एक मुद्दत से बहार शायरी पिक

बहार ए इश्क शायरी पिक

पास आने के लिए कितनी मोहलत चाहिए
एक मुद्दत से बहार आते-आते गुजर गई

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तुम्हारे दिल के करीब मैं हूं या नहीं, तुम बताते ही नहीं प्यार है भी या नहीं, तेरी खामोशी में मेरी मोहब्बत का राज दफन है।

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