहीं
एक आह सी आती है, उनकी तो नहीं

अपना हुनर तराशा है जिनके हुस्न से
मेरी इन गजलों में वही अक्स तो नहीं

दिल को ये दिलासा है, वो है जमीं पे
ये चांद उसी दिलदार का साया तो नहीं

जिस अजनबी ने मुझको तलबगार किया
उनसे मेरी रूह का कोई रिश्ता तो नहीं

©RajeevSingh # love shayari #share photo shayari