Tag Archives: real life love story

love story of Khushi from Delhi – दिल्ली से खुशी की लव स्टोरी

मेरा नाम खुशी है। मैं अपनी प्रॉब्लम किसी से शेयर नहीं करती क्योंकि किसी पर ट्रस्ट नहीं है मुझे। सब धोखा देते हैं। पर यहां मुझे कोई नहीं जानता तो शायद मैं अपनी कहानी कह सकती हूं, लेकिन कैसे कहूं यह समझ में नहीं आ रहा है। फिर भी मैं अपनी बात रख रही हूं, उम्मीद है आप समझेंगे।

real love story

हम हमेशा से अपनी फैमिली को बहुत महत्व देते आए हैं। उनके लिए हम कुछ भी कर सकते हैं। हमें कितने भी दुख हों लेकिन हम उनको नहीं बताते क्योंकि हम अपनों को खुश और हंसते देखना चाहते हैं। इसी वजह से मैं आज प्रॉब्लम में फंस गई हूं।

मेरी एक बहन है, उसकी शादी को 17 साल हो चुके हैं। उसको दो बच्चे भी हैं। वह अपनी मैरीड लाइफ में बहुत खुश है लेकिन वह अपने हसबैंड की सच्चाई नहीं जानती। वह बहुत बुरा इंसान है। पिछले 8 सालों से वो मुझे बहुत परेशान कर रहा है। पहले तो वो जीजा वाले मजाक करता था लेकिन धीरे-धीरे वह ज्यादा बोलने लगा। उस समय मैं बहुत छोटी थी और कुछ समझ नहीं पाती थी।

पर जैसे-जैसे मैं बड़ी होती गई, उसकी बदतमीजी भी बढ़ती गई। मुझे कहता है कि अगर किसी से कुछ कहोगी तो तुम्हारी बहन को छोड़ दूंगा। और भी बहुत कुछ वह बोलता है जिसे मैं यहां नहीं बता सकती। मैं चुप रही क्योंकि हम अपनी फैमिली को खुश देखना चाहते थे। फिर कुछ दिन बाद हमारे बहुत रोने पे, बहुत रिक्वेस्ट करने पर उसने यह सब बंद कर दिया। एक दिन वह मेरे घर आया। उस समय मैं घर में अकेली थी। उस दिन उसने मेरे साथ जबरदस्ती की।

मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि अब मैं क्या करूं। हम घर में सबको बताना चाहते थे पर हम अपनी सिस्टर और अपनी फैमिली की खुशियों के लिए चुप रह गए और उसने जबरदस्ती उस दिन हमारी कुछ पिक्स भी ले ली। फिर वह हमें रोज धमकी देता था कि किसी से कुछ कहा तो पिक्स का मिसयूज करेगा।

मैं पूरी तरह परेशान हो गई और डिप्रेशन में चली गई। मैंने खुदकुशी करनी चाही लेकिन मेरे एक दोस्त ने मुझे बचा लिया। वह दोस्त बाद में मेरा ब्वायफ्रैंड बन गया। मैंने उसको सबकुछ बता दिया। यह जानते ही वह मुझे रोज कॉल, मैसेज करके ब्लैकमेल करने लगा। मुझे वह अपनी हर बात मानने के लिए कहता और धमकी देता कि अगर मैंने इनकार किया तो वह सारी कहानी मेरे घरवालों को बता देगा।

मैंने भी कह दिया कि जो करना हो कर लो, तुम्हारी एक भी बात नहीं मानूंगी। फिर भी वह मुझे धमकी देता रहा। कुछ टाइम बाद वह हमारे बहुत रिक्वेस्ट करने पर खुद ही शांत हो गया लेकिन अब फिर से वह मुझे परेशान करने लगा है।

हमें कुछ भी समझ नहीं आता कि अब हम क्या करें। हमें पता है कि हर कोई हमें गलत ही समझेगा। हमारी गलती बताएगा क्योंकि हम इस बारे में घरवालों को नहीं बताते हैं। पर कोई ये नहीं समझता कि हम अपने घरवालों को एक सेकेंड भी दुखी नहीं देख सकते। बस उन्हीं के लिए तो हम जी रहे हैं। उनको कुछ बताने से अच्छा तो मर जाना है। वो लोग इस दुख को कभी भी बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे।

कुछ दिन बाद ब्वॉयफ्रेंड ने भी यह कहते हुए मुझे छोड़ दिया कि उसको मुझपर ट्रस्ट नहीं है। उसे लगता था कि मैं अपनी फैमिली के लिए कुछ भी कर सकती हूं तो उसकी हर बात भी मान लूंगी। उसने यह भी कह दिया कि जिस लड़की के साथ यह सब हो चुका है, उसके साथ वह शादी नहीं कर सकता। लेकिन वह तो यह सब जानने के बाद मेरा ब्वॉयफ्रेंड बना था।

मैं पूरी तरह से टूट गई हूं। पहले ही सिस्टर के हसबैंड की वजह से इतनी टेंशन में थी और वह ब्वॉयफ्रेंड जिससे मैंने इतना प्यार किया, ट्रस्ट किया, उसने भी मेरा साथ छोड़ दिया। किसी पे अब मुझे भरोसा नहीं। किसी से बात करने का मन नहीं करता। क्या सच में बस मैं गलत हूं….मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा, आप बताइए।

हर समय खुद को कोसती रहती हूं। मरना चाहती हूं लेकिन फैमिली के बारे सोचकर वो भी नहीं कर पा रही। आखिर करें तो क्या करें?

Advertisements

इंदौर से प्रीति की रियल लव स्टोरी – love story of priti fro indore

मेरा नाम प्रीति है। मैं 24 साल की हूं। मेरी प्रेम कहानी आज से चार साल पहले शुरू हुई थी। तब मैं अपने शहर के एक कॉलेज में पढ़ती थी। मेरे भाई, पापा या चाचा मुझे कॉलेज छोड़ने जाते थे। कॉलेज की पार्किंग एरिया में मैं रोज एक चेहरे को देखती थी जो मुझे अक्सर देखकर स्माइल करता रहता और जब मुझसे नजरें मिलती तो दूसरे तरफ देखने लगता था। वह हैंडसम था और मुझे वह पहली नजर में अच्छा लगा था। उसकी स्माइल बहुत प्यारी थी। यह उसका रोज का काम था और मैं उसको रोज इग्नोर कर देती।real love story

मेरे घर वाले मेरी दीदी और मेरे लिए रिश्ता खोज रहे थे। दीदी मुझसे थोड़ी सी बड़ी है। अचानक एक दिन मुझे पता चला कि दीदी से पहले मेरे लिए रिश्ता आया है तो मैं सोच में पड़ गई कि ऐसा कैसे हो गया। लड़के वाले हमारे घर आए तो मैं चौंक गई। वही पार्किंग एरिया में मुझे देखनेवाला लड़का अपनी फैमिली के साथ आया था। हम दोनों को कुछ देर के लिए अकेले में मिलने का समय दिया गया। हम दोनों छत पर गए। मैं थोड़ी डरी हुई थी और वह बोलता ही जा रहा था। उसने बताया कि उसकी बहन मेरे कॉलेज में मेरी सीनियर है और वह उसको छोड़ने रोज कॉलेज जाता था तभी उसने मुझे देखा था। एक ही कास्ट होने की वजह से वह रिश्ता लेकर आ गया। उस लड़के का नाम मनीष था।

मनीष ने शादी के बारे में मेरी राय पूछी तो मैं सोचने लगी। मैं उसको पसंद करने लगी थी लेकिन इतनी जल्दी मैंने हां कहना ठीक नहीं समझा। मैंने कह दिया कि घरवालों को रिश्ता मंजूर होगा तभी बात आगे बढ़ेगी। हम दोनों नीचे गए तो हमारी सगाई की बात चल रही थी। बाद में मेरी मनीष से सगाई हो गई और मुझे उससे प्यार भी हो गया। वह भी मुझसे बहुत प्यार करता था। लेकिन कुछ दिन बाद निजी कारणों से मैंने सगाई तोड़ दी। मनीष एटीट्यूड दिखाने लगा था। ब्रेकअप पर मैं बहुत टूट सी गई। मैं उसके लिए बहुत रोई और वह भी मेरे लिए बहुत रोया।

इसके बाद मनीष मेरा पीछा करने लगा। मैं जहां जाती, वह पीछे लग जाता। मैं अकेले कहीं नहीं जा सकती थी। मैंने उसका कॉल उठाना बंद कर दिया। मेरे घरवालों ने मेरा कॉलेज छुड़वा दिया। मैं मनीष का एटीट्यूड तोड़ना चाहती थी, उसे दिखाना चाहती थी कि मुझे उससे ज्यादा अच्छा लड़का मिल सकता है। मैं उसे भूलना चाहती थी। पर ना चाहते हुए भी वह याद आ ही जाता था। इस बात के छह महीने के बाद मैं पहले की तरह खुश रहने लगी थी।

इस बीच मेरी दीदी का रिश्ता भी आया और उनको देखने लड़केवाले आए। मैं अपने कजिन के साथ दूसरे कमरे में मस्ती कर रही थी। मेरे भाई ने उस दिन काली शर्ट पहन रखी थी। वह दिख नहीं रहा था तो मैं उसे खोजने लगी। खोजते-खोजते छत पर गई तो वहां काली शर्ट पहने एक लड़का दिखा जिसकी पीठ मेरी तरफ था। मैंने समझा मेरा भाई है और मैंने उसे धक्का दे दिया। वह गिरा तो मैंने देखा कि वह मेरा भाई नहीं, कोई और था जो लड़केवालों की तरफ से आया था। मेरी वजह से उसे चोट लगी थी। बाद में मुझे पता चला कि वह मेरी दीदी का होनेवाला देवर किशोर था।

दीदी का शादी हो गई। मैं किशोर की तरफ आकर्षित थी और शायद वह भी मुझे लाइक करता था। कुछ दिनों बाद दीदी ने अपनी ससुराल में मुझे कुछ दिन साथ रहने के लिए बुलाया। मैं चली गई। वहां एक दिन किशोर ने मुझे प्रपोज कर दिया और मैंने भी एक्सेप्ट कर लिया। लेकिन मैं अभी भी मनीष को भुला नहीं पाई थी इसलिए यह बात बताने के लिए मैंने उसको फोन किया। मनीष ने जवाब में कहा कि मुझे जलाना पूरा हो जाए तो बताना, तुम बस मेरी हो और तुम्हारी शादी बस मुझसे होगी। वह थोड़ा पागल है लेकिन बहुत अच्छा है।

इधर मेरे और किशोर के रिश्ते के बारे में घरवालों को पता चल गया। हमारी सगाई कर दी गई। अब मैं हर रोज किशोर से भी बात करती हूं और मनीष से भी। मैं बहुत कंफ्यूज्ड हूं कि आगे क्या करूं? किधर जाऊं?