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जज्बात पेज की वजह से प्रेमी जोड़ों की जान बची

इस पेज की वजह से कुछ लोगों की जान भी बची है। 5 महीने पहले एक रात को ऐसी ही घटना हुई थी। उस रात अगर मैंने सोने से पहले जज्बात पेज का वाट्सएप चेक न किया होता तो शायद कुछ बुरा हो सकता था। लगभग 12 बजे मैं सोने जा रहा था तो मैंने जज्बात पेज के नंबर का वाट्सएप देखा तो एक लड़की श्रद्धा का मैसेज था – उसने लिखा था कि दिल्ली में उसका परिवार रहता है और वहीं मोहल्ले के लड़के से उसका अफेयर था।

इस अफेयर के बारे में जैसे ही श्रद्धा के परिवार को पता चला, उन्होंने उसको दिल्ली से आजमगढ़ भेज दिया और जल्दबाजी में यूपी पुलिस के एक सिपाही से उसकी शादी तय कर दी। जिस दिन सगाई होनी थी, उससे ठीक एक दिन पहले श्रद्धा और उसके लवर ने चुपके से भागने का प्लान बनाया। लड़का दिल्ली से आजमगढ़ की ओर चला और उधर श्रद्धा भी तैयारी में थी लेकिन उसके घर वालों को इस भागने के प्लान के बारे में पता चल गया।

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दरअसल लड़के ने दिल्ली से आजमगढ़ जाने से पहले वहां कुछ लोगों को इस बारे में बता दिया और उन लोगों ने श्रद्धा के मां-बाप को इसकी जानकारी दे दी थी। लड़का ट्रेन में था और इधर आजमगढ़ में श्रद्धा के घर के लोग रेलवे स्टेशन पर उसका इंतजार कर रहे थे। वो लोग लड़के के साथ कुछ भी कर सकते थे, इस डर से श्रद्धा सहम गई थी और वह चोरी से रखे गए एक मोबाइल से लगातार अपने लवर को वापस दिल्ली लौटने को कह रही थी।

लेकिन लड़का लौटने को तैयार नहीं था, वह श्रद्धा से कह रहा था कि वो जान दे देगा लेकिन आजमगढ़ जरूर आएगा। अभी ट्रेन कानपुर से पीछे ही थी कि श्रद्धा का मैसेज मेरे पास रात को आया था। उसने मुझसे कहा कि आप ही किसी तरह उसको समझाइए कि वो आजमगढ़ न आए, उसकी जान को खतरा है। मैं भी बात सुनकर परेशान हुआ लेकिन जानता था कि दीवाने को बस उसकी प्रेमिका ही रोक सकती थी।

मैंने श्रद्धा से कहा कि तुम उसको बोलो कि जान बचेगी तब तो हम दोनों मिल पाएंगे और कहो कि हम जरूर मिलेंगे लेकिन इस वक्त लौट जाओ। मैंने कहा कि श्रद्धा आज की रात जितने वादे कर सकती हो, झूठ भी बोलना पड़े तो बोलो लेकिन इसको ट्रेन से उतारना है। इसके बाद वो फिर से लड़के को मनाने लगी और आखिरकार रोते-धोते वो कानपुर स्टेशन पर उतरने के लिए तैयार हो गया। श्रद्धा ने उस लड़के को मेरा नंबर दे दिया था।

अगले दिन श्रद्धा की सगाई हो गई और इधर लड़का दिल्ली पहुंचा तो मुझे परेशान करने लगा। मैंने कहा कि वकील और पुलिस की मदद लो। लड़का काफी परेशान था लेकिन मुझे इस बात की खुशी थी कि भले श्रद्धा की सगाई किसी और से हो गई लेकिन दो जानें बच गईं। उस दिन के बाद अचानक श्रद्धा गायब हो गई और लगभग दो महीने बाद उसने मुझे नए नंबर से मैसेज किया।

श्रद्धा ने कहा कि मैंने मां-बाप के लिए जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला लिया है। उसके लवर ने भी कोशिश करनी छोड़ दी क्योंकि श्रद्धा ने फोन पर बाद में उसको साफ मना कर दिया था कि उसकी सगाई हो चुकी है और अब वो मां-बाप की इज्जत की परवाह करती है। दरअसल सगाई के ठीक बाद श्रद्धा के मां-बाप ने उसको रिश्तों और इज्जत का वास्ता दिया था जिसके बाद वो मजबूर हो गई थी।

श्रद्धा ने मुझसे कहा कि मैंने खुद को किस्मत के भरोसे पर छोड़ दिया है। मैं नहीं जानती कि आगे मेरा क्या होगा? और आखिरी बात जो उसने कही, वो मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा। उसने कहा कि अगर कभी उसका लवर मिले तो कहिएगा कि श्रद्धा उसकी जान बचाने के लिए बेवफा हो गई।

मैंने अपनी ही जाति में प्रेम किया और अब हमारी शादी हो रही है….

मैं लखनऊ से सगुन हूं। मैं अभी 22 की हूं। पीजी कंप्लीट कर लिया और जॉब की तैयारी कर रही हूं। मैं हमेंशा से ही अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती थी, घर से कॉलेज और कॉलेज से घर बस इतना ही था। मेरी जिंदगी में कुछ दोस्त कॉलेज में जरूर थीं और वो सब मेरी जैसी ही थीं। हम सबकी एक सोच थी कि शादी मम्मी-पापा के मन की ही करेंगे, लव मैरिज नहीं करेंगे। प्यार-व्यार कुछ भी नहीं होता।

कॉलेज में लड़के भी थे लेकिन लड़कियों का हमारा ग्रुप उनसे काफी दूर रहता था इसलिए कॉलेज मे भी हमारी बहुत तारीफें हुआ करती थीं। घर में भी सब बहुत खुश थे। हर जिद पूरी होती थी। बस एक के अलावा कि फोन मत मांगो। मेरी सभी दोस्तों के पास फोन था और अब 12वीं करने के बाद मुझे भी चाहिए था। पर घर में ये जिद कोई पूरी नहीं करना चाहता था। बस इस डर से कि ये फोन में लग जायेगी, फिर पढ़ाई नहीं करेगी।

मैं काफी समझदार थी। मैं अपना अच्छा-बुरा बहुत अच्छे से जानती थी। एक दिन पापा ने बोल ही दिया कि चलो आजकल सब बच्चों के पास फोन होता है, इसे भी मिलना चाहिए। फिर क्या था, मुझे भी मिल गया। वैसे मेरे स्टोरी काफी लंबी है पर मै बस यहां से बताऊंगी कि एक दिन मुझे भी प्यार हो ही गया। मुझे खुद समझ नहीं आया कि आखिर ये हुआ कैसे। वो हमारी कास्ट के ही हैं। मैंने आपको पहले ही बताया था कि मैं काफी समझदार हूं।

मैं अंधी होकर प्यार में नहीं पड़ी। मैंने अपने लिए एक ऐसा जीवनसाथी चुना जिससे मेरे घर में कोई परेशानी ना खड़ी हो। जब मुझे यकीन हो गया कि ये इंसान मुझे समझता है ,हमारी इज़्ज़त करता है, मैंने मेरी मां को सब सच बता दिया। मां ने पापा से बात की। दोनों ने मिलकर फैसला लिया कि उस लड़के से मिल लेना चाहिए। मम्मी-पापा उससे मिले और उन्हें मिलकर बहुत अच्छा लगा।

आज हमारे रिलेशनशिप के 3 साल पूरे हो गए हैं। वो बीटेक फाइनल ईयर में है। बस इंतजार है उनकी पढ़ाई पूरी होने का बस, अब 10 महीने बाद शादी। बहुत खुशनसीब हूं मैं। मैंने जिनसे प्यार किया, उनसे अब जिंदगीभर करूंगी एक पत्नी के रूप में। पहला प्यार मेरे पापा थे और मेरा आखिरी प्यार मेरे पति होंगे। बहुत सी प्रॉब्लम आई हमारी जिंदगी में। बहुत उतार-चढ़ाव भी देखे पर एक दूसरे पर इतना ज्यादा ट्रस्ट था कि हम कभी अलग नहीं हुए….

मेरा बीएफ मजबूर है, शादी नहीं कर सकता, मैं एरेंज मैरिज कर लूं?

मैं रिया हूं। मैं अभी तीस साल की हो चुकी हूं। जब मैं 16 साल की थी तब मेरी लाइफ में एक लड़का आया। वो बहुत अच्छा था लेकिन तीन साल बाद उसका बिहेव बदलने लगा। वो नई-नई लड़कियों से बात करने लगा। मुझमें उसे बहुत सारी कमियां ही कमियां नजर आने लगीं। मैं उस समय करीब 20 की थी और बहुत रोती थी। फिर उसने मुझे छोड़ दिया। मैं खामोशी से धीरे-धीरे जिंदगी में आगे निकल गई।

इसके बाद मैं बहुत समय तक लड़कों से दूर रही। फिर एक दिन मेरे एक क्लासमेट ने मुझे प्रपोज किया। वो मुझे बहुत प्यार करता है। मुझे खोना नहीं चाहता। शादी करना चाहता है। मैं उसके साथ बहुत खुश हूं और अपनी पास्ट बिल्कुल भूल चुकी हूं। लेकिन यहां हमारी कास्ट सेम नहीं है। मेरी फैमिली शादी के लिए मान गई है लेकिन उसके पापा नहीं मान रहे। वो बहुत रोता है।

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लेकिन मेरी भी उम्र तीस साल की हो चुकी है और मां-पापा मुझे शादी के लिए फोर्स कर रहे हैं। एक अच्छा रिश्ता आया है और वो लड़का अच्छा है। किसी चीज की उसके यहां कोई कमी नहीं है पर मैं क्या करूं? मेरा बीएफ मुझसे कहता है कि मां-पापा जहां कह रहे हैं, वहां शादी कर लो। वो अपने मां-बाप का इकलौता बेटा है और वो उनको दुखी नहीं करना चाहता। उनके खिलाफ जाकर मुझसे शादी नहीं कर सकता।

जो प्यार मैं कभी सपनों में सोचा करती थी, वैसा प्यार मुझे अपने बीएफ से मिला लेकिन वो मजबूर है। मैं खुद उससे दूर नहीं जाना चाहती लेकिन वो मेरा नहीं हो सकता क्योंकि उसके मां-बाप ऐसा नहीं चाहते। मेरे लिए जो रिश्ता आया है, क्या मैं वहां शादी कर लूं? मैं बहुत टेंशन में हूं। मैं आगे अब क्या करूं?

पेज एडमिन की सलाह

मैंने रिया से कहा है कि मां-बाप जहां कह रहे हैं वहां वो शादी कर ले क्योंकि बीएफ के साथ रिश्ते का कोई फ्यूचर नहीं है। दरअसल वो शादी करना चाहती है क्योंकि बीएफ का वो कितना इंतजार करेगी। बीएफ को अपने मां-बाप की परवाह है तो वो भी तो अपने मां-बाप की परवाह करेगी। सिचुएशन में वो उलझी हुई थी। वो ये कह रही थी जो रिश्ता आया है वो अच्छा लड़का है तो मैंने उससे कहा कि शादी कर लो। रिया मेरी बात सुनकर खुश हो गई। मुझे लगा कि रिया मैच्योर लड़की है। वो सब संभाल लेगी क्योंकि वो पहले भी प्यार में झटका खा चुकी थी। एक बार जिंदगी में जो झटका खाकर संभल जाते हैं, वो कुछ भी कर सकते हैं।

पेज रीडर्स की सलाह

किसी और से शादी करने के छह साल बाद उसने अचानक मुझे कॉल किया, लव स्टोरी

मैं संदीप हूं। लगभग 20 दिन पहले अंजान नंबर से मेरे पास एक मिस कॉल आई। मैंने अपनी तरफ से उस नंबर पर कॉल किया तो उधर से किसी ने उठाया लेकिन कोई आवाज नहीं आई। अगले दिन उसी नंबर से फिर मेरे पास फिर कॉल आई तो पता चला कि वो ही है। छह साल पहले उसने मुझे छोड़कर किसी और से शादी कर ली थी। उसके बाद मैंने किसी तरह से खुद को संभाला था।

अब छह साल बाद पता नहीं कैसे, उसे मेरी याद आ गई। जैसे ही पता चला कि कॉल पर वो है, मैंने दिल को थोड़ा संभाला और फिर बिना लड़खड़ाए, बिना रोये-धोये उससे बात की। अगले दिन फिर कॉल आया तो मैंने 15-20 मिनट इधर-उधर की बात की। इसके बाद मैं सात दिनों के लिए बाहर घूमने हिल स्टेशन चला गया। वहां मैंने फोन बंद कर रखा था।

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जब मैं वापस आया तो मेरा दोस्त बता रहा था कि उसके पास सात दिन उस लड़की ने लगातार कॉल किया और मेरा हाल-चाल लेती रही। वो पूछ रही थी कि मैं कहां गया हूं और कब लौटकर आऊंगा। उसने मेरे दोस्त को बताया कि उसके दो बेटे हैं और उसकी लाइफ में सब ठीक चल रहा है।

हिल स्टेशन से लौटने के बाद मैंने उसे फिर कॉल किया तो उसने ठीक से बात नहीं की। मैंने उसको कहा कि छह साल बाद भी तुम वैसी की वैसी ही हो, मैं फोन काट रहा हूं और आगे से कभी तुमको कॉल नहीं करूंगा। इसके बाद से अब आठ दिन बीत चुके हैं लेकिन न तो मैंने उसको कॉल किया और न ही उधर से उसने किया।

अब आपलोग ही बताइए, मैं क्या करूं। छह साल बाद आखिर वो मुझे कॉल क्यों कर रही थी और अब मेरा कॉल क्यों इग्नोर कर रही है? छह साल पहले उसकी शादी के बाद मैं बड़ी मुश्किल से खुद को संभाल पाया हूं। मैं कभी इस लड़की की वजह से खुदकुशी करने की सोच रहा था लेकिन मैंने जिंदगी में खुद को संभाल लिया और उसके बगैर जीना सीख लिया।

अब छह साल बाद मेरे साथ ये क्या हो रहा है, कुछ समझ नहीं आ रहा। दिमाग काम नहीं कर रहा कि ये क्या हो रहा है, आगे क्या होगा और क्या होना चाहिए…मतलब मुझे क्या करना चाहिए?

पेज एडमिन राजीव की सलाह

छह साल बाद आपसे बात करने की कई वजहें हो सकती हैं। हो सकता है कि शादी के छह साल बाद वो अकेली फील कर रही होगी क्योंकि अमूमन इतने सालों बाद शादी के रिश्ते में वो बात नहीं रह जाती और पति-पत्नी का एक-दूसरे में इंट्रेस्ट भी कम होने लगता है। ऐसा अक्सर देखने को मिलता है।

या फिर वो आपसे कुछ कहना चाहती होगी, जो छह साल पहले न कह पाई हो। या फिर उसकी अभी की कोई प्रॉब्लम हो जो वो किसी से न कह पाई हो और आपसे ही कहना चाहती हो। या फिर हो सकता है कि वो छह साल बाद यह जानना चाहती होंगी कि आप किस हाल में जी रहे हैं?

दो दिन बात करने के बाद आप हिल स्टेशन चले गए और सात दिन फोन बंद रहा तो उनको यही लगा होगा कि आप बात नहीं करना चाहते, इग्नोर कर रहे हैं। दोस्त से उन्होंने आपका हाल जाना तो उनको लगा होगा कि आप अपनी जिंदगी में खुश हैं तो फिर क्यों आपको डिस्टर्ब किया जाय?

ऐसे में अगर कभी बात हो तो आप मैच्योरिटी दिखाइए। उनसे पूछिए कि कोई प्रॉब्लम हो तो वो बताएं और उनको सलाह दीजिए कि अगर कोई प्रॉब्लम न हो तो अपनी जिंदगी में वो खुश रहें।

पेज रीडर्स की सलाह

प्रेम विवाह के दो साल बाद पति का प्यार कम हो गया है, मैं अलग होना चाहती हूं

मैं सिमरन हूं। मेरी दो साल पहले लव मैरिज हुई थी तब मेरे हसबैंड मुझसे बहुत प्यार करते थे लेकिन अब उनके पास मेरे लिए टाइम ही नहीं होता। अब मुझे लगता ही नहीं कि वो मुझसे प्यार करते हैं और मैं उनसे अलग होना चाहती हूं लेकिन वो मुझे डाइवोर्स भी नहीं देना चाहते।

मैं सोचती हूं कि जब रिश्ते में न प्यार रहा और न ही रिस्पेक्ट तो अलग होना ही सही होगा। मैंने हम दोनों के रिश्ते को बचाने की बहुत कोशिश की। जब मैं अपनी बात को लेकर उनसे लड़ाई कर लेती हूं तो कुछ दिन तक वो ठीक रहते हैं लेकिन फिर कुछ दिन बाद उनका बिहेव पहले जैसा हो जाता है।

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मेरे हसबैंड प्राइवेट जॉब करते हैं। मैं अब उनसे अलग होकर जॉब करना चाहती हूं। हमारा एक बेटा भी है और मुझे हर हालत में बेटे को साथ रखना है। मैं अपने बेटे के बिना नहीं रह सकती। मैं बेटे के साथ लाइफ को शांति के साथ जीना चाहती हूं।

हलांकि मैं ये भी चाहती हूं कि अगर ये रिश्ता बच जाए तो बचाने की और कोशिश करूं, लेकिन ऐसा क्या करूं कि वो मुझसे प्यार करें, मेरे लिए वक्त निकालें। फिर तलाक लेने का भी मन करता है लेकिन वो तैयार ही नहीं हैं। मेरी सारी बातों को ध्यान में रखते हुए अच्छा सजेशन दीजिए।

पेज एडमिन राजीव की सलाह

सिमरन, कई लव मैरिज टूटने के पीछे यही मनोविज्ञान होता है जो आपके साथ हो रहा है। शादी से पहले के प्यार और शादी के बाद के प्यार में जब तुलना करने लगते हैं तो परेशानी खड़ी हो जाती है। नेचर की हर चीज में उतार-चढ़ाव है, इसे स्वीकार करना होगा। जो जॉब आप तलाक के बाद करना चाहती हैं, वही जॉब अगर आप अभी कर लें तो आपकी समस्या दूर हो जाएगी क्योंकि तब आप भी पति के लिए समय नहीं निकाल पाएंगी और उतना प्यार भी उनको नहीं दे पाएंगी जो शादी से पहले आप उनको देती थीं।

प्राइवेट जॉब करनेवाले की अपनी परेशानियां होती हैं। आप हो सके तो उनकी परेशानियों में उनका सपोर्ट करें। आपके झगड़ों की वजह से हो सकता है कि वो दूर चले गए हों या जो भी वजह हो, आप उनसे पूछिए। आप दोनों पति-पत्नी ही नहीं, लव कपल भी रहे हैं तो खुलकर तो बात कर ही सकती हैं।

अभी हमारे आसपास एक परिवार में ऐसी ही परेशानी आई थी। पत्नी हमेशा पति से समय और प्यार की शिकायत करती रहती थी। वहां पति को मेरे दोस्त ने सलाह दिया कि पत्नी की जॉब लगवा दे, सब ठीक हो जाएगा और हुआ भी यही। पति ने कोशिश करके पत्नी की जॉब लगवा दी, उसके बाद दोनों को वीकेंड पर ही प्यार करने का समय मिल पाता था। शादी बच गई और समस्या भी खत्म हो गई। हमारी कई समस्याओं की जड़ हमारा खालीपन है, उसे दूर कीजिए, समस्या दूर हो जाएगी।

पेज रीडर्स की बात

एक खराब शादी के बाद मैं किसी तरह जिंदा बची तो प्यार ने मेरा सबकुछ छीन लिया…

मैं अंजू हूं और यूपी के एक शहर में छोटी सी जॉब करती हूं। अभी 26 साल की हूं। मैं अपनी तकलीफ किसी से कह नहीं पा रही हूं इसलिए आप सबसे शेयर कर रही हूं। जब 18 साल की थी तब मेरी शादी मां-बाप ने एक सप्ताह में ही कर दी थी। लड़केवालों ने मेरे मां-बाप से कहा कि लड़के की दादी की हालत बहुत नाजुक है और वो दुनिया छोड़ने से पहले पोते की शादी देखना चाहती है, इसलिए जल्दी से जल्दी शादी करनी है। मेरे मां-बाप ने देखा कि लड़क इकलौता है और घर भी ठीक है तो उन्होंने भी हां कर दी। लेकिन जब मैं शादी करके ससुराल गई तो वहां पता चला कि लड़केवालों ने झूठ बोला था और मेरे साथ धोखा हुआ था।

मेरा पति नकारा था और बहुत नशा करता था। पहले ही दिन से उसने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। रोज मेरे साथ मारपीट होती और मेरे सास-ससुर बस देखते रहते। मैंने डर के मारे अपने मम्मी पापा को कुछ नहीं बताया। मैंने सोचा कि अगर वो जानेंगे तो उनको तकलीफ होगी। फिर एक दिन सबकुछ मेरे बर्दाश्त से बाहर हो गया। वो मुझे अपने मां-बाप के सामने ही मार रहा था। मेरे सर से खून निकलने लगा। पता नहीं मुझमें कहां से हिम्मत आई, मैंने पति को धक्का दिया और घर से बाहर भाग गई और भागती रही। रास्ते में मुझे भगवान के रूप में एक इंसान मिला। उसने एक गाड़ी में मुझे बैठाया और ड्राइवर को पैसे देकर कहा कि जहां ये कहे, इसे छोड़ देना। मैं उस गाड़ी से मां-बाप के घर चली गई।

मेरे मां-बाप मुझे इस हाल में देखकर रोने लगे। फिर ससुरालवाले आए और समझा-बुझाकर मुझे ले गए लेकिन वहां कुछ भी नहीं बदला। मैंने मां को सारी बात बताई तो वो फिर आकर मुझे ले गई। मैं इस बार मां के घर आठ महीने तक रही। मां-पापा कहने लगे कि बेटी अब ससुराल ही तुम्हारा घर है। ससुरालवाले फिर आए और मुझे ले गए। मेरा पति नहीं सुधरा। इस बार मैं प्रेग्नेंट हो गई तो मां ने सोचा कि बच्चा होगा तो सब ठीक हो जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। मेरी बेटी हुई। एक साल तक किसी तरह मैंने ससुराल में बिताया। मेरी बच्ची का बर्थडे था, उस दिन मैंने काफी तैयारी की थी लेकिन रात में मेरा पति शराब पीकर आया और बहुत नाटक किया।

मैंने अपने भाई को फोन कर बुलाया और ससुराल से बेटी को लेकर मायके आ गई। मैंने उस रात नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की लेकिन बच गई। दो दिन बाद जब होश आया तो ठान लिया कि अब मैं ससुराल नहीं जाऊंगी। मेरे पापा कहने लगे कि ऐसा नहीं होता बेटा, लोग क्या कहेंगे। मैंने भी कह दिया कि अब ससुराल मेरी लाश जाएगी। मैंने तलाक का केस दायर किया और केस अभी चल रहा है। मैंने मां के घर अपनी बेटी को छोड़ा और खुद जॉब तलाशने दूसरे शहर में चली आई। यहां मेरी सहेली की मदद से मुझे एक नौकरी मिल गई। लेकिन बदकिस्मती ने फिर भी मेरा पीछा नहीं छोड़ा। मेरी दोस्त हमेशा अपने भाई के बारे में बात किया करती थी जो प्यार में बहुत दुखी था।

मैं अपनी दोस्त के यहां आती-जाती थी। उसके भाई का एक लड़की से ब्रेकअप हुआ था और वो बहुत परेशान रहता था। उसके भाई से मेरी बात होने लगी और वो अपना दर्द मुझसे शेयर करने लगा। मैं उसके तकलीफ को अपना समझने लगी और फिर एक दिन उसने मुझे प्रपोज कर दिया। उसने कहा कि तुम्हारे बारे में मुझे सब पता है लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उसने कहा कि मैं हमेशा तुम्हारा साथ दूंगा लेकिन तुमसे शादी नहीं कर सकता। मेरे अंदर भी उसके लिए प्यार था इसलिए हां बोल दिया।

कुछ दिन बाद हम दोनों की लड़ाई होने लगी क्योंकि वो और भी लड़कियों से बात करता था जो मुझे अच्छा नहीं लगता था। वो अपने दोस्त की पत्नी से अफेयर करने लगा तो मैं बहुत परेशान रहने लगी। वो फोन पर दोस्त की बीवी से लगातार बात करता था, इसी बात पर हमारी लड़ाई होती थी। इस बीच हम दोनों के बीच फिजिकल रिलेशन बन गए जिस वजह से मैं प्रेग्नेंट हो गई। उसने मुझे अबॉर्शन कराने को कहा लेकिन पहले मैंने मना किया तो मुझे सुसाइड करने की धमकी देने लगा। मजबूर होकर मैंने बच्चा गिरा दिया जिसके बाद से मैं काफी गिल्ट फीलिंग के साथ जी रही हूं कि मैंने अपने ही बच्चे को मार दिया।

उसने मुझसे कहा कि तुम जिसकी भी लाइफ में रहोगी, वो बर्बाद हो जाएगा। उसने सारा ब्लेम मेरे ऊपर डाल दिया। कहने लगा कि तुम्हारे हसबैंड की कोई गलती नहीं होगी, तुम ही गलत हो। मैंने उसके लिए क्या नहीं किया। उसने मुझसे जब-जब पैसे मांगे, मैंने किसी तरह इंतजाम करके उसे दिया। मैंने दूसरों से कर्ज तक लिया। फिर भी उसने मेरे साथ ऐसा किया। कहने लगा कि अपनी मां से बहुत प्यार करता हूं, उनके खिलाफ नहीं जाऊंगा, तुमसे शादी नहीं करूंगा।

उसकी बहन यानी मेरी दोस्त और उसकी मां को बस ये पता है कि हम दोनों के बीच कुछ अफेयर जैसा था लेकिन ब्रेकअप हो चुका है। अब उनको लगता है कि हम दोनों के बीच कुछ भी नहीं है। मेरी दोस्त और उसकी मां भी नहीं चाहती थी कि हम दोनों का रिश्ता आगे बढ़े। लेकिन हम दोनों रिश्ते में इतने आगे बढ़ चुके थे, ये उन लोगों को नहीं मालूम।

मैं आज भी उसे बहुत प्यार करती हूं और उसके बिना नहीं जी सकती। पहले पति खराब मिला और उसके बाद ये भी वैसा ही निकला। मैं जिंदगी से बहुत थक चुकी हूं। मैं बर्बाद हो चुकी हूं। मुझे बहुत अफसोस होता है कि मैंने अपने ही बच्चे को मार दिया। उसको इस बात का अहसास तक नहीं है कि उसने कितना गलत किया।

मैंने अपने ही बच्चे को मार दिया, यह अहसास भी मुझे जीने नहीं दे रहा। दूसरी तरफ, जिंदगी में फिर मुझे धोखा मिला, मैं क्या करूं….

पेज एडमिन राजीव का जवाब

अंजू से मेरी बात हुई है तो मैंने उनको डिप्रेशन का इलाज कराने को कहा है ताकि वो नॉर्मल हो सके। जब तक वो इमोशंस में बहती रहेगी, तब तक बुरे-बुरे ख्याल आते रहेंगे। जब डिप्रेशन से निकलेगी तब जाकर वो कुछ बेहतर सोच सकती है। साथ ही, मैंने उनको वही कहा है जो अब तक कई बार कहता आया हूं। लड़की अक्सर लड़के की खराबी सामने आने के बाद भी यही कहती है कि उसके बिना नहीं जी सकती तो सबसे ज्यादा बुरा मुझे लगता है।

मुझे कभी ये मानसिकता समझ में नहीं आई कि लड़की किसी धोखेबाज को पहचानकर भी उसके साथ रिश्ता आगे क्यों रखना चाहती है? खैर जीवन के इस रहस्यभरे सवाल का जवाब मेरे पास भी नहीं है। फिलहाल सबसे यही कहूंगा कि जैसे ही पता चले कि लड़का धोखेबाज है, आप उनका साथ छोड़ें चाहे प्यार कितना भी गहरा हो। ऐसे प्यार का अंजाम बुरा ही होगा।

और अंजू, आपकी एक बेटी जो मां के पास बड़ी हो रही है, आप अब उनकी जिंदगी संवारने के लिए जीते चलिए। आप कमा रही हैं, बेटी की परवरिश कीजिए। धोखेबाजों से बचकर रहिए। आगे कोई बेहतर इंसान मिले तो पति से तलाक केस फाइनल होने के बाद शादी कर लीजिएगा नहीं तो सिंगल लाइफ भी खराब नहीं है, कई लोग जी रहे हैं। और बच्चे को आपने नहीं मारा, मैं एक मां की भावना को समझा तो नहीं सकता लेकिन जो हो गया, उसे बदल तो नहीं सकते…आगे कुछ बुरा न हो, इसका ख्याल रखिए, यही जिंदगी है। गीता में भगवान कृष्ण ने कहा है कि जो होता है, अच्छे के लिए होता है…मैं भी यही मानता हूं।

पेज रीडर्स की सलाह

समाज के लोग कह रहे, प्रेम विवाह किया तो हुक्का पानी बंद करेंगे, कैलाश की स्टोरी

मैं गुजरात से कैलाश हूं। मेरा गांव है जिसमें मैं एक लड़की से प्यार करता हूं। वो मेरे पड़ोस में रहती है। बचपन से ही हम साथ पढ़े। पहली क्लास से ग्रेजुएशन तक हम दोनों सच्चे दोस्त की तरह साथ चले और हमारी दोस्ती बढ़ती ही गई। वो मुझे बहुत प्यार करती थी पर मुझे इसका अहसास नहीं था। लगता था कि वो मेरी अच्छी और सच्ची दोस्त है। मैं ये भी सोचता था दोस्ती में प्यार नहीं हो सकता। मुझे इस बात का भी डर था कि हम दोनों पड़ोसी हैं तो हमारा रिश्ता कोई स्वीकार नहीं करेगा।

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जब हम 11वीं में गए तब उसने मुझे प्रपोज किया था। मैंने उस वक्त उसका जवाब नहीं दिया और मैं हंसने भी लगा। हम दोनों एक ही बस से कॉलेज जाते थे। वो मुझे प्रपोज करने के बाद जवाब के लिए रोज पूछती थी तो मैंने एक दिन उसको बस के अंदर ही थप्पड़ मार दिया। मैंने उससे बात करना ही छोड़ दिया। हम दोनों दोस्त थे इसलिए ये सब मुझे अच्छा नहीं लग रहा था। फिर एक ही बस स्टैंड पर हम दोनों रोज खड़े होते थे लेकिन बात नहीं करते थे। वो मुझे सॉरी बोलना चाहती थी या मैं भी उसको सॉरी बोलना चाहता था लेकिन हम एक-दूसरे से कह नहीं पाए।

इसके बाद मुझे उसकी याद आने लगी क्योंकि ग्रेजुएशन में वो दूसरे कॉलेज में जाने लगी थी। मैं अकेला पड़ गया था। उसे लग गया था कि मैं उससे अब कभी बात नहीं करूंगा। मुझसे खाना नहीं खाया जाता था, वो मेरा कॉल भी रिसीव नहीं करती थी। उसने मैसेज किया था कि मुझे अकेला छोड़ दो। फिर एक दिन मेरे कॉलेज में एनुअल फंक्शन था जिसमें मैंने ड्रामा में एक्टिंग की थी। वो देखने आई थी तो मुझे लगा था कि वो मेरी एक्टिंग के बारे में कुछ कहेगी। हुआ भी वैसा ही। ड्रामा के बाद उसने मिलने के लिए बुलाया।

उसका मैसेज आया तो मैं उससे कॉलेज गेट पर मिला। मैंने उसको गले लगा लिया और वो भी बहुत खुश हुई। मुझे पता चला कि उसके पापा शादी के लिए लड़का खोज रहे थे। मैंने उससे कहा कि तुम शादी से मना कर देना चाहे कोई भी लड़का देखने आए। हम दोनों ने अपने मम्मी पापा से हमारी शादी के बारे में बात की। थोड़े दिनों में दोनों के मम्मी पापा तो मान गए लेकिन हमारे गांव समाज के लोगों ने विरोध कर दिया। कहा कि अगर यह शादी हुई तो हुक्का पानी बंद कर देंगे और गांव से निकलना पड़ेगा।

हम दोनों कोर्ट मैरिज कर सकते हैं लेकिन हम एरेंज मैरिज करना चाहते हैं जिसके लिए हमारी बिरादरी तैयार नहीं है क्योंकि हम एक ही गांव के हैं। रोज लोगों के ताने सुन-सुनकर मैं परेशान हूं। हम दोनों कहीं साथ नहीं जा सकते क्योंकि रास्ते में लोग टीका-टिप्पणी करते हैं। हमें क्या करना चाहिए?

पेड एडमिन राजीव की सलाह

गुजरात के कैलाश जी, आपने बताया कि बिरादरी के लोग आपको गांव से निकालने की धमकी दे रहे हैं। व्यावहारिक तौर पर देखा जाय तो इस शादी को बाद वाकई वो लोग आपका जीना मुश्किल कर सकते हैं। साथ ही आपके परिवार को लोग भी बिरादरी के गुस्से को देखकर कदम पीछे खींच सकते हैं।

यह मामला समाज से लड़ाई का है। प्यार एक तरफ है और जालिम समाज एक तरफ। खुद पर यकीन कीजिए और गांव बिरादरी के लोगों से लड़ने के लिए मानसिक रूप से तैयार होकर शादी कीजिए। वैसे हो यह भी सकता है कि शादी को बाद लोग आप दोनों को स्वीकार कर लें ये सोचकर कि चलो कर लिया तो अब क्या…वैसे गुजराती समाज बहुत कठोर है, यह मुझे तब मालूम हुआ जब वहां के लड़के-लड़कियों से जज्बात पेज के जरिए बात करने का मौका मिला।

हरियाणा की खाप पंचायतें अपने ऐसे ही तुगलकी फैसलों के लिए मशहूर है। हमारे समाज में शुरू से एक मान्यता है कि गांव के सभी लड़के-लड़कियां भाई-बहन हैं। हलांकि यह मान्यता ही है, मैं खुद इस मान्यता को नहीं मानता। जब भी दो अपोजिट जेंडर एक जगह होंगे तो प्यार के रिश्तों का पनपना स्वाभाविक है। हर किसी का भाई-बहन का रिश्ता ऐसे थोपने से नहीं बन जाता।

अब समाज जो मानता है, उसे अधिकांश लोग मानते हैं इसलिए उनकी ताकत ज्यादा हो जाती है। हम जो मानते हैं, उसमें हम अकेले पड़ जाते हैं और ऐसी लड़ाई हमें अकेले ही लड़नी पड़ती है। आज के भारत में कम से कम गुजराती तो भूखा नहीं मर सकता…अगर प्यार किया है तो प्यार के लिये लड़ने का जज्बा भी रखिए।

गांव के लोग परेशानी खड़ी करेंगे। आप दोनों परिवार के बड़े लोगों को समाज में जीने में परेशानी हो सकती है। उनको साथ लीजिए…उनके साथ बैठकर बात कीजिए। इस मामले में अगर घरवाले आपके साथ होंगे तो और भी अच्छा रहेगा।

पेज रीडर्स की सलाह

उसने प्यार का नाटक किया और मेंटल टॉर्चर कर मुझे पागल कर दिया, प्रेरणा की स्टोरी

मैं प्रेरणा मध्य प्रदेश से। मैं अपनी स्टोरी पोस्ट इसलिए कर रही हूं क्योंकि मुझे अपनी एक बात पर हमेशा गिल्ट फील होता रहता है और जिस वजह से मैं डिप्रेशन में हूं। इतनी डिप्रेश्ड हूं कि शायद अगली सुबह देख नहीं पाऊंगी। मैं स्टडी में बहुत अच्छी थी और एलएलबी करके कुछ करना चाहती थी। पर किस्मत ने इतना दर्द लिख दिया कि अब सारे सपने अधूरे लगते हैं। बहुत कोशिश करती हूं कि खुश रहूं लेकिन हंसना जैसे एक सपना बन गया है।

मेरे घरवाले शादी के लिए एक लड़का देख रहे थे पर उनके यहां पैसों की डिमांड बहुत ज्यादा थी इसलिए मेरे पापा रेडी नहीं हुए। फिर एक दिन उस लड़के का मेरे पास मैसेज आया कि उसे कुछ बात करनी है। मुझे पहले पता नहीं था कि वो लड़का कौन है। मैंने रिप्लाई दिया तो फिर उसने अपना परिचय दिया। मैंने उसे क्लियर कर दिया कि मेरे पापा शादी के लिए तैयार नहीं हैं तो उसने कहा कि वो अपने घर बात करेगा।

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इसके बाद वो रोज मुझे फेसबुक पर मैसेज करने लगा। मैं कभी-कभी रिप्लाई दे देती थी। मैंने उसे कई बार बोला कि प्लीज मैसेज मत करो पर उसने कहा कि फ्रेंड बन जाओ तो मैं मान गई। इसी बीच उसने मुझसे मेरा नंबर मांगा और मैंने उसे नहीं दिया। इसके बाद वो अपने मम्मी पापा की कसम खाकर बोला कि वो कभी कॉल नहीं करेगा, बस इमरजेंसी पड़ी या शादी की बात होगी, तभी कॉल करेगा। मैंने नंबर दे दिया तो इसके बाद वो मुझे बार-बार कॉल करके परेशान करने लगा।

वो मुझे कॉल पर बात करने के लिए रिक्वेस्ट करने लगा। मैं उसकी बातों में आ गई और एक फ्रेंड की तरह बात करने लगी। फिर उसने मुझे एक दिन प्रपोज किया और न जाने क्यों मैंने एक्सेप्ट कर लिया। उसने मुझसे वादा किया कि वो मेरे घर आकर शादी की बात करेगा और शादी करेगा इसलिए मैंने प्रपोजल एक्सेप्ट किया था। मैंने बाद में कई बार उससे रिश्ता तोड़ना चाहा और कहा कि परिवार की मर्जी से कहीं शादी कर लो लेकिन वो मुझे सुसाइड करने की धमकी देकर बात करने पर मजबूर करता रहा। वो मुझे फैन से लटकने की फोटो भेजता था तो मैं अटैच्ड होती चली गई।

वो मेरी कमजोरी का फायदा उठाता गया। बार-बार सुसाइड करने की धमकी देता था और बहुत प्यार करता है, ऐसा अहसास कराता रहता था। फिर एक दिन उसने बताया कि उसकी शादी फिक्स हो गई है। मैंने उसे बहुत रो रोकर समझाया, रिक्वेस्ट की, भीख मांगी पर वो अपनी फैमिली को शादी से मना करने के लिए तैयार नहीं हुआ। उसने मुझे इग्नोर करना शुरू कर दिया। यहां तक कि मुझसे पीछा छुड़ाने के लिए फिर सुसाइड का ड्रामा किया। मुझे उसने इतना मेंटल टॉर्चर किया कि मैं पागल होने लगी।

मुझसे ये बर्दाश्त नहीं हुआ और मेरी एक फ्रेंड ने बोला कि तू उसे गालियां दे। मैंने कॉल लगाकर उसे बहुत बद्दुआएं दीं पर मैं उससे प्यार करती थी। वो मेरे साथ कुछ भी करे, मैं उसका बुरा नहीं कर सकती थी इसलिए मुझे गिल्ट फील हुआ और उससे सॉरी बोला। फिर उसने मुझे बहुत बुरा भला कहा और मुझे मरता हुआ छोड़ गया। वो अपनी मंगेतर से बात करने लगा। एक दिन उसने मुझे कॉल कर कहा कि तुमने मुझे बद्दुआ देकर अच्छा नहीं किया। मुझे बहुत गिल्ट फील कराया।

उसकी शादी हो गई। अब मुझे अंदर से बहुत गिल्ट फील होता है जैसे मैंने किसी का मर्डर कर दिया हो। मैं बाहर नहीं जा पा रही हूं। बहुत डरी सहमी रहती हूं। हल्की आवाज से भी डर जाती हूं। माइंड जीरो हो जाता है। ऐसा लगता है जैसे मर जाऊंगी मैं। प्लीज आप बताइए कि क्या मैंने कुछ गलत कर दिया। उसने मुझे शादी के सपने दिखाए और बाद में मुझे बोल दिया कि गलती तेरी थी, तूने क्यों नंबर दिया, क्या हर किसी लड़के को तू नंबर दे देगी। उसकी इस बात ने मुझे अंदर तक हर्ट कर दिया। मैंने जवाब दिया कि ठीक है , जैसे आज तू मेरे साथ कर रहा है, तेरे साथ भी कल वैसा होगा। क्या ये बैड विश है जो मैंने उससे कहा, प्लीज बताइए।

पेड एडमिन राजीव की सलाह

आप अपनी जिंदगी की कहानी में कहीं कसूरवार नहीं तो खुद को क्यों दोषी मान रही हैं। धोखा उसने दिया और दोषी आप खुद को मान रही हैं। आपने उसको बद्दुआ देकर बहुत अच्छा किया, उसको जूते से मारना चाहिए था या उसको जेल भिजवाना चाहिए था। ऐसा इंसान धरती पर न रहे, उसी में भलाई है क्योंकि वह आगे भी आप जैसी कितनी मासूम लड़कियों के साथ ऐसे ही सुसाइड का ड्रामा कर फंसाएगा और उसका यूज करेगा।

आपकी बातों से लगा कि आपकी मानसिक हालत ठीक नहीं है। आप घर में किसी करीबी से अपने मन की बातें कहिए। मन में बातें रहेंगी तो आपको काटती रहेंगी। आप किसी भी तरह से दोषी नहीं हैं। आप गिल्ट फील मत करिए। गिल्ट तो उस क्रूर इंसान को फील करना चाहिए जिसने इतना कुछ आपके साथ किया और उस पर आप कह रही हैं कि वो कितना भी बुरा कर ले, आप उसके कुछ भी बुरा नहीं कर सकती।

प्रेरणा अपनी जिंदगी और सोच को मजाक मत बनाइए। डिप्रेशन और ऐसे मानसिक हालात होने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। आपने कहा कि आप डरी सहमी रहती हैं, आवाज से भी डर जाती हैं। यह क्रिटिकल कंडीशन है। आपके घरवालों को ये सब मालूम है कि नहीं…कैसा समाज है ये..घर में ही कोई इतना घुटता रहता है और किसी को कुछ पता नहीं होता…

पेज रीडर्स की सलाह

वो मेरी बात नहीं मानती, कहती है मेरे ऊपर दिमाग न लगाओ, विराट की स्टोरी

मेरा नाम विराट है। गरिमा से दोस्ती है। मैं उससे बहुत प्यार करता हूं लेकिन वो मुझे अपना दोस्त ही मानती है। हम लोग चार साल से एक दूसरे के साथ हैं, चाहे कितनी भी लड़ाई हो जाए पर हम लोग एक दूसरे से बात किए बिना नहीं रह सकते हैं।

अब वो बदली-बदली सी लग रही है। पहले मैं जिस बात को करने से मना करता था, वो नहीं करती थी लेकिन अब वो मेरी बात नहीं मानती है। कहती है कि ये मेरी लाइफ है, मैं चाहे जैसे जीऊं, तुम्हें क्या इससे मतलब। उसने मुझसे बात करना भी कम कर दिया है।

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पहले जो भी बात हुआ करती थी वो हमें बताया करती थी पर अब कुछ भी नहीं बताती है। जब मैं कुछ पूछता हूं तो वो कहती है कि तुम अपने काम से काम रखो, फालतू का मेरे ऊपर दिमाग न लगाओ और बात करने से मना कर देती है।

अब बताओ दोस्तों, हम क्या करें…जो हम फिर से उसे पा सकें, वो पहले की तरह हमसे बात करे, हमारे साथ रहे, हमसे लड़ाई नहीं करे, हमारे साथ खुश रहे..

पेड एडमिन राजीव की बात

गरिमा अपनी जगह सही है। आप पजेसिव मत बनिए। रिश्ते की सीमा को समझिए। गरिमा अपनी जिंदगी के फैसले लेना चाहती है, इसमें आपको दखल देने की जरूरत नहीं। वो सही कह रही है कि आप उसकी जिंदगी के लिए ज्यादा दिमाग मत लगाइए। ऊपरवाले ने हर किसी को अपनी जिंदगी पर लगाने के लिए पर्याप्त दिमाग दिया है। आप भी अपना दिमाग अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने में और फैसले लेने में लगाएं। आप जो जिद किए बैठे हैं, उसका एक ही समाधान है कि आप जिद छोड़ दें।

पेज रीडर्स की सलाह

मैंने गर्लफ्रेंड को रोका-टोका तो उसने मुझे सायको समझ लिया और दूर हो गई

मैं अभिषेक। मैं उसे सोना कहा करता था। बचपन से ही उसे बहुत प्यार करता था लेकिन मैं उससे कह नहीं पाता था। साल बीतते गए लेकिन मुझमें इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं सोना को बोल पाता। जब मेरा जेईई मेंस में सेलेक्शन हो गया तो मैंने कॉलेज में ही उसे प्रपोज किया तो वो मान गई थी।

हम दोनों के बीच तीन साल तक सबकुछ ठीक चलता रहा। मुझे इतना प्यार हो गया था कि थोड़ी भी वो कहीं बिजी रहती तो मैं उससे पूछने लगता था कि कहां बिजी रहती हो, छोटे कपड़े क्यों पहनती हो…मैं उसे खोना नहीं चाहता था। वो मेरा पहला प्यार थी।

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सोना ने मुझे सायको समझ लिया और मुझे छोड़ दिया। आज भी जब मैं कॉल करता हूं तो वो बोलती है कि कॉल मत करना, नहीं तो मैं पुलिस को नंबर दे दूंगी। आज भी मुझे उसकी याद आती है तो बहुत रोता हूं। मैं उसे भूल नहीं पाता। उसकी फोटो देख हर दिन रोता हूं।

वो मेरी फीलिंग नहीं समझती। मुझे वो फोन नहीं करने के लिए बोलती है जबकि मैं कॉल पर ही रो देता हूं। आज भी मैं उससे बेपनाह मोहब्बत करता हूं। मुकद्दर में जिनसे मिलना नहीं, उनसे मोहब्बत भी कसम से कमाल की होती है…

पेज एडमिन राजीव की बात

प्रेम जिसके मन में फूटता है वहां उसके साथ आजादी की भावना भी होती है। अगर कोई लड़की किसी लड़के को भी ज्यादा रोक-टोक करती है तो रिश्ता नहीं चलता। पजेशन की भावना से भी प्यार का रिश्ता खराब होता है। आपने प्यार तो किया लेकिन सोना से जीने की आजादी छीन ली, इसलिए उन्होंने आपको सायको समझ लिया। अब उसको समझाना मुश्किल होगा इसलिए आप आगे से ध्यान रखिए और किसी पर भी अपनी बात मत थोपिएगा।

पेज रीडर्स की राय

मैं किसी से प्यार करती हूं लेकिन पापा मेरे लिए लड़का खोज रहे हैं, माही की स्टोरी

मैं बिहार से माही हूं। तीन साल पहले मेरी फ्रेंडशिप फेसबुक पर एक लड़के से हुई। वो यूपी का है और जॉब करता है। हमदोनों रोज बातें करने लगे। वो मुझसे हर बात शेयर करने लगा। धीरे-धीरे हमारी फ्रेंडशिप प्यार में बदल गई। मैं उसे तीन साल से जानती हूं लेकिन हमारी कभी मुलाकात नहीं हुई है।

वो मुझसे मिलना चाहता है। मेरी नजर में बहुत अच्छा लड़का है। मैं उससे बहुत प्यार करती हूं। वो भी मुझे बहुत प्यार करता है। मेरे बिना वो एक पल नहीं रह सकता। वो मुझसे शादी करना चाहता है। मैं भी उसे बहुत चाहती हूं लेकिन मैं बहुत डरती हूं कि कहीं हमलोग अलग न हो जाएं।

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मैं एक मिड्ल क्लास फैमिली से हूं। मेरे पापा बहुत स्ट्रिक्ट हैं। मैं जानती हूं कि मेरे पापा हमारी शादी के लिए कभी रेडी नहीं होंगे क्योंकि वो बहुत दूर रहता है और फेसबुक का प्यार है। मैं पापा की एक ही बेटी हूं तो उन्होंने कभी खुद से मुझको दूर नहीं किया। अब वो कहीं दूर मेरी शादी भी नहीं करेंगे। मैंने इस बारे में मां से बात की तो उन्होंने भी कहा कि पापा नहीं मानेंगे।

मैं उसके बिना नहीं रह सकती। एक दिन भी बात नहीं होती तो मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लगता। मैं उससे बात करने के लिए पागल होने लगती हूं। मैं खुद को उससे एक पल भी अलग नहीं कर सकती। मेरे प्यार के बारे में मेरी मम्मी को पता है लेकिन वो भी बार-बार कहती है कि यह शादी नहीं हो सकती।

पापा अब मेरे लिए रिश्ता खोज रहे हैं। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा कि मैं क्या करूं? मैं उसके बिना जीने की कल्पना भी नहीं कर सकती हूंं। वो कहता है कि चलो, कोर्ट मैरिज कर लेते हैं लेकिन मैं फैमिली के खिलाफ शादी नहीं कर सकती। मेरी फैमिली मुझसे बहुत प्यार करती है।

मैं क्या करूं, कुछ समझ में नहीं आ रहा। मैं उसके बिना नहीं जी सकती। मैंने इस पेज की कुछ स्टोरी पढ़ी तो वहां सबको हेल्प मिली हैं। मुझे भी आप सबकी हेल्प की जरूरत है, मैं बहुत परेशान हूं, प्लीज मेरी हेल्प कीजिए…

पेज एडमिन राजीव की बात

माही, और भी गम हैं जमाने में मोहब्बत के सिवा…शायद लड़कियों को भी ये समझने की जरूरत है। खैर, आपकी सिचुएशन में दो ही विकल्प बचते हैं- या तो फैमिली को अपनाइए या फिर प्यार को अपनाइए। प्यार को अपनाएंगी तो फैमिली को छोड़ना होगा या फैमिली को चुनेंगी तो प्यार को छोड़ना होगा।

तीसरा विकल्प होता है घरवालों को मनाने का। अगर इस कोशिश में असफल हों तो फिर वही पहले वाले दो विकल्प बचते हैं। दिमाग के जाले साफ कीजिए। विकल्पों पर विचार कीजिए। उलझन नहीं रहेगी। किसी भी परिस्थिति में इंसान ऑप्शन देखता है।

अगर दो ऑप्शन हैं और दोनों ही ऑप्शन में से किसी एक को चुनना हो तो स्पष्ट फैसला जीवन को उलझनों से बचाता है वरना वक्त के सिवा दुनिया की कोई ताकत ऐसी उलझनों को नहीं सुलझा सकती।

पेज रीडर्स की बात

अपने मन से पूछिए, कई समस्याओं का समाधान मिल जाएगा

कल रात इस पेज के एक रेगुलर रीडर का मैसेज आया। अक्सर उनके कमेंट आते हैं। उन्होंने जब अपनी प्रॉब्लम बताई तो मैं थोड़ा चौंक गया। उन्होंने बताया कि चार महीने पहले उनकी प्रेमिका की शादी किसी और से हो गई और वो उनसे अब कॉल पर बात करती है। चूंकि वे खुद काफी संवेदनशील और समझदार इंसान हैं इसलिए उनको लगा कि इसमें कुछ गलत है लेकिन वो खुद को बात करने से रोक नहीं पा रहे इसलिए उलझे हुए थे।

मैंने उनसे कहा कि ऐसी परिस्थिति में आप जो दूसरों को सलाह देते वही समाधान है। हलांकि उन्होंने जाते-जाते लिखा कि उनको समाधान मिल गया और मेरा धन्यवाद भी किया।

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जब आपके मन में इस तरह की कोई उलझन या समस्या हो तो उसके समाधान के लिए विचार तलाशने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप यह सोचें कि आपकी सिचुएशन में अगर कोई और होता तो उसे आप क्या सलाह देते। आप जो दूसरों को सलाह देते, वही समाधान है और उसी पर एक्शन लेना चाहिए।

जैसे कोई आपसे कहे कि शादी के बाद भी किसी और की बीवी बन चुकी प्रेमिका मुझसे बात करती है तो आप तुरंत कहेंगे कि नहीं ये ठीक नहीं है, उसका घर उजड़ सकता है वगैरह वगैरह। बस जो दूसरों के मामले में लागू होता है उसे भी आप अपनी जिंदगी में भी लागू कीजिए। अमूमन लोग दूसरों की जिंदगी की उलझनों पर तो सलाह दे लेते हैं लेकिन अपनी जिंदगी उलझती है तो कुछ सोच नहीं पाते।

सोचने के लिए खुद के अंदर झांकना जरूरी है। जैसे आप दूसरों को देखते हैं, वैसे ही खुद को आईने में देखिए। देखिए कि आईने में ये कौन है और फिर उसे बताइए कि तुमको क्या करना चाहिए। कभी-कभी खुद को ही दूर खड़े रहकर देखने से जीवन की बहुत सारी बातें समझ में आती हैं कि आखिर हम कर क्या रहे हैं। आशा है आप यह नहीं कहेंगे कि फिलॉसफी झाड़ रहा हूं और यह बात आपके सर पर से भी नहीं गुजरी होगी। एक शायर ने लिखा-

दूसरों से मिलना तो बहुत आसान है साकी
अपनी हस्ती से मुलाकात बड़ी मुश्किल है

जिस दिन आप खुद से बात करने लगेंगे। खुद से संवाद स्थापित कर पाएंगे, बहुत सारी समस्याओं का समाधान मिल जाएगा। अकेलापन भी दूर होगा जब आपके अंदर ही आपको कोई मिल जाएगा, उसे तलाशिए। बाहर से ज्यादा हमारे अंदर बहुत कुछ है।

ब्रेकअप के बाद वो मुझसे प्यार करने लगी, फिर बीएफ के पास वापस चली गई

मैं यूपी से आभास कुमार हूं। मैं टीचर की नौकरी करता हूं। सबकी तरह मेरी भी लव लाइफ में प्रॉब्लम है इसलिए शेयर करना चाहता हूं। मैं अपनी लाइफ जी रहा था और स्कूल की नौकरी कर रहा था। 2016 के जनवरी में मेरे पास वाट्सएप पर मैसेज आया, वो मैसेज स्कूल में ही पढ़ाने वाली एक लेडी टीचर का था।

वैसे तो वो नॉर्मल मैसेज ही था लेकिन इसकी वजह से हमारी बातें शुरू हुईं। एक दिन उसने मुझे बताया कि उसका बीएफ उस पर बहुत ज्यादा शक करता है। मैंने उसको बोला कि उसको समझाओ और परेशान मत हो। ऐसे ही चलता रहा। वो जो भी काम बोलती थी, वो मैं कर देता था।

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फिर एक दिन वो रोने लगी। बोली कि मेरा ब्रेकअप हो गया। मैंने फिर उसको समझाया। फिर हमारी बातें देर रात तक होती रहीं। कभी कभी सुबह भी हो जाती थी बात करते-करते। और एक दिन उसने कहा कि उसको मुझसे प्यार हो गया है। मुझे कुछ समझ नहीं आया कि क्या बोलूं?

वैसे मैं भी उसको लाइक करने लगा था लेकिन उसने मुझे सामने से प्रपोज किया था। उसने कहा कि सोच लो, फिर बता देना। मैंने उसका प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया। इसके बाद हम एक दूसरे कि बना खाना भी नहीं खाते थे। वो मेरे लिए लंच लाती थी। साथ जीने मरने की कसमें खाती थी। ये हाल था कि वो मेरे बिना और मैं उसके बिना रह नहीं पाता था।

लेकिन एक दिन उसका फोन आया और वो कहने लगी कि उसका एक्स बीएफ बहुत रो रहा है और वो उसको ऐसे नहीं देख सकती तो मुझको भूल जाओ, जो कुछ भी हुआ, वो सब भूल जाओ। अब आप लोग ही बताइए कि इसमें मेरी क्या गलती थी?

पेज एडमिन राजीव की बात

मैं रोज लोगों की लव स्टोरी से गुजरता हूं और अपनी जिंदगी के भी अनुभव हैं। दोनों को मिलाकर मैं आपके प्रश्न का जवाब दे रहा हूं –

– ब्रेकअप के बाद नए किसी को पकड़ने के पीछे लवर की एक रणनीति होती है चाहे वो लड़का हो या लड़की। मैं दोनों की फितरत की बात कर रहा हूं। प्लान ये होता है कि नए के सााथ प्रेम-प्रसंग बढ़ेगा तो पुराना वाला जलभुनकर खुद ही वापस उनकी लाइफ में आ जाएगा। और अक्सर यही होता है…जैसे ही यह होता है तो नए साथी से तुरंत ब्रेकअप कर पुराने साथी यानी एक्स का दामन थामने में ऐसे लवर देर नहीं लगाते।

– दूसरी रणनीति टाइमपास और दर्द में किसी की सहानुभूति पाने की होती है। कोई भी अपना दुखड़ा किसी के सामने रोएगा तो निश्चित तौर पर सामने वाले के दिल पर इसका असर होता। एक्स के साथ जो टाइमपास होता था वो टाइम ब्रेकअप के बाद भी पास होता रहे इसलिए नए साथी के सहारे की तुरंत तलाश की जाती है।

– इसमें प्रॉब्लम यह होती है कि लोग तो अपने प्यार के पास लौट जाते हैं लेकिन नए साथी को प्यार के पहले ही कदम पर धोखा दे जाते हैं। नया साथी पहले ही प्यार में ऐसा सबक पाता है कि इससे उसकी जिंदगी पर काफी बुरा असर पड़ता है।

– प्यार का यह खेल हमारे समाज में बहुत होता है और इस खेल का शिकार होने में हमारी भी नासमझी होती है लेकिन नासमझ दिल ऐसी ही ठोकरों से समझदार बनता है वरना हमारी सोसायटी में कोई ऐसी पाठशाला नहीं जहां दिल धोखे न खाने की ट्रेनिंग ले। रियल लाइफ के प्यार में ही दिल की ट्रेनिंग होती है।

पेज रीडर्स की सलाह